'मैं एफटीआईआई का चैयरमैन बनते-बनते रह गया'
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भाजपा के सांसद और बीते जमाने के मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में नए चैयरमैन के पद को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि वो इंस्टीट्यूट के अंतरिम चैयरमैन बनने के लिए बिल्कुल तैयार थे। उन्होंने कहा कि मैंने इसके लिए एक पत्र की मांग भी की थी। लेकिन आखिरी समय पर ऐसा ना हो सका।
पुणे का विश्वविख्यात संस्थान फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) पिछले साल से बेहद चर्चाओं में हैं। मोदी सरकार के गजेंद्र चौहान को संस्थान का नया चैयरमैन नियुक्त करने के साथ ही छात्रों और बुद्धिजीवियों का एक धड़ा लगातर उनका विरोध कर रहा है। बहुत से छात्र लंबे समय से संस्थान में धरने पर भी हैं।
विरोध कर रहे छात्रों के का कहना है कि गजेंद्र चौहान के नाम पर ऐसा कोई खास कारनामा नहीं है जो उन्हें इस पद के काबिल बनाता हो। गजेंद्र चौहान की पहचान सिर्फ महाभारत में निभाए गए उनके रोल युधिष्ठिर से है। बेहद कड़े विरोध के बावजूद गजेंद्र चौहान अपना पद संभाल चुके हैं। लेकिन अब शत्रुघ्न के दावे वाकई चौंकाने वाले हैं।
राहुल केजरी की वजह से मोदी सरकार अड़ गई
शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि जब फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में विरोध बेहद बढ़ गया तो उन्होंने गजेंद्र से अपने कदम पीछे हटाने की बात कही थी। शत्रु का कहना है कि उन्होंने गजेंद्र से खुद अपना नाम वापस लेने के बाद वो खुद इस पद के इच्छुक थे। उन्होंने खुद को अंतरिम चैयरमैन बनाए जाने के लिए तुरंत प्रभाव से पत्र की भी मांग की थी।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि ये सारा मामला खत्म हो जाता। लेकिन राहुल गांधी और केजरीवाल जैसे नेता इस मामले को लेकर राजनिति करने लगे। उनका कहना है कि राहुल गांधी और राज बब्बर इस मामले को लेकर राष्ट्रपति के पास ले गए। इसके बाद सरकार ने इस मामले को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया।
अपने बयानों के कारण पिछले काफी समय से भाजपा के लिए परेशानी खड़ी करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि कांग्रेस के इस मामले में राजनीति के बाद ये सब ना हो सका। शत्रुघ्न का कहना है कि इस तरह वो बस एफटीआईआई के चैयनमैन बनते-बनते रह गए। भाजपा सांसद ने पिछले साल इस मामले को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की।