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Cannes: कान फिल्म फेस्टिवल में पहली भारतीय फिल्म थी 'नीचा नगर', ज्यूरी में ये अभिनेत्रियां दिखा चुकी हैं दमखम
Mon, 13 May 2024 03:20 PM IST
अंजू बाजपेई
एंटरटेंटमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेंटमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंजू बाजपेई
Updated Mon, 13 May 2024 03:20 PM IST
सार
108 विलेज इंटरनेशनल रिवेरा में 77वें कान फिल्म महोत्सव में भारत मंडप का उद्घाटन 15 मई 2024 को प्रख्यात फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी में किया जाएगा। जानिए किस भारतीय फिल्म ने पहली बार कान में अपनी उपस्तिथि दर्ज कराई थी। साथ ही जानिए अभीतक भारत की ओर से कौन सी अभिनेत्रियां कान ज्यूरी में शामिल हो चुकी हैं।
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कान फिल्म फेस्टिवल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
विश्व भर में प्रतिष्ठित कान समारोह का आयोजन हर साल मई महीने में फ्रांस के कान्स शहर में किया जाता है। इसकी शुरुआत साल 1946 में हुई थी। इस समारोह में साल की सबसे बेहतरीन फिल्म का चयन किया जाता है और उसका जश्न मनाया जाता है। इस समारोह में दुनिभर की नामचीन हस्तियां शामिल होती है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी कुछ खास जानकारियां
कान में दिखाई जाने वाली पहली फिल्म
हर साल धूमधाम से मनाया जाने वाला कान फिल्म फेस्टिवल इस साल 14 मई से 25 मई तक मनाया जाएगा। लेकिन क्या आपको यह पता है कि इस भव्य समारोह में किस भारतीय फिल्म को पहली बार दिखाया गया था। या यूं कह सकते हैं कि किस फिल्म को पहली बार कान में जगह मिली थी। 1946 में जब कान की शुरुआत हुई थी तभी से भारतीय फिल्में वहां दिखाई जाने लगी थीं। कान में सबसे पहले भारतीय फिल्म 'नीचा नगर' दिखाई गई थी। फिल्म 'नीचा नगर' ने पहली बार अपनी उपस्तिथि कान में दर्ज कराई थी। इस फिल्म को 'ग्रांड प्रिक्स डू फेस्टिवल इंटरनेशनल डू फिल्म' के अवार्ड से नवाजा गया था। बता दें कि ग्रांड प्रिक्स कान फिल्म फेस्टिवल का एक पुरस्कार है, जो प्रतिस्पर्धी फीचर फिल्मों में से एक को फेस्टिवल की ज्यूरी द्वारा दिया जाता है।
फिल्म नीचा नगर
1946 में आई फिल्म 'नीचा नगर' को निर्देशक चेतन आनंद ने निर्देशित किया था। इस फिल्म की कहानी के लेखक थे ख्वाजा अहमद अब्बास और हायातुल्लाह अंसारी। फिल्म के निर्माता थे राशिद अनवर। बता दें कि कई फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से सभी का दिल जीतने वाली अभिनेत्री कामिनी कौशल ने इस फिल्म से अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म के जरिए ही म्यूजिक डाइरेक्टर रवि शंकर ने भी बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था।
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ज्यूरी सदस्य
ज्यूरी सदस्यों का क्या काम होता है। बता दें कि कान फेस्टिवल दुनिया भर की फिल्मों का चार मुख्य और आधिकारिक श्रेणियों में प्रदर्शन होता है। जिसके बाद फिल्मों को अवार्ड के लिए चुना जाता है। इन कैटेगरीज में फिल्मों को चयनित करने के लिए ज्यूरी काफी पहले से काम करने लगती है। इस दौरान ज्यूरी द्वारा ही फिल्म को अवॉर्ड दिया जाता है।
भारतीय ज्यूरी में शामिल रहा इन अभिनेत्रियों का नाम
बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अदाकाराओं में गिनी जाने वाली ऐश्वर्या राय ने अपनी फिल्म 'देवदास' की विशेष स्क्रीनिंग के लिए शेखर कपूर के साथ साल 2002 में कान्स फेस्टिवल में डेब्यू किया था और साल 2003 में उन्होंने ज्यूरी में जगह बनाई थी। ऐश्वर्या के अलावा विद्या बालन ने साल 2013 में कान फिल्म फेस्टिवल में ज्यूरी सदस्य के रूप में काम किया था। भारत की दिग्गज अदाकारा शर्मिला टैगोर भी कान फेस्टिवल में ज्यूरी सदस्य के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्हें साल 2009 में ज्यूरी सदस्ये के रूप में बुलाया गया था। बॉलीवुड अभिनेत्रियों के अलावा फिल्म निर्माता, मीरा नायर भी कान का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने साल 1990 में कान फिल्म फेस्टिवल के सदस्य के रूप में काम किया था।
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कान में दिखाई जाने वाली पहली फिल्म
हर साल धूमधाम से मनाया जाने वाला कान फिल्म फेस्टिवल इस साल 14 मई से 25 मई तक मनाया जाएगा। लेकिन क्या आपको यह पता है कि इस भव्य समारोह में किस भारतीय फिल्म को पहली बार दिखाया गया था। या यूं कह सकते हैं कि किस फिल्म को पहली बार कान में जगह मिली थी। 1946 में जब कान की शुरुआत हुई थी तभी से भारतीय फिल्में वहां दिखाई जाने लगी थीं। कान में सबसे पहले भारतीय फिल्म 'नीचा नगर' दिखाई गई थी। फिल्म 'नीचा नगर' ने पहली बार अपनी उपस्तिथि कान में दर्ज कराई थी। इस फिल्म को 'ग्रांड प्रिक्स डू फेस्टिवल इंटरनेशनल डू फिल्म' के अवार्ड से नवाजा गया था। बता दें कि ग्रांड प्रिक्स कान फिल्म फेस्टिवल का एक पुरस्कार है, जो प्रतिस्पर्धी फीचर फिल्मों में से एक को फेस्टिवल की ज्यूरी द्वारा दिया जाता है।
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फिल्म नीचा नगर
1946 में आई फिल्म 'नीचा नगर' को निर्देशक चेतन आनंद ने निर्देशित किया था। इस फिल्म की कहानी के लेखक थे ख्वाजा अहमद अब्बास और हायातुल्लाह अंसारी। फिल्म के निर्माता थे राशिद अनवर। बता दें कि कई फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से सभी का दिल जीतने वाली अभिनेत्री कामिनी कौशल ने इस फिल्म से अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म के जरिए ही म्यूजिक डाइरेक्टर रवि शंकर ने भी बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था।
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ज्यूरी सदस्य
ज्यूरी सदस्यों का क्या काम होता है। बता दें कि कान फेस्टिवल दुनिया भर की फिल्मों का चार मुख्य और आधिकारिक श्रेणियों में प्रदर्शन होता है। जिसके बाद फिल्मों को अवार्ड के लिए चुना जाता है। इन कैटेगरीज में फिल्मों को चयनित करने के लिए ज्यूरी काफी पहले से काम करने लगती है। इस दौरान ज्यूरी द्वारा ही फिल्म को अवॉर्ड दिया जाता है।
भारतीय ज्यूरी में शामिल रहा इन अभिनेत्रियों का नाम
बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अदाकाराओं में गिनी जाने वाली ऐश्वर्या राय ने अपनी फिल्म 'देवदास' की विशेष स्क्रीनिंग के लिए शेखर कपूर के साथ साल 2002 में कान्स फेस्टिवल में डेब्यू किया था और साल 2003 में उन्होंने ज्यूरी में जगह बनाई थी। ऐश्वर्या के अलावा विद्या बालन ने साल 2013 में कान फिल्म फेस्टिवल में ज्यूरी सदस्य के रूप में काम किया था। भारत की दिग्गज अदाकारा शर्मिला टैगोर भी कान फेस्टिवल में ज्यूरी सदस्य के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्हें साल 2009 में ज्यूरी सदस्ये के रूप में बुलाया गया था। बॉलीवुड अभिनेत्रियों के अलावा फिल्म निर्माता, मीरा नायर भी कान का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने साल 1990 में कान फिल्म फेस्टिवल के सदस्य के रूप में काम किया था।
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