फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Trailer Of Film Phule Release Biographical Drama Based On Life Of Mahatma Jyotirao Phule Savitribai Phule

Phule Trailer: ‘फुले’ का ट्रेलर रिलीज, पत्रलेखा-प्रतीक गांधी ने दिखाया महात्मा ज्योतिराव-सावित्रीबाई का संघर्ष

Mon, 24 Mar 2025 07:09 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: पूनम कंडारी Updated Mon, 24 Mar 2025 07:09 PM IST
सार

फिल्म ‘फुले’ के ट्रेलर का इंतजार सिनेप्रेमियों को लंबे समय से था। हाल ही में इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ। फिल्म का ट्रेलर दर्शकों की आंखें नम करता है। साथ ही बहुत कुछ सोचने पर भी मजबूर करता है। जानिए, क्या खास है इस फिल्म के ट्रेलर में।  

विज्ञापन
Trailer Of Film Phule Release Biographical Drama Based On Life Of Mahatma Jyotirao Phule Savitribai Phule
फिल्म 'फुले' में प्रतीक गांधी और पत्रलेखा ने निभाई मुख्य भूमिका - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

विस्तार

हाल ही में फिल्म ‘फुले’ का ट्रेलर रिलीज हुआ है। यह फिल्म एक बायोग्राफिकल ड्रामा है। इस फिल्म के ट्रेलर में अभिनेत्री पत्रलेखा, अभिनेता प्रतीक गांधी, महात्मा ज्योतिराव फुले और उनकी सावित्रीबाई फुले के किरदारों में नजर आ रहे हैं। ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले किस प्रकार समाज में क्रांति लेकर आए, उन्होंने महिलाओं, दलितों के लिए बदलाव की राह तैयार की, इन्हीं बातों की झलक ट्रेलर में नजर आती है। फिल्म का ‘ट्रेलर’ दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ाने में कामयाब नजर आता है। 

विज्ञापन

ट्रेलर में नजर आई सामाजिक बदलाव की कहानी
अनंत महादेवन द्वारा निर्देशित फिल्म ‘फुले’ में प्रतीक गांधी ने ज्योतिराव फुले और पत्रलेखा ने उनकी पत्नी ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले की भूमिका निभाई है। किस प्रकार से समाजक सुधारक ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले ने महाराष्ट्र के पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं, विधवाओं और दलितों के जीवन को बदला। इसी बात की झलक फिल्म के ट्रेलर में नजर आती है। यह फिल्म महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के मौके पर रिलीज होने वाली है। इस फिल्म की रिलीज डेट 11 अप्रैल 2025 रखी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन


समाज सुधारक जोड़े के संघर्ष को दिखाया गया 
महिलाओं की शिक्षा, विधवाओं के अधिकारों और हाशिए पर पड़े हुए दलित समाज के उत्थान की वकालत समाजक सुधारक ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले किया करते थे। इस कारण उन्हें समाज में बहुत विरोध झेलना पड़ा। समाज सुधार के रास्ते पर उन्हें तरह-तरह के संघर्ष का सामना करना पड़ा। इन्हीं बाताें को फिल्म ‘फुले’ बहुत बारीकी से दिखाती है। 

प्रतीक-पत्रलेखा अपने किरदारों पर क्या बोले 
फिल्म ‘फुले’ में अपने किरदार के बारे में प्रतीक गांधी कहते हैं, ‘मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि महात्मा ज्योतिराव फुले का जीवन जीने का मौका मिला। मैं उनके संघर्ष को महसूस कर सकता हूं, जो उन्होंने अपने समय में देखा था। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर सदियों पुरानी और बुरी सामाजिक व्यवस्था को खत्म कर दिया।’ वहीं पत्रलेखा कहती हैं, ‘ज्योतिराव फुले के साथ, सावित्रीबाई ने भी भारत में आधुनिक शिक्षा और सामाजिक समानता की नींव रखी थी। उन्होंने हमारे देश में लड़कियों को पढ़ने का अवसर दिया। मुझे खुशी है कि अनंत सर ने सावित्रीबाई के जीवन पर एक फिल्म बनाने का फैसला किया और मुझे उनका किरदार निभाने का मौका मिला।’  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed