कभी ऋषि कपूर की आवाज हुआ करते थे शैलेंद्र सिंह, जानिए अब कहां है ये सिंगर
ऋषि कपूर की कई फिल्मों में शैलेंद्र सिंह ने गाने गाए। ऋषि कपूर की फिल्मों में उनके द्वारा गाए ये गाने इतने लोकप्रिय हुए कि उस दौरान फैंस शैलेंद्र सिंह को ऋषि कपूर की आवाज कहने लगे। हालांकि इतना समय गुजर जाने के बाद ये मशहूर गायक कहां है? ये बहुत कम लोग ही जानते हैं। इसी कड़ी में आज हम शैलेंद्र सिंह के बारे में जानेंगे।
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ऋषि कपूर की कई फिल्मों में शैलेंद्र सिंह ने गाने गाए। ऋषि कपूर की फिल्मों में उनके द्वारा गाए ये गाने इतने लोकप्रिय हुए कि उस दौरान फैंस शैलेंद्र सिंह को ऋषि कपूर की आवाज कहने लगे। हालांकि इतना समय गुजर जाने के बाद ये मशहूर गायक कहां है? ये बहुत कम लोग ही जानते हैं। इसी कड़ी में आज हम शैलेंद्र सिंह के बारे में जानेंगे। इस मशहूर सिंगर द्रारा गाए गानों को लोग आज भी लुत्फ लेकर सुनते हैं। बॉबी फिल्म के इनके गाने आज भी लोगों की जुबां पर कैद हैं।
आपको बता दें कि शैलेंद्र बॉलीवुड में अपने आपको एक एक्टर के रूप में पेश करना चाहते थे। पर नियति ने कुछ और ही उनके लिए चुन रखा था। इस कारण वे प्लेबैक सिंगर बन गए। फिल्म इंडस्ट्री में उनको गायकी से खूब सफलता मिली। आज शैलेंद्र कहां हैं? इस विषय में बहुत कम लोग ही जानते हैं। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं कि ऋषि कपूर की आवाज कहे जाने वाले शैलेंद्र सिंह इन दिनों क्या कर रहे हैं?
जैसा की आप जानते ही हैं कि शैलेंद्र फिल्मों में एक्टिंग करना चाहते थे। वे बचपन से ही अभिनय के साथ साथ गायन में भी काफी अच्छे थे। गायन में उनके इस कौशल को देखते हुए शैलेंद्र की मां ने उनको छोटे इकबाल के पास संगीत सीखने के लिए भेजना शुरू किया।
शैलेंद्र को फिल्म इंडस्ट्री में अपना पहला गाना ऋषि कपूर की एक फिल्म में मिला। उसके बाद इस मशहूर गायक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। शैलेन्द्र के गाने उस दौर में इतने मशहूर हुए कि लोग उन्हें ऋषि कपूर की आवाज कहने लगे। बॉबी फिल्म में उनके द्वारा गाए गानों ने उन्हें रातों रात हिट कर दिया।
शैलेंद्र के 'हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा' (खेल खेल में), 'होगा तुमसे प्यारा कौन' (जमाने को दिखाना है), 'तुमको मेरे दिल ने' (रफूचक्कर) जैसे कई गाने खूब लोकप्रिय हुए। इतने गाने हिट होने के बाद भी उनका एक्टर बनने का सपना दिल के भीतर हमेशा जिंदा रहा। इस दौरान उन्होंने कई नए गायकों को भी फिल्म इंडस्ट्री में मौका दिया।
सन 1987 से उनकी गायकी के दौर में ठहराव आना शुरू हुआ। इस दौरान उन्हें किसी भी फिल्म में गाना गाने का मौका नहीं मिल रहा था। उन्होंने जिन गायकों को सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। वे भी शैलेंद्र के इस कठिन समय में उनके साथ नहीं खड़े हुए। शैलेंद्र को काम मिलना बंद हो गया था। आज के दिन शैलेंद्र शारीरिक रूप से काफी तंदुरुस्त हैं, लेकिन उनको गायकी का काम नहीं मिल रहा है।