Vardhan Puri: सलमान खान की बात से सहमत नहीं अमरीश पुरी के पोते, OTT सेंसरशिप पर खुलकर बोले वर्धन पुरी
वर्धन पुरी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में ओटीटी सेंसरशिप के मुद्दे पर खुलकर बात की। अभिनेता का मानना है कि सेंसरशिप किसी भी मुद्दे का हल नहीं है।
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बॉलीवुड के भाईजान यानी सलमान खान ने हाल ही में मीडिया से खुलकर बातचीत की। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान खान ने ओटीटी पर दिखाए जाने वाले कंटेंट पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इतना ही नहीं अभिनेता ने दावा किया कि ओटीटी पर सेंसरशिप होनी चाहिए क्योंकि सभी तरह का कंटेंट प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। सलमान का मानना है कि ओटीटी पर आने वाली सीरीज और फिल्मों में अश्लीलता और गाली-गलौज बंद होनी चाहिए। ऐसे में सलमान के इस बयान पर बॉलीवुड में बहस छिड़ गई है और अब अमरीश पुरी के पोते, वर्धन पुरी भी इसका हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने खुलासा किया कि वह सल्लू मियां के इस विचार से सहमत नहीं हैं।
वर्धन पुरी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में ओटीटी सेंसरशिप के मुद्दे पर खुलकर बात की। अभिनेता ने कहा, 'मैं सभी की राय का सम्मान करता हूं। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मेरे विचार अलग हैं। मुझे लगता है कि अगर कोई सेंसरशिप होगी, तो क्रिएटिविटी मर जाएगी। मैं सेंसरशिप का विरोध करता हूं। मैं सर्टिफिकेशन में विश्वास करता हूं, निर्देश दिए जा सकते हैं, लेबल तैयार किए जा सकते हैं। लेकिन बड़े होने के नाते हर किसी के पास यह चुनने की पावर होनी चाहिए कि वे क्या देखना चाहते हैं। मैं किसी भी तरह की सेंसरशिप के पक्ष में नहीं हूं, खासकर ओटीटी पर तो बिल्कुल भी नहीं।'
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'ये साली आशिकी' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले वर्धन पुरी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'सर्टिफिकेशन ठीक है, लेकिन किसी भी चीज के किसी हिस्से को काट देना, किसी कंटेंट को उसकी भाषा या अश्लीलता के कारण रिलीज नहीं होने देना मुझे समझ नहीं आता है। नियम होना ठीक है, लेकिन सेंसरशिप नहीं। आपको यह नियंत्रित करना होगा कि कौन सामग्री देखने में सक्षम है क्योंकि ऐसे नाबालिग भी हैं, जो इस तरह की सामग्री देखते हैं। लेकिन, लोगों के लिए यह तय करना कि उनके लिए क्या देखना ठीक है, मुझे लगता है, यह रिडिक्युलस है।'
मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सलमान खान ने ओटीटी सेंसरशिप के मुद्दे पर कहा था कि, 'मुझे सच में लगता है कि ओटीटी में सेंसरशिप होनी चाहिए। यह सब अश्लीलता, नग्नता, गाली-गलौज बंद होनी चाहिए। 15 या 16 साल की उम्र के बच्चे ये सब देख सकते हैं। क्या आप इसे पसंद करेंगे यदि आपकी छोटी बेटी इसे देखे? मुझे लगता है कि ओटीटी पर कंटेंट की जांच होनी चाहिए। जितना साफ होगा कंटेंट, उतना बेहतर होगा, व्यूअरशिप उसकी ज्यादा होगी।'
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