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साउथ एक्टर दर्शन के खिलाफ आरोप तय, रेणुकास्वामी हत्याकांड में आया बड़ा अपडेट

Mon, 03 Nov 2025 09:24 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: पूनम कंडारी Updated Mon, 03 Nov 2025 09:24 PM IST
सार

Renukaswamy Murder Case: एक सेशन कोर्ट ने सोमवार को साउथ एक्टर दर्शन के खिलाफ  रेणुकास्वामी हत्याकांड में आरोप तय कर दिए हैं। 

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Charges framed against Actor Darshan And Others In Renukaswamy Murder Case
दर्शन थुगुदीपा - फोटो : इंस्टाग्राम

विस्तार

रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा और उनकी सहयोगी पवित्रा गौड़ा के खिलाफ एक सेशन कोर्ट ने आरोप तय दिए हैं। इनके अलावा 15 अन्य लाेगों के खिलाफ भी हत्या और अपहरण का आरोप औपचारिक रूप से तय कर दिया गया है।

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कोर्ट ने सबसे पहले पवित्रा गौड़ा पर जिक्र किया 
पीटीआई की खबर के अनुसार कार्यवाही के दौरान कोर्ट खचाखच भरा हुआ था। इस बात पर जज आई पी नाइक ने भीड़भाड़ पर नाराजगी व्यक्त की। जज ने कहा, ‘इतने सारे लोगों के यहां होने पर आरोप कैसे तय किए जा सकते हैं?’ जज ने निर्देश दिए कि जो वकील मामले से जुड़े नहीं हैं, वह बाहर जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सही व्यवस्था नहीं बनी रही तो सुनवाई स्थगित कर दी जाएगी या बंद कमरे में की जाएगी। बाद में शांति बहाल होने के बाद कोर्ट ने आरोपों को पढ़ना शुरू किया, जिसकी शुरुआत पहली आरोपी पवित्रा गौड़ा से हुई। कोर्ट उन पर हत्या, अपहरण जैसे आरोप तय किए।
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दर्शन पर तय हुए ये आरोप 
आरोप पत्र के अनुसार रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर पवित्रा को अश्लील संदेश भेजे थे, जिसके बाद उनका अपहरण कर लिया गया, बेंगलुरु के एक शेड में लाया गया और उन पर हमला किया गया। जज ने आरोप पत्र पढ़ते हुए कहा, ‘रेणुकास्वामी को चप्पलों और लकड़ी के तख्ते से पीटा गया, जिससे उन्हें घातक चोटें आईं।’ अभियोजन पक्ष ने भी आरोप लगाया कि पवित्रा ने रेणुकास्वामी पर चप्पल से हमला किया, जबकि दर्शन ने उन्हें जबरन अपनी पैंट उतारने के लिए मजबूर किया, जिससे उनकी मौत हो गई। अदालत ने यह भी कहा कि कुछ आरोपियों को कथित तौर पर दोष अपने ऊपर लेने के लिए पैसे की पेशकश की गई थी।
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अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी 
कोर्ट ने जब आरोप तय किए तो सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया, जिससे 10 नवंबर को मुकदमे की सुनवाई शुरू होने का रास्ता साफ हो गया। आरोपियों द्वारा दोष स्वीकार करने से इनकार करने के बाद अदालत ने आरोप पत्रों पर औपचारिक हस्ताक्षर किए। इसके बाद दर्शन, पवित्रा और सात अन्य आरोपियों को वापस जेल ले जाया गया। 

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