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Amar Ujala Impact: सनी देओल तक पहुंची टोक्यो के मनिंदर की खबर, जल्द से जल्द बात करने की इच्छा जताई
सार
Maninder Singh Uppal: मनिंदर ने सनी देओल के सारे संवाद याद करने शुरू कर दिए। इससे उसके दिमाग को ताकत मिली। याददाश्त तेज हुई तो इसका फायदा उसे पढ़ाई में मिलने लगा।
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मनिंदर सिंह उप्पल और सनी देओल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विस्तार
अभिनेता सनी देओल तक अमर उजाला में छपे स्पेशल फैन मनिंदर सिंह उप्पल की खबर पहुंच गई है। यह खबर एक ऐसे शख्स की है जिसने सनी देओल की फिल्में देखकर अपनी जिंदगी की जंग जीती है।
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सनी देओल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
समय से पहले ही जन्म ले लेने वाले इस विशिष्ट बच्चे के आजन्म बिस्तर पर ही रहने का अंदेशा तमाम लोगों ने जताया था, लेकिन अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सनी देओल की फिल्मों के सहारे वह अब न सिर्फ 12वीं कक्षा का इम्तिहान पास कर चुका है बल्कि कंप्यूटर ऑपरेटर का कोर्स भी उसने शुरू कर दिया है।
मनिंदर के साथ उनकी मां गगनदीप उप्पल भी कार्यक्रम में आईं। गगनदीप बताती हैं, “समय से पहले जन्मे मेरे बच्चे को अस्पताल की लापरवाही की वजह से सही से ऑक्सीजन नहीं मिली और उसके शरीर के दाहिनी हिस्से का मस्तिष्क के साथ समन्वय बिगड़ गया। तीन साल का था मनिंदर जब उसके पिता को नौकरी करने जापान आना पड़ा। हम सब भारत में ही थे। एक दिन वह लेटे लेटे ऐसे ही टीवी देख रहा था और उसे सनी देओल दिख गए।”
https://www.facebook.com/gagandeep.uppal.313/posts/pfbid0EmUQ7ypcNWMmrLSJq9BzBbGiHSzHT99rf8rVaQEnqScUU9Y4gAkJRdyKjgUykxq3l
मनिंदर के साथ उनकी मां गगनदीप उप्पल भी कार्यक्रम में आईं। गगनदीप बताती हैं, “समय से पहले जन्मे मेरे बच्चे को अस्पताल की लापरवाही की वजह से सही से ऑक्सीजन नहीं मिली और उसके शरीर के दाहिनी हिस्से का मस्तिष्क के साथ समन्वय बिगड़ गया। तीन साल का था मनिंदर जब उसके पिता को नौकरी करने जापान आना पड़ा। हम सब भारत में ही थे। एक दिन वह लेटे लेटे ऐसे ही टीवी देख रहा था और उसे सनी देओल दिख गए।”
https://www.facebook.com/gagandeep.uppal.313/posts/pfbid0EmUQ7ypcNWMmrLSJq9BzBbGiHSzHT99rf8rVaQEnqScUU9Y4gAkJRdyKjgUykxq3l
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मनिंदर सिंह उप्पल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मनिंदर को सनी देओल की शख्सीयत इतनी भायी कि उसने सनी की फिल्मों के लिए जिद करनी शुरू कर दी। गगनदीप बताती हैं, “मनिंदर ने सनी देओल के सारे संवाद याद करने शुरू कर दिए। इससे उसके दिमाग को ताकत मिली। याददाश्त तेज हुई तो इसका फायदा उसे पढ़ाई में मिलने लगा। सनी की एक्शन फिल्मों की नकल करने से मनिंदर की शारीरिक क्षमता और दक्षता सुधरने लगी। हमारे लिए ये किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिस बच्चे को लोगों ने हमेशा के लिए बिस्तर के हवाले होने की बात कही थी, वह सनी देओल की फिल्में देखकर न सिर्फ अच्छे से चलने फिरने लगा बल्कि नाचने भी लगा।”
ये सब बताते हुए मनिंदर की मां गगनदीप की आंखों में आंसू आ जाते हैं। वह कहती हैं, “सनी देओल की फिल्मों ने ही हमारे बेटे को नया जीवन दिया है। ईश्वर के बाद हम सनी देओल के भी इस चमत्कार के लिए एहसानमंद हैं। हमारी बस यही आस है कि हम एक दिन सनी देओल से मनिंदर को मिलवा पाएं।” ‘अमर उजाला’ पर 23 जून को प्रकाशित ये खबर सनी देओल तक पहुंची तो उन्होंने इस बच्चे का पता लगवाने की कोशिश की। मार्केटिंग गुरु नीरज जोशी ने बताया कि सनी जल्द ही इस बच्चे से बात करने वाले हैं। मनिंदर की मां गगनदीप का नंबर सनी देओल तक पहुंच गया है।
ये सब बताते हुए मनिंदर की मां गगनदीप की आंखों में आंसू आ जाते हैं। वह कहती हैं, “सनी देओल की फिल्मों ने ही हमारे बेटे को नया जीवन दिया है। ईश्वर के बाद हम सनी देओल के भी इस चमत्कार के लिए एहसानमंद हैं। हमारी बस यही आस है कि हम एक दिन सनी देओल से मनिंदर को मिलवा पाएं।” ‘अमर उजाला’ पर 23 जून को प्रकाशित ये खबर सनी देओल तक पहुंची तो उन्होंने इस बच्चे का पता लगवाने की कोशिश की। मार्केटिंग गुरु नीरज जोशी ने बताया कि सनी जल्द ही इस बच्चे से बात करने वाले हैं। मनिंदर की मां गगनदीप का नंबर सनी देओल तक पहुंच गया है।