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शरद केलकर: फिल्म 'रामायण' में रावण की आवाज बने अभिनेता, बताया क्यों यश के किरदार की डबिंग करना था मुश्किल?
Sat, 07 Nov 2026 10:51 AM IST
राजश्री वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: राजश्री वर्मा
Updated Sat, 07 Nov 2026 10:51 AM IST
सार
- नामित मल्होत्रा की फिल्म 'रामायण' ने 5 नवंबर को थिएटर में दस्तक दी।
- इस फिल्म को देखने के बाद लोगों ने यश के अभिनय की खूब तारीफ की।
- अब अभिनेता शरद केलकर ने बताया है कि जब वह रावण के किरदार की डबिंग कर रहे थे, तो यश से भी उन्हें कई सुझाव मिले।
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शरद केलकर,यश
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में अभिनेता यश ने 'रावण' का किरदार निभाया है। बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि फिल्म के हिंदी वर्जन में यश के किरदार को आवाज अभिनेता शरद केलकर ने दी है। अब शरद ने इस डबिंग के अनुभव के बारे में खुलकर बात की है।
उन्होंने बताया कि यश के लिए डबिंग करना उनके लिए कितना चुनौतीपूर्ण था। इसके साथ ही उन्होंने यश की एक्टिंग और फिल्म में रावण के किरदार को दिखाने के नितेश तिवारी के तरीके की भी तारीफ की।
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उन्होंने बताया कि यश के लिए डबिंग करना उनके लिए कितना चुनौतीपूर्ण था। इसके साथ ही उन्होंने यश की एक्टिंग और फिल्म में रावण के किरदार को दिखाने के नितेश तिवारी के तरीके की भी तारीफ की।
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शरद केलकर
- फोटो : एक्स-@SharadK7
नितेश तिवारी के साथ काम करने की थी इच्छा
वैरायटी इंडिया के साथ बात करते हुए शरद ने बताया, 'नितेश तिवारी और कोर टीम ने तय किया कि हिंदी वर्जन में यश के लिए मुझे डबिंग करनी चाहिए। प्राइम फोकस के नीरज सांघवी मेरे अच्छे दोस्त हैं। पिछले साल जब मैं रवि दुबे के घर पर नितेश सर से मिला था, तब मैंने उनसे कहा था कि मैं उनके साथ काम करना चाहता हूं। उस समय वह रामायण की शूटिंग की तैयारी में व्यस्त थे। यह एक शानदार मौका था और आखिरकार हमें साथ काम करने का मौका मिल गया।'
यश की डबिंग करना क्यों था मुश्किल?
शरद ने यश की तारीफ करते हुए कहा, 'यश ने शानदार अभिनय किया है। इस किरदार के लिए उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता। उनके लिए डबिंग करना बिल्कुल आसान नहीं था। मैं इसे दिलचस्प अनुभव कहूंगा, क्योंकि यश हिंदी अच्छी बोलते हैं।
लेकिन ज्यादातर कन्नड़ बोलने की वजह से उनके हिंदी शब्दों के उच्चारण और बोलने की लय में थोड़ा अंतर था। पूरी टीम को लगा कि हिंदी वर्जन में उनकी डबिंग होनी चाहिए। कन्नड़ में उन्होंने शानदार काम किया है। उनकी आवाज भी बहुत अच्छी है।'
वैरायटी इंडिया के साथ बात करते हुए शरद ने बताया, 'नितेश तिवारी और कोर टीम ने तय किया कि हिंदी वर्जन में यश के लिए मुझे डबिंग करनी चाहिए। प्राइम फोकस के नीरज सांघवी मेरे अच्छे दोस्त हैं। पिछले साल जब मैं रवि दुबे के घर पर नितेश सर से मिला था, तब मैंने उनसे कहा था कि मैं उनके साथ काम करना चाहता हूं। उस समय वह रामायण की शूटिंग की तैयारी में व्यस्त थे। यह एक शानदार मौका था और आखिरकार हमें साथ काम करने का मौका मिल गया।'
यश की डबिंग करना क्यों था मुश्किल?
