The Kerala Story: द केरल स्टोरी के पक्ष में कौन और विपक्ष में कौन, जानें किसने क्या कहा?
द केरल स्टोरी पर विवाद थमता नहीं दिख रहा है। अब तक फिल्म को लेकर कई राजनीतिक दलों ने सवाल खड़े किए हैं। वहीं, बहुत से नेताओं और सितारों ने फिल्म का खुलकर समर्थन भी किया है।
विस्तार
द केरल स्टोरी बीते कुछ दिनों से लगातार चर्चा के केंद्र में हैं। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च होने से लेकर इसके रिलीज होने के बाद भी द केरल स्टोरी पर विवाद कम होता नजर नहीं आ रहा है। हाल ही में बहुत से राजनीतिक दलों समेत कई लोगों ने इस फिल्म के कंटेंट पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, कई नेताओं और सेलेब्स ने फिल्म का समर्थन भी किया है। आइए जानते हैं कि फिल्म के पक्ष और विपक्ष में कौन खड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस फिल्म का जिक्र कर चुके हैं। उन्होंने एक रैली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि मैं देखकर हैरान हूं कि वोट बैंक की खातिर कांग्रेस ने आतंकवाद के सामने घुटने टेक दिए हैं।
Filmy Wrap: पश्चिम बंगाल में बैन हुई द केरल स्टोरी और आलिया ने मांगी नवाजुद्दीन से माफी, पढ़ें फिल्मी खबरें
हमेशा बेबाकी से अपनी राय रखने वाली कंगना रणौत ने फिल्म को लेकर उठे विवाद पर हाल ही में आलोचकों पर करारा वार किया था। उन्होंने कहा था कि फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की काफी कोशिश की जारी है। इसमें ISIS के अलावा किसी को भी बैड लाइट में नहीं दिखाया जा रहा है। अभिनेत्री ने कहा था, ''आईएसआईएस एक आतंकी संगठन है, ऐसा मैं नहीं कह रही बल्कि गृह मंत्रालय और बाकी देशों ने कहा है। अगर कोई ऐसा समझता है कि वह आतंकी संगठन नहीं है तो वह भी आतंकी ही है।''
Adipurush Trailer: ‘आदिपुरुष’ के ट्रेलर का काउंटडाउन शुरू, मंगलवार को इतने बजे पूरी दुनिया में होगा रिलीज
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी इस फिल्म का खुलकर समर्थन कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने फिल्म का विरोध कर रहे राजनीतिक दलों पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि कुछ लोग हैं जो लड़कियों को फंसाकर आतंक के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं। यह फिल्म उन्हीं को बेनकाब करती है। साथ ही, उन्होंने कहा था कि अगर कुछ राजनीतिक दल इसका समर्थन करते हैं तो इसका मतलब वे पीएफआई, आतंकवाद और आईएसआईएस का समर्थन करते हैं।
Shiv Shakti: छोटे परदे पर फिर होने जा रहा हर हर महादेव का जयघोष, इस बार राम ने धरा जटाधारी का स्वरूप
हाल ही में शबाना आजमी का भी इस फिल्म को लेकर एक बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्म को बैन करने की वकालत करने वालों को लताड़ लगाते हुए कहा कि जो लोग द केरल स्टोरी पर रोक लगाने की बात करते हैं, वे उतने ही गलत है, जितने कि वह आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा पर बैन लगाना चाहते थे। एक बार किसी फिल्म को सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से सर्टिफिकेट मिल जाता है तो फिर किसी भी दूसरे कॉन्स्टिट्यूशन अथॉरिटी का कोई रोल नहीं रह जाता।
द केरल स्टोरी का विरोध करने वालों में सबसे पहला नाम केरल के सीएम पिनराई विजयन का आता है। उन्होंने फिल्म को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के उद्देश्य और केरल के खिलाफ नफरत फैलाने के उद्देश्य से जानबूझकर की गई कोशिश करार दिया था। उन्होंने कहा था कि फिल्म द केरल स्टोरी के ट्रेलर से यह संकेत मिलता है कि यह फिल्म धर्मनिरपेक्षता की धरती केरल में खुद को धार्मिक उग्रवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करने वाले संघ परिवार के प्रचार को फैलाने की कोशिश कर रही है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता शशि थरूर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे। फिल्म के ट्रेलर पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने चैलेंज करते हुए कहा था कि 32 हजार लड़कियों के धर्म परिवर्तन और सीरिया जाने की बात को साबित कीजिए, अपना सबूत जमा करिए और इएक करोड़ रुपये ले जाइए। हालांकि, बाद में सफाई देते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी तरफ से फिल्म को बैन करने की मांग नहीं की गई है।
मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद इस फिल्म पर बैन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुका है। संगठन की मांग थी कि फिल्म को काल्पनिक कहानी के डिस्केमर के साथ ही रिलीज किया जाना चाहिए। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।
हाल ही में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य सरकार के मुताबिक किसी भी अप्रिय घटना और शांति बनाए रखने के लिए उन्होंने फिल्म पर बैन लगाया है। सोमवार (8 मई) को इस मुद्दे पर सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा और सीपीआई (एम) परजमकर हमला बोला।
Arijit: लाइव कॉन्सर्ट में शख्स ने खींचा अरिजीत सिंह का हाथ, चोटिल हुए सिंगर की प्रतिक्रिया का वीडियो वायरल
'द केरल स्टोरी' को देखने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को फिल्म को लेकर अपना रिव्यू दिया। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए देश के सभी माता-पिता से फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने कहा, 'माता-पिता को अपने बच्चों के साथ यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।'
अनुपम खेर ने 'द केरल स्टोरी' को प्रोपेगैंडा कहे जाने पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि, 'मैंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मुझे खुशी है कि लोग ऐसी फिल्में बना रहे हैं, जो वास्तविकता के करीब हैं और जिन लोगों को यह लगता है कि यह प्रचार है, वह उस विषय पर फिल्में बनाने के लिए स्वतंत्र हैं, जो उन्हें सही लगती है। कोई उन्हें रोक नहीं रहा है।'
फिल्म निर्माता और इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पंडित ने पश्चिम बंगाल में केरल स्टोरी पर प्रतिबंध की निंदा की है। अशोक पंडित ने कहा, 'यह आज उसी राज्य बंगाल में हो रहा है, जहां कुछ दिनों पहले अमिताभ जी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठा रहे थे। दुर्भाग्य से आज एक अच्छी फिल्म को मंच पर बैठे उसी मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है। मैं कामना करता हूं और उम्मीद करता हूं कि इंडस्ट्री मिलकर ममता बनर्जी के इस तानाशाही रवैये की निंदा करेगी।'
राजनेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि 'द केरल स्टोरी' तथ्यों पर आधारित नहीं है और इसे स्क्रीनिंग से रोका जाना चाहिए। उन्होंने मराठी में ट्वीट किया, 'दूसरे शब्दों में, आप अपनी महिला बहनों को बदनाम करना चाहते हैं? यह दिखाने के लिए कि हमारी महिला बहनें मूर्ख हैं और कुछ भी नहीं समझती हैं और अंततः पुरुष प्रधान संस्कृति में महिलाओं को अधीनस्थ के रूप में चित्रित करना है। ये है केरल पर आधारित फिल्म की असली सच्चाई। इस तरह की फिल्में झूठ के आधार पर हिंसा, नफरत पैदा करने और उसी से चुनाव जीतने के हिसाब से बनाई जाती हैं।'
सपा नेता ने ट्वीट कर कहा, 'मनोरंजन' को मनोरंजन के लिए छोड़ दें और सिनेमा व साहित्य का प्रयोग अपने जहरीले एजेंडे को देश पर थोपने के लिए न करें। नफरत की कोख से उपजी कोई भी कला राष्ट्र और समाज के लिए विध्वंसकारी होगी।'
'मनोरंजन' को 'मनोरंजन' के लिए छोड़ दें और सिनेमा व साहित्य का प्रयोग अपने जहरीले एजेंडे को देश पर थोपने के लिए न करें।
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) May 9, 2023
नफरत की कोख से उपजी कोई भी कला राष्ट्र और समाज के लिए विध्वंसकारी होगी।#TheKerlaStory
कपिल सिब्बल ने एक ट्वीट कर कहा, 'द केरल स्टोरी पर बीजेपी की खुशबू सुंदर कहती हैं, लोगों को तय करने दें कि वो क्या देखना चाहते हैं, आप दूसरों के लिएफैसला नहीं ले सकते हैं, फिर आप विरोध क्यों कर रहे हैं। आमिर खान की पीके, शाहरुख खान की पठान, बाजीराव मस्तानी का इन्होंने ही विरोध किया था। बीजेपी की राजनीति ही यह है कि जो नफरत को बढ़ावा देता है उसका समर्थन करो।'
BJP’s Khushbu Sundar on Kerala Files :
— Kapil Sibal (@KapilSibal) May 9, 2023
“Let people decide what they want to watch. You cannot decide for others”
Then why protest against :
Aamir Khan’s “PK”
Shah Rukh Khan’s “Pathaan”
Screening of “Bajirao Mastani”
Your politics :
Support that which fuels hatred !
योगी आदित्यनाथ
उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिल्म की तरफ अपना समर्थन दिखाते हुए इसे अपने राज्य में टैक्स फ्री करने का एलान कर दिया है।