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Rahul Dev: विलेन की भूमिका निभा कर बोर हो गए राहुल देव, किया साउथ इंडस्ट्री का रुख, ओटीटी ने दिए नए अवसर

Thu, 12 Dec 2024 11:35 PM IST
सुवेश शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: सुवेश शुक्ला Updated Thu, 12 Dec 2024 11:35 PM IST
सार

Rahul Dev: अभिनेता राहुल देव ने निगेटिव रोल में टाइपकास्ट होने से बचने के लिए साउथ की ओर रुख करने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि खलनायक की भूमिका काफी बोरिंग हो रही थी।
 

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Rahul Dev for getting typecast villain roles in bollywood tried in south industry ott offers new chance
राहुल देव - फोटो : इंस्टाग्राम
अभिनेता राहुल देव का दो दशक से ज्यादा फिल्मी करियर है। इस दौरान उन्होंने अपनी दमदार खलनायक की  भूमिकाओं के लिए पहचान बनाई। हाल ही में अभिनेता ने अपने बॉलीवुड डेब्यू को याद किया और बताया कि किस तरह सिनेमा में उन्होंने खुद को खलनायक की भूमिकाओं के लिए तैयार किया। 

 
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राहुल देव - फोटो : इंस्टाग्राम
निगेटिव रोल में टाइपकास्ट होने से बचना चाहते हैं राहुल
राहुल देव ने साल 2000 में ‘चैंपियन’ फिल्म से अपनी शुरुआत की, जहां उन्होंने खलनायक की भूमिका अदा की। उन्होंने ‘आशिक आवारा पागल दीवाना’, ‘मास’ और अन्य कई फिल्मों में खलनायक के किरदार निभाए। इस दौरान राहुल ने बॉलीवुड में निगेटिव रोल में टाइपकास्ट होने से बचने के लिए दक्षिण भारतीय सिनेमा में अवसरों की खोज करके बदलाव का प्रयास करने की बात स्वीकार की।
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राहुल देव - फोटो : इंस्टाग्राम
एक ही तरह का किरदार निभाकर बोर हो गए थे राहुल
राहुल ने अपने शुरूआती दिनों को याद करते हुए कहा, “2000 में विभाजन बहुत साफ था। कलाकारों को अभिनेता नहीं बल्कि नायक और खलनायक कहा जाता था। एक्टिंग स्कूल में, हमें तरह-तरह के तरीके सिखाए जाते हैं, लेकिन जब मैंने उसे व्यावहारिक रूप से लागू किया, तो इसने मेरा नजरिया बदल दिया।” अपने बड़े ब्रेक के बारे में बात करते हुए राहुल देव ने कहा कि अगर आपकी ‘चैपिंयन’ जैसी फिल्म इतनी सफल होती है, आप पुरस्कार जीतते हैं और सनी देओल के सामने एक मजबूत खलनायक की जरूरत होती है, तब यह जरूरी हो जाता है। उन्होंने आगे कहा, मैंने खुद को नकारात्मक भूमिकाओं तक सीमित रखने का विकल्प नहीं चुना। विविधता लाना समझदारी है, नहीं तो यह नीरस हो जाएगा। इसलिए मैंने दक्षिण की ओर जाने की कोशिश की। यह बोरिंग हो रहा था।" 

 
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राहुल देव - फोटो : इंस्टाग्राम
ओटीटी ने नई शुरुआत के दिए अवसर
हिंदी फिल्मों में खलनायक की शानदार अदाकारी करने के बाद राहुल ने हाल के वर्षों में एक नया मोड़ लिया है, जिसका श्रेय ओटीटी प्लेटफॉर्म को जाता है। उन्होंने कई तरह की भूमिकाएं अदा की। अभिनेता ने ‘द टेस्ट केस’, ‘हूज योर डैडी’, ‘पॉइजन’ 2, ‘एलएसडी’, ‘हंटर: टूटेगा नहीं तोड़ेगा’, ‘एम्पायर’ और ‘अधूरा’ जैसी वेब सीरीज में प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।
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राहुल देव - फोटो : इंस्टाग्राम
ओटीटी ने पाट दी उत्तर और दक्षिण की खाई
अभिनेता ने भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने दक्षिण और उत्तर भारतीय फिल्मों के बीच की खाई को पाटने में मदद की है। राहुल ने कहा, "दक्षिण और उत्तर का विभाजन एक तरह से खत्म हो गया है। कई लोग पहले दिन ‘पुष्पा’ देखने गए, भले ही वह तेलुगु में थी और उन्हें भाषा नहीं आती थी। अपनी मातृभाषा के अलावा अन्य फिल्मों के लिए रिसेप्शन बढ़ा है। दर्शक अब बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश कर रहे हैं।"
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