Bhumi Pednekar: UNDP की राष्ट्रीय पैरोकार बनीं भूमि पेडनेकर, कहा- दुनिया को बदल सकती हैं महिलाएं
भूमि पेडनेकर यूएनडीपी इंडिया के साथ 2022 से वूमेन और वर्क चैंपियन के रूप में जुड़ी हैं। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, लिंग आधारित हिंसा, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर अपनी अहम राय रखी है।
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने भूमि पेडनेकर को नेशनल एडवोकेट फॉर सस्टेनेबल डेवेलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के लिए राष्ट्रीय पैरोकार घोषित कर दिया है। भूमि पेडनेकर 2023 तक गरीबी समाप्त करने शान्ति और समृद्धि सुनिश्चित करने का समर्थन करेंगी। बता दें कि भूमि पेडनेकर यूएनडीपी इंडिया के साथ 2022 से वूमेन और वर्क चैंपियन के रूप में जुड़ी हैं। इतना ही नहीं उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, लिंग आधारित हिंसा, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर अपनी अहम राय रखी है।
अगली पीढ़ी के लिए बेहतर दुनिया बनाएं
इस खास अवसर पर भूमि पेडनेकर ने कहा, 'मैं एसडीजी के लिए यूएनडीपी भारत की राष्ट्रीय पैरोकार नियुक्त होने पर सम्मानित महसूस कर रही हूं। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाएं। इसमें एसडीजी सहायक भूमिका निभाएगा। मैं एसजीडी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करूंगी।'
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शोको नोडा ने किया भूमि का स्वागत
इस दौरान यूएनडीपी इंडिया की रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव शोको नोडा ने यूएनडीपी भारत की राष्ट्रीय पैरोकार भूमि पेडनेकर का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'मैं एसडीजी के लिए हमारे पहले राष्ट्रीय पैरोकार के रूप में भूमि का स्वागत करते हुए बेहद प्रसन्न हूं। उन्होंने आगे कहा, भूमि लैंगिक समानता और स्थिरता के लिए आदर्श समर्थक हैं।'
दुनिया बदल सकती हैं महिलाएं
इस मौके पर भूमि ने यूएनडीपी की प्रमुख पत्रिका इंस्पायरिंग इंडिया के संस्करण लॉन्च के अवसर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पत्रिका का दूसरा संस्करण इस देश की असाधारण महिलाओं और यथास्थिति को चुनौती देने, रूढ़ियों को तोड़ने और बदलाव लाने की उनकी अदम्य भावना को सम्मान देना है। इस मौके पर भूमि पेडनेकर ने कहा, 'मैं इस पत्रिका का हिस्सा बनकर, व्यवसाय, खेल और जमीनी स्तर की प्रभावशाली महिलाओं के साथ जुड़कर खुश हूं। मेरा मानना है कि महिलाएं दुनिया को बदल सकती हैं और यह समय उस शक्ति का दोहन करने का है'।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)