फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Union Minister Ravneet Singh Bittu Says BJP or Centre has no role in removal of Movie Satluj from OTT

ओटीटी से ‘सतलुज’ को हटाने में केंद्र की भूमिका नहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने साफ की स्थिति

Wed, 08 Jul 2026 09:48 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: पूनम कंडारी Updated Wed, 08 Jul 2026 09:48 PM IST
सार

Movie Satluj Controversy: हाल में ओटीटी से दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को हटा दिया गया। इसके बाद फिल्म को लेकर बहस और विवाद खड़ा हो गया। इस फिल्म को लेकर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी एक बड़ा बयान दिया है। जानिए, फिल्म को लेकर वह क्या बोले? 

विज्ञापन
Union Minister Ravneet Singh Bittu Says BJP or Centre has no role in removal of Movie Satluj from OTT
फिल्म 'सतलुज' में दिलजीत दोसांझ और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों के कुछ नेताओं के आरोप का खड़न किया। इन आरोपों में कहा गया था कि ओटीटी से फिल्म ‘सतलुज’ को हटाने में बीजेपी या केंद्र सरकार का हाथ है। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि इस मामले को सही संदर्भ में समझना जरूरी है। 

विज्ञापन

केंद्र की फिल्म को ओटीटी से हटाने में कोई भूमिका नहीं 
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी 1995 में हत्या कर दी गई थी। इस वक्त रवनीत सिंह बिट्टू रेल राज्य मंत्री हैं। उन्होंने फिरोजपुर डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का दौरा किया था, इसे नया रूप दिया गया है। वहीं पर पत्रकारों से बात की। पीटीआई के मुताबिक इस बातचीत में वह कहते हैं, ‘फिल्मों से जुड़े सरकारी सर्टिफिकेशन और रेगुलेटरी नियम मुख्य रूप से सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों पर लागू होते हैं, जबकि सैटेलाइट टेलीविजन और केबल ब्रॉडकास्ट अलग-अलग कानूनी और रेगुलेटरी नियमों के तहत आते हैं। इसलिए जी5 से ‘सतलुज’ को हटाने के लिए बीजेपी या केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराने का कोई तथ्यात्मक या कानूनी आधार नहीं है।’ 

विज्ञापन

पंजाब के इतिहास को ऐतिहासिक संदर्भ से देखना होगा
वह आगे कहते हैं, ‘फिल्म में दिखाई गई घटनाएं उस समय की हैं, जब पंजाब और केंद्र सरकार, दोनों जगह कांग्रेस पार्टी की सरकार थी। इसलिए फिल्म या उस दौर के चित्रण से जुड़ी बातों के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराने की कोई भी कोशिश राजनीतिक मकसद से प्रेरित है और तथ्यों के आधार पर गलत है।’
रवनीत सिंह बिट्टू ने आगे कहा, ‘उग्रवाद का कोई धर्म नहीं होता और हिंसा को कभी भी महिमामंडित नहीं किया जाना चाहिए या किसी समुदाय या आस्था से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। पंजाब के इतिहास को चुनिंदा कहानियों या राजनीतिक प्रचार के बजाय तथ्यों, सत्यापित रिकॉर्ड और ऐतिहासिक संदर्भ के जरिए देखा जाना चाहिए।’

Union Minister Ravneet Singh Bittu Says BJP or Centre has no role in removal of Movie Satluj from OTT
फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ - फोटो : इंस्टाग्राम@diljitdosanjh

क्यों विवाद में आई फिल्म ‘सतलुज’
दिलजीत दोसांझ ने 'पंजाब95' नाम से एक फिल्म की थी, जो सेंसर बोर्ड के पास तीन साल तक अटकी रही। फिर 'सतलुज' नाम से शुक्रवार को ओटीटी पर रिलीज हुई। लेकिन दो दिन बाद इसे ओटीटी प्लेफॉर्म से हटा दिया गया। सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा। अब इसके कंटेंट की जांच भी की जाएगी। 

क्या है फिल्म की कहानी? 
हनी त्रेहान की निर्देशित फिल्म ‘सतलुज’ पंजाब के एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। बता दें कि जसवंत सिंह ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। 1995 में उनका अपहरण कर लिया गया था और उसके बाद वे कभी नहीं दिखे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा का किरदार निभाया है।
इस फिल्म की कहानी देखकर फैंस के रोंगटे खड़े हो गए थे। फिल्म में दिलजीत के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकार अहम किरदारों में नजर आए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed