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Director Nissar Passed Away: मलयालम सिनेमा के निर्देशक निसार का हुआ निधन, 2018 में आई थी आखिरी फिल्म
Mon, 18 Aug 2025 07:25 PM IST
हिमांशु सोनी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Mon, 18 Aug 2025 07:25 PM IST
सार
Malyalam Director Nissar Died: मलयालम इंडस्ट्री के निर्देशक निसार का निधन हो गया है। 65 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है।
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निसार
- फोटो : एक्स
विस्तार
मलयालम और तमिल सिनेमा के लोकप्रिय निर्देशक निसार का सोमवार को केरल के चंगनाशेरी में इलाज के दौरान निधन हो गया। 65 साल के निसार उन चुनिंदा फिल्म निर्देशकों में से थे, जिन्होंने सीमित बजट में भी बेहतरीन सिनेमा का निर्माण कर दर्शकों का दिल जीता।
निर्देशक संघ ने श्रद्धांजलि अर्पित की
फिल्म निर्देशक संघ ‘एफईएफकेए’ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस बात की जानकारी दी है। संघ ने कहा है कि निसार अपनी तेज गति से फिल्म पूरी करने की क्षमता और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के लिए जाने जाते थे।
'त्रिकोडिथानम' से सिनेमा की दुनिया तक
निसार का जन्म केरल के कोट्टायम जिले के एक छोटे से कस्बे त्रिकोडिथानम में हुआ था। कला और सिनेमा में गहरी रुचि रखने वाले निसार ने साल 1994 में मलयालम फिल्म ‘सुदिनम’ से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की। ये फिल्म उस समय बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और निसार को बतौर निर्देशक एक नई पहचान दिलाई।
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इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अगले दो दशकों में मलयालम और तमिल भाषाओं में कुल 27 फिल्मों का निर्देशन किया। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के साथ भी अच्छी और मनोरंजक फिल्म बनाई जा सकती है।
फिल्मों को समय पर पूरा करने में थे माहिर
निसार को उनके तेज और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाना जाता था। वो बिना गुणवत्ता से समझौता किए फिल्में जल्दी पूरी कर लेते थे। निर्देशक संघ 'एफईएफकेए' ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि निसार ने अपने तकनीकी कौशल और कार्यकुशलता से सिनेमा को नई दिशा दी। उनके द्वारा अपनाए गए ‘डुप्स’ और ‘चीटिंग शॉट्स’ जैसे तकनीकी प्रयोग आज भी फिल्म निर्माण की कक्षाओं में सिखाए जाते हैं।
ये खबर भी पढ़ें:Thama: ‘थामा’ से सामने आया रश्मिका, नवाज और परेश रावल का फर्स्ट लुक, अंधेरे के बादशाह से टकराएंगे आयुष्मान
बिजी कलाकारों के साथ भी किया बेहतरीन काम
निसार की सबसे बड़ी खासियत थी कि वो व्यस्त कलाकारों के साथ भी बेहद कम समय में शूटिंग पूरी कर लेते थे। मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता जगती श्रीकुमार जैसे कलाकारों के साथ उन्होंने महज एक-दो दिन में जटिल सीन को भी सफलतापूर्वक शूट किया। यह उनकी कुशलता और योजनाबद्ध सोच का उदाहरण था।
‘टू डेज’ जैसी प्रयोगधर्मी फिल्में भी कीं
जहां निसार मुख्यधारा की फिल्मों के लिए जाने जाते थे, वहीं उन्होंने सिनेमा में प्रयोग भी किए। उनकी एकल शॉट में फिल्माई गई फिल्म ‘टू डेज’ को कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में प्रदर्शित किया गया और इसे कई पुरस्कार भी मिले।
डायरेक्टर की आखिरी फिल्म
निसार की अंतिम फिल्म ‘लाफिंग अपार्टमेंट नियर गिरिनगर’ वर्ष 2018 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय रूप से निर्देशन से दूरी बना ली थी। लंबे समय से बीमार चल रहे निसार का सोमवार को निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार स्थानीय मस्जिद में किया जाएगा।
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निर्देशक संघ ने श्रद्धांजलि अर्पित की
फिल्म निर्देशक संघ ‘एफईएफकेए’ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस बात की जानकारी दी है। संघ ने कहा है कि निसार अपनी तेज गति से फिल्म पूरी करने की क्षमता और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के लिए जाने जाते थे।
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'त्रिकोडिथानम' से सिनेमा की दुनिया तक
निसार का जन्म केरल के कोट्टायम जिले के एक छोटे से कस्बे त्रिकोडिथानम में हुआ था। कला और सिनेमा में गहरी रुचि रखने वाले निसार ने साल 1994 में मलयालम फिल्म ‘सुदिनम’ से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की। ये फिल्म उस समय बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और निसार को बतौर निर्देशक एक नई पहचान दिलाई।
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इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अगले दो दशकों में मलयालम और तमिल भाषाओं में कुल 27 फिल्मों का निर्देशन किया। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के साथ भी अच्छी और मनोरंजक फिल्म बनाई जा सकती है।
फिल्मों को समय पर पूरा करने में थे माहिर
निसार को उनके तेज और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाना जाता था। वो बिना गुणवत्ता से समझौता किए फिल्में जल्दी पूरी कर लेते थे। निर्देशक संघ 'एफईएफकेए' ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि निसार ने अपने तकनीकी कौशल और कार्यकुशलता से सिनेमा को नई दिशा दी। उनके द्वारा अपनाए गए ‘डुप्स’ और ‘चीटिंग शॉट्स’ जैसे तकनीकी प्रयोग आज भी फिल्म निर्माण की कक्षाओं में सिखाए जाते हैं।
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बिजी कलाकारों के साथ भी किया बेहतरीन काम
निसार की सबसे बड़ी खासियत थी कि वो व्यस्त कलाकारों के साथ भी बेहद कम समय में शूटिंग पूरी कर लेते थे। मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता जगती श्रीकुमार जैसे कलाकारों के साथ उन्होंने महज एक-दो दिन में जटिल सीन को भी सफलतापूर्वक शूट किया। यह उनकी कुशलता और योजनाबद्ध सोच का उदाहरण था।
‘टू डेज’ जैसी प्रयोगधर्मी फिल्में भी कीं
जहां निसार मुख्यधारा की फिल्मों के लिए जाने जाते थे, वहीं उन्होंने सिनेमा में प्रयोग भी किए। उनकी एकल शॉट में फिल्माई गई फिल्म ‘टू डेज’ को कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में प्रदर्शित किया गया और इसे कई पुरस्कार भी मिले।
डायरेक्टर की आखिरी फिल्म
निसार की अंतिम फिल्म ‘लाफिंग अपार्टमेंट नियर गिरिनगर’ वर्ष 2018 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय रूप से निर्देशन से दूरी बना ली थी। लंबे समय से बीमार चल रहे निसार का सोमवार को निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार स्थानीय मस्जिद में किया जाएगा।