{"_id":"58c28c644f1c1ba23bdc51bf","slug":"the-first-ever-horror-movie-made-in-bollywood","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सफर-ऐ-सेंसर - महज 40 दिन में शूट हुई थी बॉलीवुड की पहली हॉरर फिल्म, सिहर गए थे लोग","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
सफर-ऐ-सेंसर - महज 40 दिन में शूट हुई थी बॉलीवुड की पहली हॉरर फिल्म, सिहर गए थे लोग
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Sat, 11 Mar 2017 12:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज हम आपको बताने जा रहे हैं उस फिल्म के बारे में, जिसने बॉलीवुड की पहचान भूत-प्रेत की कहानियों से करवाई। बॉलीवुड में इससे पहले कभी कोई हॉरर फिल्म नहीं बनी थी। हिंदी सिनेमा को इस जॉनर से पहचान करवाई थी रामसे ब्रदर्स ने।
तुलसी रामसे और श्याम रामसे ने 1972 में फिल्म बनाई जिसका नाम था 'दो गज जमीन के नीचे।' इस फिल्म की कहानी राजवंश नाम के एक साइंटिस्ट के इर्द-गिर्द घूमती है। राजवंश अंजलि नाम की एक लड़की से शादी करता है लेकिन वो सिर्फ पैसों के लिए अपने पति का इस्तेमाल करती है। अंजलि पैसों की खातिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर राजवंश का कत्ल कर देती है। इसके बाद शुरू होता है असली हॉरर। फिल्म का क्लाइमैक्स देखने लायक है।
विज्ञापन
तुलसी रामसे और श्याम रामसे ने 1972 में फिल्म बनाई जिसका नाम था 'दो गज जमीन के नीचे।' इस फिल्म की कहानी राजवंश नाम के एक साइंटिस्ट के इर्द-गिर्द घूमती है। राजवंश अंजलि नाम की एक लड़की से शादी करता है लेकिन वो सिर्फ पैसों के लिए अपने पति का इस्तेमाल करती है। अंजलि पैसों की खातिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर राजवंश का कत्ल कर देती है। इसके बाद शुरू होता है असली हॉरर। फिल्म का क्लाइमैक्स देखने लायक है।
विज्ञापन
फिल्म में राजवंश का किरदार निभाया है अमजद खान ने। फिल्म को डॉयरेक्ट करने वाले रामसे ब्रदर्स ने तकरीबन 30 से ज्यादा हॉरर फिल्में बनाई हैं। इनमें से कुछ फेमस फिल्में थीं, वीराना, पुराना मंदिर, पुरानी हवेली और बंद दरवाजा।
इस फिल्म की एक रोचक बात यह है कि फिल्म केवल 40 दिनों में शूट हुई थी। उस वक्त फिल्मों को पूरा होने में एक साल और 50 लाख रुपये लग जाते थे लेकिन 'दो गज जमीन के नीचे' केवल साढ़े तीन लाख रुपये में बनीं थी।
फिल्म में एक्टर्स द्वारा पहने गए कपड़े उनके खुद के थे। फिल्म से जरूरी जो भी सामान था, वो किराए पर लिया गया था। फिल्म हाउसफुल रही थी और इसने 45 लाख रुपये की कमाई की थी।
इस फिल्म की एक रोचक बात यह है कि फिल्म केवल 40 दिनों में शूट हुई थी। उस वक्त फिल्मों को पूरा होने में एक साल और 50 लाख रुपये लग जाते थे लेकिन 'दो गज जमीन के नीचे' केवल साढ़े तीन लाख रुपये में बनीं थी।
फिल्म में एक्टर्स द्वारा पहने गए कपड़े उनके खुद के थे। फिल्म से जरूरी जो भी सामान था, वो किराए पर लिया गया था। फिल्म हाउसफुल रही थी और इसने 45 लाख रुपये की कमाई की थी।