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क्या याद है आपको शोले का सूरमा भोपाली, सड़कों पर साबुन-कंघी बेच चलाया घर, पहली फिल्म के मिले थे सिर्फ छह रुपए
Sat, 29 Mar 2025 09:00 AM IST
अंजू बाजपेई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंजू बाजपेई
Updated Sat, 29 Mar 2025 09:00 AM IST
सार
Jagdeep Birth Anniversary: जगदीप की जिंदगी और उनका फिल्मी सफर मुश्किल हालातों से निकलकर अपनी मेहनत और कला से दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। उनकी यादें और किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।
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क्या याद है आपको शोले का सूरमा भोपाली
- फोटो : एक्स
विस्तार
जगदीप, जिनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी है। हिंदी सिनेमा के एक मशहूर कॉमेडियन जिन्होंने अपने करियर में 400 से अधिक फिल्मों में काम किया और दर्शकों को अपनी कॉमिक टाइमिंग से खूब हंसाया। आज उनकी जयंती पर जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से...
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संघर्ष भरा रहा बचपन
जगदीप का जन्म 29 मार्च 1939 को मध्य प्रदेश के दतिया में हुआ था। 1947 में देश के बंटवारे के दौरान उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उनका परिवार मुंबई आ गया। गरीबी की वजह से जगदीप ने स्कूल छोड़ दिया और सड़कों पर साबुन, कंघी जैसी छोटी चीजों को बेचकर परिवार चलाया।
जगदीप का जन्म 29 मार्च 1939 को मध्य प्रदेश के दतिया में हुआ था। 1947 में देश के बंटवारे के दौरान उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उनका परिवार मुंबई आ गया। गरीबी की वजह से जगदीप ने स्कूल छोड़ दिया और सड़कों पर साबुन, कंघी जैसी छोटी चीजों को बेचकर परिवार चलाया।
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बाल कलाकार के रूप में की करियर की शुरुआत
जगदीप ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार की थी। उन्होंने बी.आर. चोपड़ा की फिल्म 'अफसाना' में एक बाल कलाकार के रूप में काम किया, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 6 रुपये मिले थे। इसके बाद उन्होंने 'दो बीघा जमीन' और 'हम पंछी एक डाल के' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता। 'हम पंछी एक डाल के' में उनके शानदार अभिनय के लिए भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपनी कलम तोहफे में दी थी।
जगदीप ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार की थी। उन्होंने बी.आर. चोपड़ा की फिल्म 'अफसाना' में एक बाल कलाकार के रूप में काम किया, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 6 रुपये मिले थे। इसके बाद उन्होंने 'दो बीघा जमीन' और 'हम पंछी एक डाल के' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता। 'हम पंछी एक डाल के' में उनके शानदार अभिनय के लिए भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपनी कलम तोहफे में दी थी।
सूरमा भोपाली का जादू
- फोटो : एक्स
सूरमा भोपाली का जादू
1975 में आई फिल्म 'शोले' में उनके किरदार 'सूरमा भोपाली' ने उन्हें रातोंरात मशहूर कर दिया। यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी सूरमा भोपाली कहकर बुलाने लगे। बाद में उन्होंने इस किरदार पर आधारित एक फिल्म भी बनाई।
1975 में आई फिल्म 'शोले' में उनके किरदार 'सूरमा भोपाली' ने उन्हें रातोंरात मशहूर कर दिया। यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी सूरमा भोपाली कहकर बुलाने लगे। बाद में उन्होंने इस किरदार पर आधारित एक फिल्म भी बनाई।
कॉमेडी किंग
जगदीप ने 'ब्रह्मचारी', 'अंदाज अपना अपना' और 'पुराना मंदिर' जैसी कई फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
जगदीप ने 'ब्रह्मचारी', 'अंदाज अपना अपना' और 'पुराना मंदिर' जैसी कई फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
पर्सनल लाइफ
जगदीप ने तीन शादियां कीं। उनकी पहली पत्नी का नाम नसीम बेगम, दूसरी सुघरा बेगम और तीसरी नाजिमा। उनके छह बच्चे हैं, जिनमें अभिनेता जावेद जाफरी और नावेद जाफरी शामिल हैं।
जगदीप ने तीन शादियां कीं। उनकी पहली पत्नी का नाम नसीम बेगम, दूसरी सुघरा बेगम और तीसरी नाजिमा। उनके छह बच्चे हैं, जिनमें अभिनेता जावेद जाफरी और नावेद जाफरी शामिल हैं।
निधन
81 साल की उम्र में जगदीप को 2020 में कोरोना महामारी के दौरान कमजोरी हुई, जिसकी वजह से 8 जुलाई को उनका निधन हो गया।
81 साल की उम्र में जगदीप को 2020 में कोरोना महामारी के दौरान कमजोरी हुई, जिसकी वजह से 8 जुलाई को उनका निधन हो गया।