फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   The Calcutta HC dismisses petition seeking stay on release of The Bengal Files

The Bengal Files: निर्माताओं को मिली राहत, 'द बंगाल फाइल्स' की रिलीज पर रोक की याचिक कलकत्ता HC ने की खारिज

Mon, 08 Sep 2025 10:45 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Mon, 08 Sep 2025 10:45 PM IST
सार

The Bengal Files: फिल्म  'द बंगाल फाइल्स' के निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है। इस फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगेगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गोपाल चंद्र मुखर्जी के पोते शांतनु मुखर्जी की याचिका खारिज कर दी है।

विज्ञापन
The Calcutta HC dismisses petition seeking stay on release of The Bengal Files
'द बंगाल फाइल्स' - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' इन दिनों सिनेमाघरों में लगी है। यह फिल्म 05 सितंबर को रिलीज हुई थी। रिलीज से पहले से ही यह फिल्म विवादों के घेरे में हैं। साल 1946 में हुए दंगों को रोकने वाले लोकप्रिय बंगाली योद्धा गोपाल चंद्र मुखर्जी के पोते शांतनु मुखर्जी ने विवेक अग्निहोत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा शांतनु ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।  

विज्ञापन

गोपाल मुखर्जी के पोते ने लगाया था यह आरोप
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को गोपाल चंद्र मुखर्जी के पोते द्वारा दायर एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि फिल्म में गोपाल चंद्र मुखर्जी को गलत तरीके से दिखाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

शांतनु मुखर्जी ने सीबीएफसी की भूमिका पर उठाया सवाल
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने याचिका को विचारणीय न मानते हुए याचिका खारिज कर दी। फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' अगस्त 1946 में कोलकाता में हुए सांप्रदायिक दंगों पर आधारित है, जिन्हें 'ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' के नाम से जाना जाता है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि गोपाल चंद्र मुखर्जी के पोते शांतनु मुखर्जी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को एक आरटीआई आवेदन दायर किया था, जिसमें उन्होंने फिल्म में उनके दादा को किस तरह दिखाया गया है, इसका आकलन करने में बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाया था।

विज्ञापन

याचिकाकर्ता के वकील ने दिया यह तर्क
शांतनु के वकील ने तर्क दिया कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं, सीबीएफसी के वकील ने कहा कि आरटीआई का कोई जवाब न मिलने के कारण याचिकाकर्ता ने निर्धारित समय के भीतर फिल्म की रिलीज के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की। प्रतिवादियों में से एक के वकील ने कहा कि चूंकि फिल्म पहले ही पूरे देश में प्रदर्शित हो चुकी है, इसलिए याचिका निष्फल हो गई है। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि याचिकाकर्ता को आरटीआई अधिनियम के तहत निर्धारित उपाय का लाभ उठाना चाहिए और उन्होंने रिट याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

शांतनु मुखर्जी ने छवि बिगाड़ने का लगाया आरोप
अपनी याचिका में, शांतनु मुखर्जी ने दावा किया कि उनके दादा एक स्वतंत्रता सेनानी थे और फिल्म में उन्हें गलत तरीके से दिखाया गया है। एक तस्वीर पेश करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में गोपाल चंद्र मुखर्जी को अपमानजनक रूप से 'पाठा' कहा गया है। उन्होंने आगे तर्क दिया कि फिल्म में उनके दादा को 16 अगस्त, 1946 की घटनाओं में शामिल होने के रूप में भी गलत तरीके से दिखाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed