The Gray Man Review: रोमांस से छिटके रयान गॉसलिंग की सबसे खतरनाक एक्शन फिल्म, क्रिस इवांस बने खतरनाक विलेन
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मार्क ग्रिएनी की लिखी किताब ‘द ग्रे मैन’ पर इसी नाम की बनी नेटफ्लिक्स की फिल्म को बनाने में कहते हैं कि 200 मिलियन डॉलर यानी करीब 1598 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दुनिया भर में घूमती फिल्म ‘द ग्रे मैन’ की चर्चा भारत में इसलिए होती रही कि इसमें तमिल सिनेमा के सितारे धनुष भी काम कर रहे हैं। उनका काम फिल्म में वाकई में है कितना, उससे पहले ये भी जानना जरूरी है कि फिल्म में उनका दो बार उनके मूल स्थान को लेकर जिक्र किया जाता है और दोनों बार उन्हें भारतीय नहीं बल्कि तमिल कहकर पुकारा जाता है। रूसो ब्रदर्स इसके निर्देशक हैं, उनकी एवेंजर्स सीरीज की फिल्मों के भारतीय दर्शक मुरीद रहे हैं। ‘एवेंजर्स एंडगेम’ की भारत में कमाई का रिकॉर्ड भी अब तक कोई दूसरी फिल्म तोड़ नहीं पाई है। और, शायद इसीलिए रूसो ब्रदर्स को भारत से लगाव भी है।
जेम्स बॉन्ड सरीखी एक्शन फिल्म
ये बात तो अब जग जाहिर है कि नेटफ्लिक्स के शेयर इस साल के शुरुआत से ही डांवाडोल रहे हैं। और, इधर इसकी फिल्मों का बजट बढ़ते बढ़ते 200 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। हालांकि, इसमें फायदा नेटफ्लिक्स के ग्राहकों को ही हो रहा है। फिल्म ‘द ग्रे मैन’ नेटफ्लिक्स की अब तक की सबसे भव्य एक्शन फिल्म कही जा सकती है। करीब दो घंटे की इस फिल्म में वह सब कुछ है जो अब तक दर्शक जेम्स बॉन्ड की फिल्मों में देखते आए हैं। सीआईए का एक शैडो एजेंट है सिक्स। गिनती में भले वह जेम्स बॉन्ड से एक गिनती कम हो लेकिन काम उसका कम नहीं है। वह कहता भी है कि सिक्स नाम रखना मजबूरी है क्योंकि सेवन पहले से ही किसी और ने ले लिया है।
सीआईए के शैडो एजेंट के कारनामे
फिल्म ‘द ग्रे मैन’ की कहानी शुरू होती है एक जेल से जहां सीआईए का एक अधिकारी एक कातिल से मिलने आया है। जेल से छुड़ाने और उसे एक बेहतर जिंदगी के एवज में ये अधिकारी इस कातिल को अपने खेमे में शामिल करता है। काम मिलता है उन सारे खतरों को नेस्तनाबूद करना जो सीआईए खुद कानूनी बाध्यताओं के चलते नहीं कर सकती। फिल्म शुरू होती है बैंकॉक में। यहां सिक्स को एक ऐसे शख्स को खत्म करना है जो सीआईए के कुछ सुराग किसी विदेशी शक्ति को बेचने वाला है। मरने से पहले ये शख्स अपना नाम फोर बताता है और ये भी बताता है कि उसे भी सिक्स की तरह ही उसी खास दस्ते में शामिल किया गया था जिसका सिक्स हिस्सा रहा है। सिक्स को यहां कुछ सबूत मिलते हैं और इस घटनाक्रम में ही पता चलता है कि सीआईए के बड़े अफसर बदल चुके हैं। सिक्स के बागी होते ही उसके पीछे एक और शैडो एजेंट को लगा दिया जाता है, उसे खत्म करने के लिए।
क्रिस इवांस का वहशी रूप
एंथनी रूसो और जो रूसो की पहचान अवेंजर्स सीरीज की फिल्मों से ही ऐसी बन गई है जिनको एक्शन दृश्यों के सहारे दर्शकों को बांधे रखने में महारत हासिल है। ऐसी फिल्मों के साथ फायदा ये है कि दर्शक फिल्म देखने के बाद ही समझ पाता है कि फिल्म अच्छी है या बुरी। लेकिन, उसके देखने भर से फिल्म बनाने वालों को फायदा हो चुका होता है। फिल्म ‘द ग्रे मैन’ भी पूरी तरह से एक हिंसा से ओत प्रोत फिल्म है जिसका सिर्फ एक्शन फिल्में पसंद करने वाले दर्शक ही भरपूर आनंद ले सकते हैं। मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में काम करने वाले सितारे क्रिस हेम्सवर्थ को फिल्म ‘एक्स्ट्रैक्शन’ में पेश करने के बाद इस बार रूसो ब्रदर्स कैप्टन अमेरिका बनते रहे क्रिस इवांस को अपने साथ लाए हैं। फिल्म में क्रिस का किरदार मुख्य खलनायक है और इतना वहशी खलनायक हाल फिलहाल के दिनों में सिर्फ तमिल व तेलुगू फिल्मों मे ही देखने को मिला है।
तेलुगू फिल्मों जैसी मसाला एंटरटेनर
फिल्म ‘द ग्रे मैन’ एक तरह से टिपिकल दक्षिण भारतीय एक्शन फिल्म जैसी है, बस यहां कहानी दुनिया के एक देश से दूसरे देश में यूं जाती रहती है जैसे लोग गाजियाबाद से नोएडा, दिल्ली और गुड़गांव, फरीदाबाद जाते रहते हैं। कहानी की चूंकि ज्यादा परतें नहीं हैं लिहाजा रूसो ब्रदर्स दर्शकों को पूरी फिल्म में इसके बेइंतेहा हिंसक एक्शन दृश्यों से बांधे रखने की कोशिश करते रहते हैं और कमोबेश इसमें सफल भी रहते हैं। आसमान में हवाई जहाज में धमाके होते हैं। नीचे धरती पर ट्रेन में घमासान मचा है। हीरो एक सूखे कुएं में गिरता है तो वहां भी पानी भरकर रूसो ब्रदर्स धमाका कर ही देते हैं। तकनीकी रूप से फिल्म कमाल है बस कहानी में ‘जॉन विक’ से लेकर ‘मिशन इंपॉसिबल’, ‘बोर्न आइडेंटिटी’ और ना जाने कितनी दूसरी हॉलीवुड एक्शन फिल्मों का कॉकटेल उन्होंने शामिल कर दिया है।
रयान रॉसलिंग का सबसे बड़ा एक्शन अवतार
कलाकारों मे ये फिल्म रयान रॉसलिंग का संपूर्ण एक्शन अवतार है। ‘नोटबुक’ और ‘ला ला लैंड’ के रोमांटिक हीरो को हालांकि पहले भी एक्शन फिल्मों में मौका मिला है लेकिन यहां जैसे रयान ने पहले सीन से तय कर रखा है कि उन्हें किसी भी तरह हॉलीवुड का सबसे बड़ा एक्शन हीरो बनना ही बनना है। विश्व सिनेमा में कारोबार के हिसाब से भी इन दिनों एक्शन फिल्मों की ही धूम है। यहां भारत में भी ‘पुष्पा पार्ट 1’, ‘केजीएफ 2’ और ‘विक्रम’ इसकी गवाही दे रही हैं। रयान रॉसलिंग के पास इस फिल्म में रूमानी होने का समय ही नहीं है। फिल्म ‘नो टाइम टू डाइ’ में थोड़ी देर का एक्शन सीन पाने वाली अना डि अरमास को यहां जमकर गोलियां चलाने का मौका मिला है और वह इसमें फबती भी हैं। कैप्टन अमेरिका के रोल से मुक्ति पा चुके क्रिस इवांस को एक शातिर, क्रूर और बेरहम विलेन के तौर पर देखना फिल्म का सरप्राइज रहा। और हां, फिल्म में धनुष भी हैं। उनका कुछ मिनटों का रोल है। एक्शन सीन्स उनसे रूसो ब्रदर्स ने बढ़िया करवाए हैं।
देखें कि न देखें
फिल्म ‘द ग्रे मैन’ एक्शन फिल्में देखने के शौकीनों को बोर नहीं करेगी। इसकी बस एक ही खामी है और वह काफी बड़ी खामी है इसकी कहानी और पटकथा। एक बार नायक और खलनायक के आमने सामने आने के बाद फिल्म इसी मुद्दे पर आखिर तक अटकी रहती है। बीच बीच में फ्लैशबैक में कहानी में जो हो रहा है, उसे समझाने की कोशिश फिल्म को और भटकाती है। एक बार देखने के लिए फिल्म ठीक है लेकिन अगर वीकएंड पर कोई अच्छी मनोरंजक फिल्म की तलाश में हैं तो उस मूड मे देखने पर ये फिल्म निराश कर सकती है।