फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Samwad 2026 Live Updates: Jackie Shroff and Manish Saini on The Great Grand Superhero at Amar Ujala Samwad

Samwad 2026: 'हीरो बना तो चॉल वालों ने बाथरूम दे दिया', जैकी श्रॉफ ने सुनाए किस्से; बच्चों पर कही ये बात

Mon, 18 May 2026 12:17 PM IST
Jyoti Raghav एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Jyoti Raghav Updated Mon, 18 May 2026 12:17 PM IST
सार

Samwad 2026 Live: अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आयोजन राजधानी लखनऊ में जारी है। यहां अभिनेता जैकी श्रॉफ और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी संवाद में पहुंचे हैं।

विज्ञापन
Samwad 2026 Live Updates: Jackie Shroff and Manish Saini on The Great Grand Superhero at Amar Ujala Samwad
जैकी श्रॉफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला का वैचारिक कार्यक्रम संवाद नवाबों के शहर लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है। लोकप्रिय अभिनेता जैकी श्रॉफ भी यहां पहुंचे हैं। इन दिनों वे अपनी आगामी फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' को लेकर चर्चा में हैं। संवाद में अभिनेता के साथ फिल्म के निर्देशक मनीष सैनी भी उपस्थित हैं। दोनों दिग्गजों ने 'जुनून और जिंदगी' विषय पर बात की। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा?

विज्ञापन




बात नहीं काम ज्यादा करता हूं
इवेंट में जैकी से जब पूछा गया कि क्या वो अपने अंदाज में लखनऊ वालों को कुछ कहना चाहेंगे ? तो जैकी ने कहा, 'आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद। बात करना ज्यादा आता नहीं। क्योंकि काम ज्यादा करता हूं। उत्तर प्रदेश की तरक्की के बारे में जानकर अच्छा लगा। यह जो राज्य है वह श्रीराम का जन्मस्थान है। तो बात यहीं खत्म। इतने बड़े बादशाह लोग संभाल रहे तो फिर फिक्र किस बात की है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


मां प्यार से जग्गू बुलाती थी, दोस्तों ने दादा जोड़ दिया
जैकी ने कार्यक्रम में अपने नाम के पीछे की कहानी बताते हुए कहा, 'मेरा नाम जयकिशन है। मेरा बड़ा भाई जय हेमंत था। मेरी बेटी कृष्णा है। मेरी मां मुझे प्यार से जग्गू बोलती थी। बड़ा हुआ तो दोस्तों के लिए मार खानी पड़ती थी तो जग्गू दादा हो गया। जैकी नाम स्कूल में पड़ गया। ये कहानी है मेरे नाम की। नाम में क्या रखा है। दिल देखिए।'



दबाकर पौधे लगाओ यही काम आएंगे
जैकी से जब पूछा गया कि आपके पास एक गमला हमेशा रहता है। इसकी क्या कहानी है?  तो एक्टर ने कहा, 'जब यूपी के बांदा में तापमान 47 तक चला जाता है तो लगाओ झाड़। पर्यावरण खराब है तो यही काम आएंगे। हम सबको यही सोचकर चलना पड़ेगा कि हरियाली होगी तो ठंडक होगी। दबाकर पौधे लगाओ। मैं तो चाहता हूं कि यूपी जैसे विशाल प्रदेश में पौधे दबाकर लगाओ। स्कूल में बच्चों को बताओ। ये सोचो कि हम बच्चों के लिए क्या छोड़कर जा रहे हैं?'

Samwad 2026 Live Updates: Jackie Shroff and Manish Saini on The Great Grand Superhero at Amar Ujala Samwad
जैकी श्रॉफ - फोटो : अमर उजाला
चाहता हूं बच्चे फिल्मों से कुछ सीखें
इस दौरान डायरेक्टर मनीष सैनी से जब पूछा गया कि उन्हें बच्चों के साथ काम करना क्यों पसंद है? तो उन्होंने जवाब दिया, 'यह ऐसा जॉनर है जो अभी बचा हुआ है। मेरी हमेशा कोशिश होती है कि ऐसी फिल्में क्यों न बनाएं, जिनसे बच्चों को सीखने को मिले। मां सरस्वती ने आशीर्वाद दिया है तो क्यों न हम ऐसी बातें बोलें जिससे बच्चे, नई पीढ़ी कुछ सीख सके।
ऐसा समय है, जहां रील के दौर में हम जी रहे हैं। ऐसे में कोशिश है कि कुछ अच्छा करें। मैं फिल्में लिखते वक्त कोशिश करता हूं कि कहीं सिगरेट भी न डालूं। मैं नहीं चाहता कि वह भी कोई बच्चा देखे। बच्चा कोई बुरी चीज देखे। हमने जो चीज बना दी, उससे बच्चे सीख जाएं, एक पीढ़ी सीख जाए उससे बड़ी पूंजी कोई नहीं।'



बचपन में इतना सब देख लिया कि आज तक जमीन से जुड़ा हूं 
बचपन और शुरुआती दौर का किस्सा साझा करते हुए जग्गू दादा ने कहा, '10 x 10 के खोली में छह लोग रहते थे। मैं हीरो बनने के बाद भी वहीं रहा। ये सभी जमीन से जुड़ी बातें वहीं सीखी मैंने। तीन बाथरूम थे और 30 लोग थे। एक बाथरूम उन्होंने मुझे दे दिया कि आप स्टार बन गए हैं, तो ये आपको गिफ्ट। उनका दिल देखो। मैंने मना कर दिया कि नहीं मेरे घर में छह लोग हैं बस। फिर भी उन्होंने ताला लगाकर मुझे एक पर्सनल बाथरूम दे दिया। ऐसा कौन करता है?'
आगे जैकी बोले, 'आज मेरे पास दो बाथरूम हैं कही भी जाऊं पर तब का दौर याद करके लगता है कि हम जमीन से जुड़े लोग हैं। वह देखकर लगता है कि प्यार मोहब्बत से जियो। गम बांटकर प्यार से रहो।'
 

Samwad 2026 Live Updates: Jackie Shroff and Manish Saini on The Great Grand Superhero at Amar Ujala Samwad
जैकी श्रॉफ - फोटो : अमर उजाला
जैकी श्रॉफ और मनीष सैनी ने दिए इन सवालों के जवाब

आप अपनी जड़ों को नहीं भूले। उसने आपकी सक्सेस में क्या रोल प्ले किया?
जैकी श्राॅफ: धरती के अंदर जड़ में सब सही है तो फिर सब सही है। जड़ कड़क होगा तो झाड़ ऊपर जाएगा ना। सुभाष घई जी ने मुझे मिट्टी से सितारा बना दिया तो यह सारा क्रेडिट मैं बॉस को देता हूं। देव आनंद साहब ने मुझे एक बड़ा रोल दिया। 15 दिन बाद फोन आया कि मिथुन ने डेट दी है तो मैं उसे ये रोल दिया है। तुम विलेन हो। मैंने बोला मैं ये रोल भी नहीं छोड़ूंगा, क्योंकि उनको हमेशा से देखता था।



पहली बार सेट पर एक्सपीरियंस कैसा रहा?
जैकी श्राॅफ: मुझसे काम हुआ नहीं तो टेक्नीशियन भड़क गए। देव साहब बोले- टेक इट इजी। नया लड़का है, सीख जाएगा। उसे सिखाओ। यह मैं देखकर हैरान हुआ। ऐसे ही मेरा बच्चा टाइगर है, मैं चाहता हूं कि उस पर भी कोई चिल्लाए नहीं। पुराने लोगों की बातों को समझो। जेन-जी हैं। बच्चे आगे बढ़ रहे हैं। उनका अंदाज अलग है। मगर, माता-पिता की बात को फॉलो करना बहुत जरूरी है बॉस।

हीरो बनने का कब सोचा?
जैकी श्राॅफ: कभी नहीं, चॉल में बैठकर मैं हीरो बन गया। मैंने तो सपना भी नहीं देखा था। मेरे पिताजी ज्योतिष थे तो एक वक्त मेरे पास कॉलेज के पैसे तक नहीं थे। मैंने कहा कि मैं कॉलेज नहीं करना चाहता। पिताजी बोले, तू हीरो बनेगा। पिताजी की बात पूरी हो गई। मुझे तो कुक बनना था। ट्रैवल एजेंसी मैं नौकरी करता था। मुझे फुटपाथ पर किसी ने देख लिया। बोला- तुम्हें मॉडलिंग करनी चाहिए। मैंने कहा कि मुझे पैसे मिलेंगे? तो यह काम किया। वहां से सुभाष जी ने देख लिया तो इस तरह हीरो बन गया।

इस उम्र में भी इतने फिट कैसे?
जैकी श्राॅफ: आदमी को अपने पेट पर ध्यान देना चाहिए। हाथ पैर नरम, सिर ठंडा और पेट नरम। मेरे बच्चों ने मुझे काम पर लगा दिया है। एक ट्रेनर मुझसे कसरत करवाता है और बच्चे मॉनिटर करते हैं। मैं योग करता हूं। वर्कआउट करता हूं। शवासन करो, बस सांस पर ध्यान दो। पूरी बॉडी का एसिड निकल जाएगा। भेजा पकड़कर चलना बहुत मुश्किल है। पता नहीं कहां-कहां भागता है। इसे पकड़कर रखो। सब ठीक रहेगा। 
फिटनेस कुछ नहीं है। दिमाग शांत रहना चाहिए। सोना बराबर होना चाहिए। आठ घंटे सोना चाहिए। आठ घंटा काम करना और आठ घंटा खुद को देना। बच्चों की आंख में देखो, माता-पिता की आंखों में देखो। मोबाइल ने सब बर्बाद कर दिया। आठ घंटे सो जाओ। आठ घंटा काम करो और आठ घंटे अपने हाथ में है। अपनी सेहत बनाओ।

खाना बनाने का शौक कहां से आया?
जैकी श्राॅफ: मां बनाती थी। हम जमीन पर बैठकर खाते थे। गरम रोटी आती थी। मां का पहला खाना खुशबू से आता है। जब वो बघारती हैं तो तड़के से पता चलता है कि क्या बना रही हैं? फिर टेबल पर आता है। तो वही का वही है, भिंडी कैसे बनानी है। दही-चावल रात को रख दो, वह ठंडा होता है पेट के लिए। सुबह उसे खाओ तो एक नंबर है। कड़ी पत्ता का बघार डाल दो। पेट के लिए बहुत अच्छा है।



रियलिस्टिक सिनेमा पर क्या कहेंगे?
मनीष सैनी: सिनेमा के दो अप्रोच हैं देखने के। कई बार जब सिंगल स्क्रीन थी तो हमको कई बार ऐसा लगता है रियलिस्टिक लाइफ है। चलो कुछ अलग देखकर आएं। मुझे लगता है कि दोनों का कॉम्बिनेशन जरूरी है। कुछ चीजें रियलिस्टिक पेश करिए। कुछ कहानियां रियलिटी से आगे हो सकती हैं। खाली रियलिज्म दिखाना बहुत ज्यादा भी ठीक नहीं। दोनों का मिश्रण होना चाहिए।

पूरा वीडियो यहां देखें...

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed