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Jayabharathi: तमिल निर्देशक जयभारती का निधन, 77 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
Fri, 06 Dec 2024 12:33 PM IST
तनु चतुर्वेदी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: तनु चतुर्वेदी
Updated Fri, 06 Dec 2024 12:33 PM IST
सार
'कुडिसाई' और 'पुथिरन' जैसी फिल्मों के निर्देशक जयभारती का 77 साल की उम्र में निधन हो गया।
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निर्देशक जयभारती
- फोटो : एक्स @meenakshinews
विस्तार
तमिल निर्देशक और लेखक कुडिसाई जयभारती का 77 साल की उम्र में निधन हो गया। वे उम्र संबंधी बीमारी से ग्रसित थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। कुडिसाई को 'द हट' फिल्म के लिए जाना जाता है। जयभारती के निधन से साउथ इंडस्ट्री में शोक छाया हुआ है।
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हास्य अभिनेता एस वी शेखर ने कही ये बात
77 साल जयभारती के लिए हास्य अभिनेता और पूर्व विधायक एस वी शेखर ने कहा, वे एक ऐसे इंसान थे जो सिर्फ सिनेमा के लिए जी रहे थे। जब उन्हें काम के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे, वे सिनेमा के अलावा भी कुछ काम कर सकते थे। बता दें कि एस वी शेखर ने कुडिसाई में अपनी आवाज दी।
77 साल जयभारती के लिए हास्य अभिनेता और पूर्व विधायक एस वी शेखर ने कहा, वे एक ऐसे इंसान थे जो सिर्फ सिनेमा के लिए जी रहे थे। जब उन्हें काम के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे, वे सिनेमा के अलावा भी कुछ काम कर सकते थे। बता दें कि एस वी शेखर ने कुडिसाई में अपनी आवाज दी।
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साल 1979 में रिलीज हुई थी फिल्म 'कुडिसाई'
फिल्म कुडिसाई 30 मार्च साल 1979 को रिलीज हुई थी और इसे भारत के राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार में संरक्षित किया गया है। फिल्म की रिलीज को 43 साल पूरे हो चुके हैं। निर्देशक जयभारती ने खुद फिल्म को लेकर कहा था कि यह क्राउडफंडिंग के जरिए बनी पहली तमिल फिल्म थी।
फिल्म कुडिसाई 30 मार्च साल 1979 को रिलीज हुई थी और इसे भारत के राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार में संरक्षित किया गया है। फिल्म की रिलीज को 43 साल पूरे हो चुके हैं। निर्देशक जयभारती ने खुद फिल्म को लेकर कहा था कि यह क्राउडफंडिंग के जरिए बनी पहली तमिल फिल्म थी।
गरीबी में बिताए अंतिम पल
शेखर ने बताया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन वैकल्पिक सिनेमा के लिए जिया। वे अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से बहुत प्रभावित थे। निर्देशक ने अपने जीवन के अंतिम पल गरीबी में बिताए। फिल्म कुडिसाई के अलावा जयभारती को साल 2010 में आई फिल्म 'पुथिरन' के लिए भी जाना जाता है।
शेखर ने बताया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन वैकल्पिक सिनेमा के लिए जिया। वे अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से बहुत प्रभावित थे। निर्देशक ने अपने जीवन के अंतिम पल गरीबी में बिताए। फिल्म कुडिसाई के अलावा जयभारती को साल 2010 में आई फिल्म 'पुथिरन' के लिए भी जाना जाता है।
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मिलना चाहिए राजकीय सम्मान
बता दें जयभारती की फिल्म 'नानबा नानबा', जिसमें शेखर के भाई मुख्य भूमिका में थे, ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। शेखर ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से जयभारती को राजकीय सम्मान देने की भी अपील की है।
बता दें जयभारती की फिल्म 'नानबा नानबा', जिसमें शेखर के भाई मुख्य भूमिका में थे, ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। शेखर ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से जयभारती को राजकीय सम्मान देने की भी अपील की है।