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दुखद: सिंगापुर की प्रसिद्ध भरतनाट्यम डांसर राठी कार्थिगेसु का निधन, 87 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
Sat, 12 Aug 2023 08:15 AM IST
साक्षी पांडेय
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: साक्षी पांडेय
Updated Sat, 12 Aug 2023 08:15 AM IST
सार
सिंगापुर की प्रसिद्ध भरतनाट्यम डांसर राठी कार्थिगेसु का निधन हो गया है। उन्होंने सोमवार को 87 वर्ष की आयु में अपनी अंतिम सांस ली।
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राठी कार्थिगेसु
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सिंगापुर की प्रसिद्ध भरतनाट्यम डांसर राठी कार्थिगेसु का निधन हो गया है। उन्होंने सोमवार को 87 वर्ष की आयु में अपनी अंतिम सांस ली। राठी सिंगापुर के एक प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखती थीं उनके बेटे आनंद कार्तिगेसु एक वकिल हैं।भरतनाट्यम में पारंगत राठी ने सिंगापुर के जाने-माने न्यायाधीशों में से एक मुत्ताम्बी कार्थिगेसु से शादी रचाई थी, जिनका सन् 1999 में 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राठी अभी एक दुख से उभरी नहीं थीं कि उनके ऊपर दुखों का एक और पहाड़ टूट गया। पति की मृत्यु के कुछ सप्ताह बाद राठी ने अपनी शर्मिनी को भी खो दिया।
साल 2006 में बेटे का भी हुआ निधन
साल 2006 में उनके 48 वर्ष के बेटे सुरेश ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। कार्थिगेसु पूर्व वरिष्ठ मंत्री और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थर्मन शनमुगरत्नम की चाची थीं। उनके भाई पूर्व संसद सदस्य पी. सेल्वादुरई हैं, जिन्होंने 2001 में द संडे टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में शास्त्रीय भारतीय कला को बढ़ावा देने में अपनी रुचि को आकार देने में उनके प्रभाव का हवाला दिया था। सिंगापुर इंडियन फाइन आर्ट्स सोसाइटी (सिफास) ने राठी को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिसके अनुसार, कार्थिगेसु ने कुछ समय के लिए सोसाइटी के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया था।
राठी एक आइकन हैं- श्रीराम
उनके पति भी कुछ समय के लिए अध्यक्ष के रूप में कामकिया। श्रुतिलय स्कूल ऑफ डांस सिंगापुर की निदेशक गायत्री श्रीराम का कहना है कि वह 1995-96 के आसपास कार्तिगेसु से मिलीं और दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध बन गए क्योंकि उन दोनों को भरतनाट्यम का शौक था। द स्ट्रेट्स टाइम्स ने श्रीराम के हवाले से कहा, "सिंगापुर में भारतीय नृत्य समुदाय में उनका योगदान और प्रभाव अतुलनीय रहा है। उन्होंने उस समय डांस करना शुरू किया ,जब महिलाएं खास तौर पर शादीशुदा महिलाओं को भरतनाट्यम में पेशेवर कलाकार नहीं माना जाता था। उन्होंने अपनी शादी के बाद भी डांस करना जारी रखा और हम में से कई लोगों के लिए एक आइकन बन गईं।''
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अरविंथ कुमारसामी ने कही यह बात
श्रीराम ने आगे कहा, "सिफास आज जो संगठन है, उसमें वह भी एक बड़ी भूमिका निभाती थीं और उन्होंने हमारे करियर के दौरान हममें से कई व्यक्तिगत कलाकारों को आगे बढ़ाया है, जिनमें मैं भी शामिल हूं।" भारतीय नृत्य कंपनी अप्सरास आर्ट्स के कलात्मक निदेशक अरविंथ कुमारसामी ने तमिल भाषा के अखबार तमिल मुरासु को बताया, "वह एक अनुभवी कलाकार थीं, जिन्होंने विभिन्न भारतीय पारंपरिक कलाओं, विशेष रूप से भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी नृत्य रूपों का अध्ययन किया। उन्होंने न केवल सिंगापुर में, बल्कि अन्य देशों में भी प्रदर्शन किया।" लिटिल इंडिया परिसर में जोथी स्टोर और फ्लावर शॉप के मालिक राजकुमार चंद्रा ने कहा, "वह एक बहुत ही मजबूत और स्वतंत्र महिला और एक समर्पित हिंदू थीं, जो नियमित रूप से मंदिरों में भोजन दान करती थीं।"
यह भी पढ़ें- Jaya Prada: जया प्रदा को हुई छह महीने की जेल, चेन्नई कोर्ट केस में 5000 रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश
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साल 2006 में बेटे का भी हुआ निधन
साल 2006 में उनके 48 वर्ष के बेटे सुरेश ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। कार्थिगेसु पूर्व वरिष्ठ मंत्री और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थर्मन शनमुगरत्नम की चाची थीं। उनके भाई पूर्व संसद सदस्य पी. सेल्वादुरई हैं, जिन्होंने 2001 में द संडे टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में शास्त्रीय भारतीय कला को बढ़ावा देने में अपनी रुचि को आकार देने में उनके प्रभाव का हवाला दिया था। सिंगापुर इंडियन फाइन आर्ट्स सोसाइटी (सिफास) ने राठी को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिसके अनुसार, कार्थिगेसु ने कुछ समय के लिए सोसाइटी के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया था।
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राठी एक आइकन हैं- श्रीराम
उनके पति भी कुछ समय के लिए अध्यक्ष के रूप में कामकिया। श्रुतिलय स्कूल ऑफ डांस सिंगापुर की निदेशक गायत्री श्रीराम का कहना है कि वह 1995-96 के आसपास कार्तिगेसु से मिलीं और दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध बन गए क्योंकि उन दोनों को भरतनाट्यम का शौक था। द स्ट्रेट्स टाइम्स ने श्रीराम के हवाले से कहा, "सिंगापुर में भारतीय नृत्य समुदाय में उनका योगदान और प्रभाव अतुलनीय रहा है। उन्होंने उस समय डांस करना शुरू किया ,जब महिलाएं खास तौर पर शादीशुदा महिलाओं को भरतनाट्यम में पेशेवर कलाकार नहीं माना जाता था। उन्होंने अपनी शादी के बाद भी डांस करना जारी रखा और हम में से कई लोगों के लिए एक आइकन बन गईं।''
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अरविंथ कुमारसामी ने कही यह बात
श्रीराम ने आगे कहा, "सिफास आज जो संगठन है, उसमें वह भी एक बड़ी भूमिका निभाती थीं और उन्होंने हमारे करियर के दौरान हममें से कई व्यक्तिगत कलाकारों को आगे बढ़ाया है, जिनमें मैं भी शामिल हूं।" भारतीय नृत्य कंपनी अप्सरास आर्ट्स के कलात्मक निदेशक अरविंथ कुमारसामी ने तमिल भाषा के अखबार तमिल मुरासु को बताया, "वह एक अनुभवी कलाकार थीं, जिन्होंने विभिन्न भारतीय पारंपरिक कलाओं, विशेष रूप से भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी नृत्य रूपों का अध्ययन किया। उन्होंने न केवल सिंगापुर में, बल्कि अन्य देशों में भी प्रदर्शन किया।" लिटिल इंडिया परिसर में जोथी स्टोर और फ्लावर शॉप के मालिक राजकुमार चंद्रा ने कहा, "वह एक बहुत ही मजबूत और स्वतंत्र महिला और एक समर्पित हिंदू थीं, जो नियमित रूप से मंदिरों में भोजन दान करती थीं।"
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