फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   SC seeks response from Centre on plea to prohibit streaming of adult explicit content on OTT social media

OTT Regulation: अश्लील कंटेंट पर रोक की मांग वाली याचिका पर सुनवाई, SC का ओटीटी प्लेटफाॅर्म और सरकार को नोटिस

Mon, 28 Apr 2025 12:50 PM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: साक्षी Updated Mon, 28 Apr 2025 12:50 PM IST
सार

SC On OTT Adult Content: सुप्रीम कोर्ट ने ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और यौन सामग्री के प्रसारण को रोकने की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की, जिसमें सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से अश्लील सामग्री को हटाने की मांग की गई।

विज्ञापन
SC seeks response from Centre on plea to prohibit streaming of adult explicit content on OTT social media
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और यौन सामग्री के प्रसारण को रोकने की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार और कई बड़े प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, उल्लू, ALTT, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स से अश्लील सामग्री को हटाने और इसे नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है कि इस दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

चार हफ्तों में देना होगा
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि ओटीटी और सोशल मीडिया पर खुलेआम ऐसे कंटेंट उपलब्ध है, जो समाज के नैतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाती है और खासकर युवाओं व बच्चों पर बुरा असर डालती है। याचिका में दावा किया गया कि बिना सेंसरशिप और उचित नियमन के ये प्लेटफॉर्म अश्लीलता को बढ़ावा दे रहे हैं। कोर्ट ने इस मुद्दे को महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा, 
'इस पर कुछ करना चाहिए।' जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों से चार हफ्तों में जवाब देने को कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र सरकार का रुख
केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में पहले से कुछ नियम लागू हैं, जैसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए 2021 में जारी दिशानिर्देश। सरकार ने यह भी कहा कि इस दिशा में और सख्त नियम बनाने पर विचार चल रहा है। हालांकि, याचिकाकर्ता का कहना है कि मौजूदा नियम पर्याप्त नहीं हैं, और अश्लील सामग्री को पूरी तरह रोकने के लिए कड़े कानून और सेंसरशिप की जरूरत है।

विज्ञापन

किन प्लेटफॉर्म्स पर निशाना?
इस याचिका में बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, उल्लू, और ALTT को निशाना बनाया गया है, जिन पर अक्सर बोल्ड और यौन सामग्री वाली वेब सीरीज और फिल्में रिलीज़ होती हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब भी जांच के दायरे में हैं, क्योंकि इन पर भी ऐसी सामग्री आसानी से उपलब्ध हो जाती है। याचिका में मांग की गई है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी और सेंसरशिप लागू की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed