हनुमान अंश: बंपर कमाई के बीच क्यों छलका निर्देशक का दर्द? ओटीटी पर मिला था रिजेक्शन, अब बॉलीवुड से किया सवाल
Hanuman Ansh OTT Rejection: 'हनुमान अंश' की छप्परफाड़ कमाई के बीच इस फिल्म के निर्देशिक विशाल चतुर्वेदी का दर्द छलका है। उन्होंने अपना एक अनुभव साझा किया है। साथ ही बॉलीवुड से भी सवाल किया है।
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विस्तार
फिल्म 'हनुमान अंश' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 80 करोड़ रुपये के पार हो चुका है। पांच दिन बाद यह फिल्म सरहद पार पहुंच जाएगी। इसकी वर्ल्डवाइड रिलीज का एलान हो चुका है। हर तरफ से फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। मगर, शुरुआत से ऐसा माहौल नहीं था। फिल्म के मेकर्स को इसकी रिलीज से पहले अपमान के कड़वे घूट पीने पड़े थे। ऐसा दावा उन्होंने किया है।
निर्देशक ने क्या कहा?
फिल्म 'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी का कहना है कि इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म की तरफ से खारिज कर दिया गया था। इतना ही नहीं, काफी अपमानजनक भाषा भी बोली गई। निर्देशक का उन बातों को याद करते हुए दर्द छलका है। उन्होंने कहा कि ओटीटी से मिले रिजेक्शन ने उन्हें इस फिल्म को बड़े पर्दे पर लाने के लिए और भी ज्यादा प्रेरित किया।
विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक, जिस तरह से उनके काम को रिजेक्ट किया गया, वह उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया। इस्तेमाल की गई भाषा अपमानजनक थी और इससे उनके काम की आलोचना करने वालों के मन में मौजूद एक खास तरह के 'नैरेटिव' का पता चला।
ओटीटी प्लेटफॉर्म की तरफ से क्या कहा गया?
विशाल चतुर्वेदी ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा, 'मैं एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी कहानी लेकर गया था और वहां उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मेरे पास इंटरनेशनल लेवल की कोई इंडियन कहानी है? मैंने महाराज जी की कहानी इस तरह सुनाई कि मैं सचमुच टूट गया'।
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगा जिस तरह उन्होंने रिजेक्ट किया, जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वो थोड़ी अपमानजनक थी। मेरे संबंध में नहीं, क्योंकि हम तो रिजेक्ट होते रहते हैं। हम लोग तो फिल्म बनाने वाले हैं। हम तो 1000 बार रिजेक्ट हुए हैं। जिस तरह से इन्होंने बोला, मुझे लगा इनके दिमाग में जो नैरेटिव है, वो इनके दिमाग में किसी तरीके का कूड़ा भरा है। जाहिर है उस नैरेटिव की वजह से ही। ऐसे में उस नैरेटिव को तोड़ना बहुत जरूरी है'।
निर्देशक ने आगे कहा, 'मेरी इस फिल्म को बनाने की जिम्मेदारी इसलिए भी बन जाती है कि भारत की जो संत मानसिकता है, उसको आप इस नजर से देखते हो और आप इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर बैठे हुए हो। इसका मतलब यही है कि ये प्लेटफॉर्म हमारे देश के लिए काम नहीं कर रहा है। हमें अब ये कहानी बोलना बहुत जरूरी है। इसी वजह से मैं इस फिल्म को लेकर थोड़ा अड़ गया'।
बॉलीवुड से क्या सवाल किया?
इस फिल्म की बंपर कमाई के बीच डायरेक्टर ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को नीम करौली बाबा की असाधारण विरासत को नजरअंदाज करने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल किया कि बड़े फिल्ममेकर्स ने इतने बड़े संत को कभी बड़े पर्दे पर क्यों नहीं दिखाया?
विशाल चतुर्वेदी ने कहा, 'मुझे लगता है कि इतना जरूरी है ना उनकी कहानी बताना कि दुनिया को कहानी पता होनी चाहिए और हमारे भारत वासियों को पता होना चाहिए कि एक 20वीं सदी के संत ने 21 सदी को बदल दिया। आपके इतने बड़े संस्थापक और समूह उनसे प्रभावित हैं। यकीनन, एप्पल का लोगो भी उनसे प्रेरित है। ऐसी शख्सियत की कहानी आप क्यों नहीं बोल रहे हैं? मैं बॉलीवुड से पूछना चाहता हूं कि आपने मुझसे पहले ये कहानी क्यों नहीं बोली'?
07 अगस्त को रिलीज हुई इस फिल्म ने सैकनिल्क पर प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक अब तक 83.76 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। 11 सितंबर को यह फिल्म वर्ल्डवाइड रिलीज होने जा रही है।