शरद ने यश की तारीफ करते हुए कहा, 'यश ने शानदार अभिनय किया है। इस किरदार के लिए उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता। उनके लिए डबिंग करना बिल्कुल आसान नहीं था। मैं इसे दिलचस्प अनुभव कहूंगा, क्योंकि यश हिंदी अच्छी बोलते हैं।
लेकिन ज्यादातर कन्नड़ बोलने की वजह से उनके हिंदी शब्दों के उच्चारण और बोलने की लय में थोड़ा अंतर था। पूरी टीम को लगा कि हिंदी वर्जन में उनकी डबिंग होनी चाहिए। कन्नड़ में उन्होंने शानदार काम किया है। उनकी आवाज भी बहुत अच्छी है।'
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शरद केलकर
- फोटो : इंस्टाग्राम@sharadkelkar
यश के साथ हुई लंबी बातचीत
शरद ने बताया कि यश के साथ काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा। यश ने डबिंग के दौरान कई सुझाव भी दिए और कुछ सीन्स को और बेहतर बनाने के लिए उनसे बातचीत की। शरद के मुताबिक, 'यश बहुत अच्छे इंसान हैं।
हमारी लंबी बातचीत होती थी और वह कई सुझाव देते थे। वह हमेशा बेहतर नतीजे की कोशिश करते थे और मुझसे पूछते थे कि क्या मैं कुछ सीन्स को और बेहतर कर सकता हूं। हम सभी के बीच अच्छा तालमेल था।'
किन सीन्स ने जीता शरद का दिल?
शरद केलकर ने बताया, 'यह मेरे सबसे थकाने वाले डबिंग अनुभवों में से एक था। मैं सोच भी नहीं सकता कि इस किरदार को बेहतर बनाने के लिए यश ने कितनी मेहनत की होगी। मुझे लगता है कि यह उनके करियर का सबसे मुश्किल रोल है और उन्होंने शानदार काम किया है।
नितेश सर के बनाए कुछ सीन मुझे बहुत पसंद आए। इनमें दस सिर वाला सीन, विद्युतजिह्वा वाला सीन और शुरुआत में ब्रह्मा जी से वरदान मांगने वाला सीन शामिल है।'
शरद ने बताया कि यश के साथ काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा। यश ने डबिंग के दौरान कई सुझाव भी दिए और कुछ सीन्स को और बेहतर बनाने के लिए उनसे बातचीत की। शरद के मुताबिक, 'यश बहुत अच्छे इंसान हैं।
हमारी लंबी बातचीत होती थी और वह कई सुझाव देते थे। वह हमेशा बेहतर नतीजे की कोशिश करते थे और मुझसे पूछते थे कि क्या मैं कुछ सीन्स को और बेहतर कर सकता हूं। हम सभी के बीच अच्छा तालमेल था।'
किन सीन्स ने जीता शरद का दिल?
शरद केलकर ने बताया, 'यह मेरे सबसे थकाने वाले डबिंग अनुभवों में से एक था। मैं सोच भी नहीं सकता कि इस किरदार को बेहतर बनाने के लिए यश ने कितनी मेहनत की होगी। मुझे लगता है कि यह उनके करियर का सबसे मुश्किल रोल है और उन्होंने शानदार काम किया है।
नितेश सर के बनाए कुछ सीन मुझे बहुत पसंद आए। इनमें दस सिर वाला सीन, विद्युतजिह्वा वाला सीन और शुरुआत में ब्रह्मा जी से वरदान मांगने वाला सीन शामिल है।'
रामायण
- फोटो : अमर उजाला
रावण को नहीं दिखाना चाहते थे कमजोर
शरद ने कहा, 'रावण बहुत बुद्धिमान और पढ़ा-लिखा व्यक्ति था। उसे हर चीज की समझ थी। डबिंग करते समय मुझे ध्यान रखना था कि वह कहीं से भी उलझा हुआ या असमंजस में न लगे। सिर्फ एक सीन ऐसा है, जहां वह अपने दस सिरों से बात करता है और सोचता है कि युद्ध करना चाहिए या इंतजार करना चाहिए। मुझे वह सीन बहुत पसंद आया। नितेश सर और यश ने इसे बहुत शानदार तरीके से बनाया है।'
शरद ने कहा, 'रावण बहुत बुद्धिमान और पढ़ा-लिखा व्यक्ति था। उसे हर चीज की समझ थी। डबिंग करते समय मुझे ध्यान रखना था कि वह कहीं से भी उलझा हुआ या असमंजस में न लगे। सिर्फ एक सीन ऐसा है, जहां वह अपने दस सिरों से बात करता है और सोचता है कि युद्ध करना चाहिए या इंतजार करना चाहिए। मुझे वह सीन बहुत पसंद आया। नितेश सर और यश ने इसे बहुत शानदार तरीके से बनाया है।'
- 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में नजर आ रहे हैं।
- फिल्म ने रिलीज के दो दिनों के भीतर दुनियाभर में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है।
- वहीं, भारत में इसका नेट कलेक्शन भी 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।