IFFI 2024: सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला से दी सिनेमा दिग्गजों को श्रद्धांजलि, गोवा के मुख्यमंत्री ने जताया आभार
Sudarsan Pattnaik Tribute to Indian Legends at IFFI 2024: गोवा में आयोजित भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान मशहूर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने अपनी रेत कला के जरिए भारतीय सिनेमा के चार दिग्गज अक्किनेनी नागेश्वर राव, तपन सिन्हा, मोहम्मद रफी और राजकपूर को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी मूर्तियां उकेरी हैं, जो अब आम लोगों के दर्शन के लिए भी खुल चुका है।
विस्तार
मशहूर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने बीते गुरुवार को भारतीय सिनेमा के चार दिग्गज अक्किनेनी नागेश्वर राव, तपन सिन्हा, मोहम्मद रफी और राजकपूर की मीरामार बीच पर प्रतिकृति उकेरी थी। उनके द्वारा बनाई गई ये रचना मीरामार बीच पर बनाई गई सबसे बड़ी रेत की मूर्तियों में शामिल है, जो इन दिग्गजों का सिनेमा के प्रति योगदान को एक श्रद्धांजलि देती है। 55वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए सेलिब्रेशन के तौर पर उकेरी गईं रचनाओं का खुद गोवा के मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत ने उद्घाटन किया है।
मुख्यमंत्री ने सुदर्शन पटनायक का जताया आभार
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भारतीय सिनेमा के चार दिग्गजों को इतने रचनात्मक और कलात्मक तरीके से सम्मानित करने के लिए एनएफडीसी और सुदर्शन पटनायक के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह मीरामार बीच पर बनाई गई सबसे बड़ी रेत की मूर्तियों में से एक है, और यह इन महान व्यक्तियों की विरासत का एक सुंदर प्रमाण है। मैं पटनायक जी और पूरी टीम को उनके इस उल्लेखनीय प्रयासों के लिए बधाई देता हूं।” इसके साथ ही उन्होंने एलान किया ये सभी मर्तियां लोगों के द्वारा देखने आने के लिए पूरी तरह खुल गई हैं।
𝐈𝐧𝐭𝐞𝐫𝐧𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐅𝐢𝐥𝐦 𝐅𝐞𝐬𝐭𝐢𝐯𝐚𝐥 𝐨𝐟 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝟐𝟎𝟐𝟒 ||
— All India Radio News (@airnewsalerts) November 21, 2024
Padma Shri awardee Sudarsan Pattnaik has created a stunning sand art installation for the 55th edition of IFFI.
This masterpiece pays tribute to four iconic legends of Indian cinema and music,… pic.twitter.com/spIvuUU2dT
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इन मूर्तियों को बनाने में लगे दो दिन
अपनी इस रचना पर पटनायक ने कहा, “इस कलाकृति को पूरा करने में पूरे दो दिन लगे। एक दिन तैयारी के लिए और दूसरा जटिल नक्काशी के लिए।” बता दें कि सुदर्शन रेत कला में अपने योगदान के लिए विश्व स्तर पर पहचाने जाते हैं, जो अपनी कला का उपयोग विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने, अपने काम के माध्यम से शांति, सद्भाव और एकता को बढ़ावा देने के लिए करते हैं। उन्होंने आगे कहा, "मैंने पहले भी कान में अपनी रेत की मूर्ति प्रस्तुत की है, लेकिन यह पहली बार है जब मुझे आईएफएपआई में आमंत्रित किया गया है।"
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गोवा में रेत कला को लेकर हैं असीमित क्षमताएं
रेत कला के महत्व के बारे में बोलते हुए, सुदर्शन पटनायक ने रेत मूर्तिकला प्रशिक्षण के लिए एक केंद्र बनने की गोवा की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "गोवा, अपने खूबसूरत समुद्र तटों के साथ, एक समर्पित रेत कला प्रशिक्षण संस्थान होना चाहिए, जहां स्थानीय कलाकार और छात्र रेत मूर्तिकला की बारीकियों को सीख सकें। यह राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक बढ़िया वृद्धि होगी और दुनिया भर से गोवा आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने का एक शानदार तरीका होगा।"
Hon’ble CM of Goa Dr. Pramod Sawant today inaugurated my sand art installation at Miramar Beach as part of the 55th #IFFI celebrations.
— Sudarsan Pattnaik (@sudarsansand) November 22, 2024
The artwork is a tribute to four legendary figures of Indian cinema and music— Akkineni Nageswara Rao, Tapan Sinha, Mohammed Rafi, and Raj… pic.twitter.com/GcX57LNZz9
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