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कैंसर ने छीन ली इस अभिनेत्री की जिंदगी, महज 41 साल की उम्र में हुआ निधन; फैंस को लगा झटका
Mon, 29 Dec 2025 06:00 PM IST
हिमांशु सोनी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Mon, 29 Dec 2025 06:00 PM IST
सार
Actress Passed Away Due to Cancer: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अभिनेत्री का महज 41 साल की उम्र में निधन हो गया है। एक्ट्रेस ने कैंसर के चलते सोमवार सुबह आखिरी सांस ली।
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श्रबोनी बनिक
- फोटो : एक्स
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विस्तार
मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सोमवार सुबह कैंसर के चलते एक्ट्रेस के जान चली जाने की खबर ने फैंस को गहरा सदमा दिया। आखिर कौन हैं ये एक्ट्रेस जिन्होंने महज 41 साल की उम्र में अपनी जान गवा दी, चलिए जानते हैं।
बंगाली अभिनेत्री श्रबोनी बनिक का निधन
लोकप्रिय अभिनेत्री श्रबोनी बनिक का सोमवार सुबह करीब 9 बजे निधन हो गया। वह लंबे समय से फेफड़ों के कैंसर (पल्मोनरी एडेनोकार्सिनोमा) और मेटास्टेसिस से जूझ रही थीं। बीते कुछ हफ्तों में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तमाम कोशिशों के बावजूद वह जिंदगी की यह जंग हार गईं और अपने चाहने वालों को गहरे शोक में छोड़ गईं।
बंगाली टेलीविजन इंडस्ट्री का बड़ा नाम
श्रबोनी बनिक का नाम बंगाली टेलीविजन इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद और सशक्त कलाकार के रूप में लिया जाता रहा है। उन्होंने अपने अभिनय से छोटे पर्दे पर कई यादगार किरदारों को जीवंत किया। ‘जहानारा’, ‘लालकुठी’, ‘रंगा बौ’, ‘गोधूलि आलाप’ और ‘सोहाग चांद’ जैसे धारावाहिकों में उनके काम को दर्शकों ने खूब सराहा। उनके अभिनय में एक सहजता और भावनात्मक गहराई थी, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दिलाती थी।
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यह खबर भी पढ़ें: प्रभास की फिल्म 'द राजा साब' ने रिलीज से पहले कमाए करोड़ों, जानकर हो जाएंगे हैरान
परिवार ने मांगी थी मदद
बीमारी के दौरान उनका परिवार भी बेहद कठिन दौर से गुजरा। आर्थिक दबाव और इलाज की भारी लागत के कारण उनके बेटे अच्युत आदर्श ने सोशल मीडिया के जरिए मदद की अपील की थी। उन्होंने अपनी मां को लेकर भावुक शब्दों में लिखा था कि बचपन से हम मां को अटूट और अजेय मानते हैं, लेकिन बीमारी उस भ्रम को तोड़ देती है और हमें उनकी इंसानियत, साहस और जिजीविषा से रूबरू कराती है। कीमोथेरेपी के पहले सत्र के बाद भी उन्होंने मां की मुस्कान में हार नहीं, बल्कि संघर्ष की जीत देखी थी।
इंडस्ट्री में शोक की लहर
श्रबोनी के निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। निर्देशक बाबू बनिक ने कहा कि वह इस खबर से स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि श्रबोनी लंबे समय से काम से दूर थीं और अपने अंतिम दिनों में बेहद पीड़ा में थीं। उनका अंतिम संस्कार कोलकाता के निमतला श्मशान घाट में किया गया। बाबू बनिक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ रिश्ते काम से शुरू होकर परिवार से भी गहरे हो जाते हैं, और श्रबोनी का जाना उनके लिए अपूरणीय क्षति है।
श्रबोनी बनिक भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार, उनकी आवाज और उनकी संवेदनशील अदाकारी हमेशा दर्शकों की स्मृतियों में जीवित रहेगी। बंगाली टेलीविजन ने एक मजबूत कलाकार खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
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बंगाली अभिनेत्री श्रबोनी बनिक का निधन
लोकप्रिय अभिनेत्री श्रबोनी बनिक का सोमवार सुबह करीब 9 बजे निधन हो गया। वह लंबे समय से फेफड़ों के कैंसर (पल्मोनरी एडेनोकार्सिनोमा) और मेटास्टेसिस से जूझ रही थीं। बीते कुछ हफ्तों में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तमाम कोशिशों के बावजूद वह जिंदगी की यह जंग हार गईं और अपने चाहने वालों को गहरे शोक में छोड़ गईं।
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बंगाली टेलीविजन इंडस्ट्री का बड़ा नाम
श्रबोनी बनिक का नाम बंगाली टेलीविजन इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद और सशक्त कलाकार के रूप में लिया जाता रहा है। उन्होंने अपने अभिनय से छोटे पर्दे पर कई यादगार किरदारों को जीवंत किया। ‘जहानारा’, ‘लालकुठी’, ‘रंगा बौ’, ‘गोधूलि आलाप’ और ‘सोहाग चांद’ जैसे धारावाहिकों में उनके काम को दर्शकों ने खूब सराहा। उनके अभिनय में एक सहजता और भावनात्मक गहराई थी, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दिलाती थी।
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परिवार ने मांगी थी मदद
बीमारी के दौरान उनका परिवार भी बेहद कठिन दौर से गुजरा। आर्थिक दबाव और इलाज की भारी लागत के कारण उनके बेटे अच्युत आदर्श ने सोशल मीडिया के जरिए मदद की अपील की थी। उन्होंने अपनी मां को लेकर भावुक शब्दों में लिखा था कि बचपन से हम मां को अटूट और अजेय मानते हैं, लेकिन बीमारी उस भ्रम को तोड़ देती है और हमें उनकी इंसानियत, साहस और जिजीविषा से रूबरू कराती है। कीमोथेरेपी के पहले सत्र के बाद भी उन्होंने मां की मुस्कान में हार नहीं, बल्कि संघर्ष की जीत देखी थी।
इंडस्ट्री में शोक की लहर
श्रबोनी के निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। निर्देशक बाबू बनिक ने कहा कि वह इस खबर से स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि श्रबोनी लंबे समय से काम से दूर थीं और अपने अंतिम दिनों में बेहद पीड़ा में थीं। उनका अंतिम संस्कार कोलकाता के निमतला श्मशान घाट में किया गया। बाबू बनिक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ रिश्ते काम से शुरू होकर परिवार से भी गहरे हो जाते हैं, और श्रबोनी का जाना उनके लिए अपूरणीय क्षति है।
श्रबोनी बनिक भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार, उनकी आवाज और उनकी संवेदनशील अदाकारी हमेशा दर्शकों की स्मृतियों में जीवित रहेगी। बंगाली टेलीविजन ने एक मजबूत कलाकार खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।