फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Sardar Malik Death Anniversary Know Lesser Known Facts Career and Life Story

Sardar Malik Death Anniversary: कोरियोग्राफी से की हिंदी सिनेमा में शुरुआत, फिर कुछ इस तरह बने संगीत के सरदार

Mon, 27 Jan 2025 07:30 AM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: मोहम्मद फायक अंसारी Updated Mon, 27 Jan 2025 07:30 AM IST
सार

Sardar Malik Death Anniversary: सरदार मलिक बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक गाने कंपोज किए।
 

विज्ञापन
Sardar Malik Death Anniversary Know Lesser Known Facts Career and Life Story
सरदार मलिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

40 के दशक में हिंदी सिनेमा अपने शुरुआती दौर में था तब पंजाब का एक नाबालिग लड़का मुंबई में अपनी किस्मत आजमाने के लिए पहुंचा। आगे चलकर यह लड़का संगीत जगत का सरदार बना, जिन्हें हम आज सरदार मलिक के नाम से जानते हैं। बचपन से ही वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। अपने टैलेंट से उन्होंने भारतीय सिनेमा में खास पहचान बनाई। उनके पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं उसे जुड़ी कुछ खास बातें...
विज्ञापन

Kajol: राष्ट्रपति भवन में इंडोनेशियाई मेहमानों ने गाया 'कुछ कुछ होता है' का गाना, काजोल ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
विज्ञापन


बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे सरदार मलिक
13 जनवरी 1930 को पंजाब के कपूरथाला में जन्म लेने वाले सरदार मलिक का बचपन साधारण था। उत्तराखंड में अपनी स्कूलिंग के दौरान उन्होंने नृत्य में भी अपनी रुचि दिखानी शुरू की और अलमोड़ा के उदय शंकर इंडिया कल्चरल सेंटर से कथकली, भरतनाट्यम और मणिपुरी जैसे फोक डांस की तालीम ली। इस संस्थान में उनके रूममेट गुरुदत्त थे। इसके बाद संगीत के प्रति अपनी रुचि को बढ़ाते हुए उन्होंने उस्ताद अलाउद्दीन खान से संगीत की ट्रेनिंग ली। 40 के दशक में मुंबई आकर वह फिल्म इंडस्ट्री में अपने सपनों को साकार करने में लग गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ यूं हुई फिल्मी दुनिया में शुरुआत
मुंबई में संघर्ष करते हुए सरदार मलिक ने फिल्मी दुनिया में अपने कदम जमाने शुरू किए। 1945 में आई फिल्म चालीस करोड़ नानाबाई भट्ट के लिए उन्होंने कोरियोग्राफी की। इसके बाद फिल्म निर्देशक रमेश सहगल ने उन्हें साल 1947 में आई फिल्म रेणुका के लिए म्यूजिक कंपोज करने का अवसर दिया। इस फिल्म के संगीत को लोगों ने खूब पसंद किया। इसके बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा। उन्होंने चोर बाजार, आबे हयात, सरगना, पिक पॉकेट जैसी कई फिल्मों में संगीत दिया। इन फिल्मों के गाने उस दौर में लोगों के जुबां पर खूब चढ़े। 


दो दिग्गजों के झगड़े से बर्बाद हुआ करियर
सरदार मलिक की प्रतिभा का मुकेश, मोहम्मद रफी जैसे दिग्गज गायक खूब सम्मान करते थे। हालांकि, एक विवाद उनके करियर के लिए बहुत खतरनाक  साबित हुआ। ऐसा कहा जाता है कि साहिर लुधियानवी और लता मंगेशकर के बीच के विवाद ने सरदार मलिक के करियर को ठप कर दिया। लता मंगेशकर और साहिर के बीच गाने के रिकॉर्डिंग के दौरान हुए मनमुटाव ने सरदार के काम को प्रभावित किया। दरसअल, साहिर के गाने की एक लाइन पर लता रिकॉर्डिंग के दौरान बार-बार अटक रही थीं, जिसके बाद उन्होंने इसे बदलने के लिए कहा, लेकिन साहिर इसके लिए तैयार नहीं हुए। इस दौरान लता मंगेशकर सरदार मलिक से भी नाराज हो गईं, क्योंकि तब उन्होंने उनका साथ नहीं दिया। नाराज होकर लता ने स्टूडियो छोड़ दिया। इसके बाद धीरे-धीरे सरदार को काम मिलना बंद होता चला गया।  

परिवार आगे बढ़ा रहा विरासत
सरदार मलिक ने संगीत से जुड़े अपने संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद अपने तीन बेटों, अनु मलिक, अबू मलिक और डब्बू मलिक को संगीत की तालीम दी। अनु मलिक ने अपने पिता के संघर्षों के देखते हुए बॉलीवुड में एक बड़ा नाम कमाया। अनु मलिक ने 500 से ज्यादा हिट गाने कंपोज किए और वह संगीत इंडस्ट्री के शीर्ष पर पहुंचे। डब्बू मलिक के बेटे और सरदार मलिक के पोते अरमान और अमाल मलिक भी इन दिनों संगीत की दुनिया में सक्रिय हैं। अरमान गायक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। वहीं, अमाल संगीतकार के रूप में अपनी प्रतिभा दुनिया के सामने साबित कर चुके हैं।
Akshay Kumar: 'सैनिक' से लेकर 'रुसतम' तक, 'स्काई फोर्स' से पहले पर्दे पर वर्दी पहनकर छा चुके हैं अक्षय कुमार
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed