Sanoj Mishra:'मुझे जेल में डालकर मारा जा सकता है', द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल के निर्देशक ने PM से लगाई गुहार
निर्देशक सनोज मिश्रा को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें उन्हें 30 मई को मामले के जांच अधिकारी (आईओ) के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। अब सनोज ने उसके लिए पीएम मोदी सीएम योगी और अमित शाह से गुहार लगाई है।
विस्तार
फिल्म ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ का ट्रेलर रिलीज होते ही विवादों में आ गया है। कोलकाता पुलिस ने फिल्म के निर्माता और निर्देशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि फिल्म के ट्रेलर ने विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया है। निर्देशक सनोज मिश्रा को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें उन्हें 30 मई को मामले के जांच अधिकारी (आईओ) के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। अब सनोज ने उसके लिए पीएम मोदी सीएम योगी और अमित शाह से गुहार लगाई है।
पीएम मोदी से लगाई गुहार
'द केरल स्टोरी' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म रिलीज होने के बाद भी सुदीप्तो सेन की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब इसी क्रम में फिल्म 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' पर विवाद खड़ा हो गया है। इस फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा को डर सता रहा है कि उनकी जान खतरे में है और उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें जेल भेजा जा सकता है, जहां उनकी हत्या हो सकती है।
#WATCH | Sanoj Mishra, director of the Hindi film "The Diary of West Bengal" speaks on the notice severed to him by the West Bengal police alleging that the director is trying to defame Bengal with this film, says, "My intention is not to malign the image of the state. We have… https://t.co/N00BlnwqOx pic.twitter.com/SOrakPdjCe
— ANI (@ANI) May 26, 2023
सनोज ने कहा आंदोलन नहीं रुकना चाहिए
सनोज ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, सिर्फ ट्रेलर के आधार पर मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अब मुझे जेल में डालकर मारा जा सकता है। सनोज मिश्रा ने यह भी कहा है कि अगर उन्हें बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया गया तो इसका मतलब उनकी मौत है। अगर उन्हें कुछ होता तो आंदोलन रुकना नहीं चाहिए।
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सोशल मीडिया पर लिखा लंबा चौड़ा पोस्ट
सनोज ने आगे लिखा, ‘अपील...स्वतंत्र भारत में अपनी बात कहने का अधिकार सबको है , लेकिन फिर भी निरंकुश शासक और तानाशाह आज भी देश को और देश के नागरिकों को अपना गुलाम समझते है। मेरी फिल्म 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' को बिना देखे, बिना जाने ट्रेलर के आधार पर बंगाल में मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मुझे गिरफ्तार कर जेल में मारा जा सकता है। मैंने सिर्फ एक फिल्म बनाई है। मैंने कोई गुनाह नहीं किया है।’