Payal Gaming: पायल गेमिंग ने Viral MMS पर तोड़ी चुप्पी, यूट्यूबर ने कानूनी कदम उठाने की कही बात
Payal Gaming Reaction on Viral MMS: सोशल मीडिया इन्फलुएंसर पायल गेमिंग ने एमएमएस कांड पर अब अपना बयान दिया है। हाल ही में कथित तौर पर वायरल हुए वीडियो से पायल गेमिंग को जोड़ा गया। क्या है मामला, चलिए जानते हैं।
विस्तार
एमएमएस पर पायल ने जारी किया बयान
बुधवार को पायल ने सोशल मीडिया के जरिए एक बयान जारी किया और साफ शब्दों में कहा कि वायरल हो रहा वीडियो न तो उनका है और न ही उसका उनकी जिंदगी, पहचान या निजी फैसलों से कोई संबंध है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को मानसिक रूप से परेशान करने वाला बताया और लोगों से अपील की कि वो बिना सच्चाई जाने किसी भी तरह की सामग्री को साझा न करें।
विज्ञापन विज्ञापन
पायल ने कहा कि बीते कुछ दिनों से इंटरनेट पर ऐसा कंटेंट वायरल किया जा रहा है, जिसमें जानबूझकर उनका नाम और चेहरा एक वीडियो से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि वीडियो में दिखाई देने वाली महिला वह नहीं हैं और इस तरह की झूठी जोड़-तोड़ उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। पायल ने मीडिया और आम लोगों से संयम बरतने और किसी भी तरह की अटकलों से दूर रहने का आग्रह किया।
कानूनी कदम उठाने की कही बात
इस मामले में पायल ने यह भी साफ किया कि वह अपने नाम और तस्वीर के गलत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी रास्ता अपना रही हैं। उनका कहना है कि कानून के तहत जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो।
यह खबर भी पढ़ें: Avatar- Fire and Ash Movie Review: शानदार विजुअल्स, दमदार तकनीक लेकिन बेदम कहानी; लंबी और थकाने वाली है फिल्म
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से ताल्लुक
पायल धरे की पहचान सिर्फ एक यूट्यूबर तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश के इंदौर के पास स्थित छिंदवाड़ा गांव से निकलकर उन्होंने गेमिंग की दुनिया में अपनी अलग जगह बनाई है। आज उनके यूट्यूब चैनल पर करीब 45 लाख सब्सक्राइबर हैं और वह देश की सबसे चर्चित महिला गेमिंग क्रिएटर्स में गिनी जाती हैं।
पायल का नाम तब और सुर्खियों में आया था जब उन्होंने अन्य गेमर्स के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उस बैठक में वह इकलौती महिला गेमर थीं। उन्होंने उस मौके पर कहा था कि उनका सपना है कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां गेमिंग को करियर के रूप में अपनाएं।
पायल को मिला फैंस का साथ
विवादित वीडियो को लेकर उनके प्रशंसक भी खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। कई लोगों का कहना है कि यह वीडियो फर्जी या डीपफेक हो सकता है और पायल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोग इस वीडियो को पैसे लेकर साझा कर रहे थे, जो कानूनन अपराध है। आईटी एक्ट के तहत इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री साझा करना दंडनीय अपराध माना जाता है।