KBC 16: सबसे कम उम्र के प्रतियोगी के एआई के ज्ञान से प्रभावित हुए बिग बी, इसरो में शामिल होना चाहते हैं विष्णु
'कौन बनेगा करोड़पति सीजन 16' में सबसे कम उम्र के प्रतियोगी विष्णु मनागोली ने अमिताभ बच्चन के साथ अपना एआई ज्ञान और इसरो में शामिल होने का सपना साझा किया, जिसे बिग बी काफी प्रभावित हुए।
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टेलीविजन के क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति 16' का प्रीमियर सोनी लिव पर हो रहा है। अब इस शो में इस सीजन के सबसे कम उम्र के प्रतियोगियों में से एक विष्णु मनागोली शामिल होंगे। चेन्नई, तमिलनाडु के रहने वाले 18 वर्षीय विष्णु सिर्फ भव्य पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं, बल्कि इसके जरिए वे अपने सपनों का पीछा कर रहे हैं। वे इसरो में शामिल होने और भारत के अंतरिक्ष अभियानों में योगदान देने की इच्छा है। उन्होंने अपने इस सफर के बारे में बताया, जिसे सुन दर्शक ही नहीं, बल्कि खुद अमिताभ बच्चन भी मंत्रमुग्ध हो गए। अमिताभ बच्चन उनकी समझदारी से प्रभावित हुए और उनसे दिलचस्प बातें की।
एआई ज्ञान पर क्या बोले अमिताभ बच्चन
विष्णु मनागोली वर्तमान में अपने इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में हैं। उन्हें गहरी रुचि और सीखने का जुनून है। विष्णु के इसी जुनून ने उन्हें 'केबीसी 16' के मंच तक पहुंचाया। वे बचपन से ही इस शो की प्रशंसा करते हैं। केबीसी के इस सीजन में सबसे कम उम्र के प्रतियोगियों में से एक के रूप में विष्णु ने अपने ज्ञान से अमिताभ बच्चन का ध्यान आकर्षित किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बात करते हुए अमिताभ बच्चन ने बताया कि कैसे एक प्रशंसक ने उनके वॉयसओवर का उपयोग करते हुए एक ब्लॉग लिखते हुए एक तस्वीर साझा की थी, जो एआई के उपयोग के माध्यम से किया गया था। इससे अभिनेता को प्रौद्योगिकी के प्रगति और विकास की झलक देखने को मिली, जिससे वे प्रभावित हो गए।
बचपन से ऐसे की तैयारी
'कौन बनेगा करोड़पति सीजन 16' में अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए प्रतियोगी विष्णु मनागोली ने कहा, 'मैं आठ साल की उम्र से ही इस शो का उत्साही प्रशंसक रहा हूं और मैंने केबीसी किड्स स्पेशल के दौरान भाग लेने की कोशिश की थी। एक बार जब मैं अठारह साल का हो गया तो मेरे दो मुख्य लक्ष्य थे, पहला, अपने सभी डॉक्यूमेंट्स को व्यवस्थित करना और दूसरा, केबीसी हॉट सीट पर जगह बनाना। हॉट सीट पर बैठना बचपन का सपना रहा है और मैं इस अवसर के लिए वास्तव में आभारी हूं। मैंने दैनिक समाचारों से अपडेट रहकर, किताबें पढ़कर, यूट्यूब पर खोज करके और हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग करके तैयारी की।'
सपने की ओर बढ़ाया एक कदम
विष्णु ने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि पुस्तकों के अलावा भी ज्ञान का खजाना है और मैं जितना संभव हो उतना ज्ञान इकट्ठा करने और अपनाने का प्रयास करता हूं। जब मैं यहां आने के लिए घर से निकल रहा था तो मैंने अपने माता-पिता से कहा कि मैं इस अवसर का सबसे अच्छा उपयोग करने का प्रयास करूंगा। मेरा भी एक दिन इसरो में शामिल होने का सपना है। मैं एआई के अपने ज्ञान को अंतरिक्ष अनुसंधान में लागू करना चाहता हूं और अपने देश को गौरवान्वित करना चाहता हूं, यह उस लक्ष्य की ओर सिर्फ एक कदम है।