Ranya Rao Case: रान्या राव ने पुलिस प्रोटोकॉल का किया था दुरुपयोग, जांच में मिले सबूत
Ranya Rao Case: रान्या राव की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। हाल ही में जांच में सबूत मिले हैं कि उन्होंने पुलिस प्रोटोकॉल का दुरुपयोग किया था।
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सोने की तस्करी के मामले में डीजीपी रैंक अधिकारी के रामचंद्र राव की भूमिका की जांच में यह पाया गया है कि उनकी सौतेली बेटी और कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव ने पुलिस प्रोटोकॉल का दुरुपयोग किया था। सूत्रों के अनुसार अतिरिक्त मुख्य सचिव गौरव गुप्ता द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ है कि रान्या राव ने अपनी विदेश यात्राओं के दौरान विशेष रूप से दुबई से बेंगलुरू के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आते वक्त पुलिस प्रोटोकॉल सेवाओं का गलत इस्तेमाल किया।
सूत्रों के अनुसार हवाईअड्डे के सीसीटीवी फुटेज की जांच से यह भी संकेत मिला है कि रान्या राव ने हर बार दुबई से बेंगलुरू पहुंचने पर डीजीपी रैंक अधिकारी के प्रोटोकॉल सेवाओं का लाभ लिया। इस मामले में पुलिस विभाग ने अब डीजीपी रैंक अधिकारी को शनिवार को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया था।
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कुछ दिन पहले इस वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से सोने की तस्करी के मामले में पूछताछ की गई थी और उनके बयान को गौरव गुप्ता के नेतृत्व वाली जांच टीम ने दर्ज किया था। 10 मार्च को राज्य सरकार ने गौरव गुप्ता को रान्या राव की सोने की तस्करी में संभावित संलिप्तता की जांच करने के लिए नियुक्त किया था। रामचंद्र राव कर्नाटक राज्य पुलिस हाउसिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के पद पर थे।
3 मार्च को रान्या राव केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे पर दुबई से आईं, जहां उनसे 12.56 करोड़ रुपये के सोने के बिस्किट जब्त किए गए। इसके बाद उनके घर की तलाशी ली गई। वहां से 2.06 करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी और 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। यह जानकारी डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने दी।