JSK Movie Row: 'जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ के मेकर्स फिल्म का नाम बदलने पर सहमत, सेंसर बोर्ड से हुआ था विवाद
सुरेश गोपी की फिल्म 'जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ के मेकर्स ने बुधवार को केरल हाई कोर्ट को सूचित किया कि वे सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) के सुझाव के अनुसार फिल्म का नाम बदलने को तैयार हैं। हाल ही में फिल्म के मेकर्स और सेंसर बोर्ड के बीच का यह मामला कोर्ट तक पहुंचा था।
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‘जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड और इसके मेकर्स के बीच विवाद हुआ। यह मामला कोर्ट तक पहुंचा। केरल हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड की तरफ से पेश वकील ने कहा था कि फिल्म को दो बदलावों के साथ पास किया जाएगा। जानिए, क्या है ये पूरा मामला? और फिल्म के मेकर्स कैसे नाम बदलने पर राजी हुए?
सेंसर ने दी दो बदलाव करने की सलाह
सेंसर बोर्ड ने कोर्ट में कहा था कि मेकर्स अगर दो बदलाव फिल्म में करते हैं, इसे पास कर दिया जाएगा। पहला बदलाव ये कि फिल्म के टाइटल को थोड़ा संशोधित किया जाएगा। अब फिल्म का नाम या तो ‘जानकी वी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ या ‘वी जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ होगा। इससे यह साफ किया जाएगा कि ये जानकी नाम देवी से नहीं बल्कि मुख्य किरदार जानकी विद्याधरण से जुड़ा है। दूसरा बदलाव कोर्ट रूम में चल रहे क्रॉस-एग्जामिनेशन सीन से संबंधित है, जिसमें हीरोइन का नाम म्यूट करने की सलाह दी गई है। इस पर कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं से जवाब मांगा है और आगे की सुनवाई निर्धारित की गई है। अब इसके जवाब में मेकर्स ने नाम बदलने पर सहमति जाहिर की है।
नाम बदलने पर राजी हुए मेकर्स
पीटीआई के अनुसार बुधवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड ने अदालत को जानकारी दी कि अगर मेकर्स अपनी फिल्म का नाम बदलते हैं तो तीन दिनों के भीतर इसको मंजूरी दी जा सकती है। ऐसे में मेकर्स ने कहा कि रिलीज के इतने करीब आकर फिल्म का नाम बदलने में कठिनाई होगी। मगर सेंसर बोर्ड अपने रुख पर कायम रहा। आखिर में फिल्म के मेकर्स नाम बदलने पर सहमत हो गए।
क्या है फिल्म की कहानी
प्रवीण नारायणन द्वारा निर्देशित और अनुपमा परमेश्वरन स्टारर फिल्म 'जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ एक रेप पीड़िता के कानूनी संघर्ष को दर्शाती है। सेंसर सर्टिफिकेट में देरी के कारण इस फिल्म की रिलीज पर भी असर पड़ा है। अब मामला सुलझ गया है तो यह फिल्म जल्द ही रिलीज हो सकती है।