फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Pratik Gandhi Shares Reason Behind Failure of Movie Phule And Real Truth of Film Industry

Pratik Gandhi: ‘फुले’ की असफलता का कारण क्या है? प्रतीक गांधी ने बताया फिल्म इंडस्ट्री का असली सच

Thu, 14 Aug 2025 09:00 AM IST
Kiran Jain किरण जैन
Updated Thu, 14 Aug 2025 09:00 AM IST
सार

Pratik Gandhi Interview: इन दिनों प्रतीक गांधी अपनी नई वेब सीरीज ‘सारे जहां से अच्छा’ को लेकर चर्चा में हैं। अमर उजाला से हालिया बातचीत में अभिनेता ने इस सीरीज और अपने फिल्मी करियर को लेकर कई बातें साझा की हैं। 

विज्ञापन
Pratik Gandhi Shares Reason Behind Failure of Movie Phule And Real Truth of Film Industry
वेब सीरीज 'सारे जहां से अच्छा' में सीक्रेट एजेंट का रोल निभाएंगे प्रतीक गांधी - फोटो : इंस्टाग्राम@pratikgandhiofficial

विस्तार

अभिनेता प्रतीक गांधी अपनी नई वेब सीरीज 'सारे जहां से अच्छा' में एक एजेंट का किरदार निभाते नजर आएंगे। हाल ही में अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में उन्होंने इस सीरीज की तैयारी? अपने किरदार की गहराई और 'स्कैम 1992' की सफलता के बाद अपनी फिल्मों को मिले मिक्स रिस्पॉन्स के बारे में अनुभव साझा किए। साथ ही, थिएटर की मौजूदा चुनौतियों और अपने अगले प्रोजेक्ट का जिक्र भी किया। वह महात्मा गांधी का रोल निभाने वाले हैं। पढ़िए बातचीत के कुछ प्रमुख अंश:

विज्ञापन

एजेंट के रोल की तैयारी करने में आपको सबसे ज्यादा क्या खास लगा?
सीरीज की शूटिंग शुरू करने से पहले मैंने नेटफ्लिक्स पर ‘The Spy’ नाम की एक फिल्म देखी थी, जो जासूसों की जिंदगी को बहुत ही नए और दिलचस्प तरीके से दिखाती है। यह अनुभव मेरे लिए बहुत नया था और इससे मुझे विष्णु के किरदार को समझने में मदद मिली। मैंने स्क्रिप्ट को बहुत ध्यान से पढ़ा क्योंकि इसमें बहुत कुछ था जो जानना और महसूस करना जरूरी था। रीडिंग मटीरियल स्क्रिप्ट से कहीं ज्यादा था। चूंकि यह एक लंबी सीरीज थी, इसलिए किरदार की पूरी कहानी को समझना था। आधा पढ़कर मैं फैसला नहीं कर पाया क्योंकि पढ़ने में इतना मजा आ रहा था कि रुकना मुश्किल था। इसे पढ़ते-पढ़ते मुझे यकीन हो गया कि यह शो बहुत अच्छा बनेगा।

विज्ञापन

शूटिंग के दौरान कोई ऐसी बात जो आपको चौंकाने वाली लगी हो?
हां, बहुत कुछ। जैसे डॉक्टर भाबा के प्लेन क्रैश की घटना, जो सच है। लेकिन इसके आस-पास कितनी जिंदगियों पर असर पड़ा होगा, ये सोचकर मैं बहुत प्रभावित हुआ। इन एजेंट्स के अंदर जो भावनात्मक उलझन होती है, इतनी सारी जानकारी लेकर कैसे जिया जाता है? ये समझना बहुत ही दिलचस्प था। ये लोग हमारे आसपास होते हैं, सामान्य लगते हैं, लेकिन उनकी जिंदगी बिल्कुल अलग होती है। उनका नाम कभी अखबारों में नहीं आता, न उन्हें कोई मेडल मिलता है। ये चुपचाप अपना काम करते हैं, इतने प्रेशर के बीच। ये मेरे लिए बेहद खास अनुभव था।

विज्ञापन
विज्ञापन

फिजिकल-मेंटल प्रिपरेशन कैसी रही?
इसमें फाइट सीन नहीं थे, क्योंकि एजेंट का काम ही ये है कि फाइट तक ना पहुंचे। मिशन फेल हो चुका होता अगर फाइट करनी पड़ी। इसलिए हमें ज्यादा साइकोलॉजिकल और मेंटल ट्रेनिंग मिली। रिएक्टिव ना होकर रिस्पॉन्सिव रहना, डायलॉग के बीच का गैप, जहां अंदर प्रोसेसिंग होती है, उसे समझना। 70 के दशक के लोगों के चलने-फिरने और बोलने के अंदाज को समझना भी बहुत जरूरी था।

आपको एजेंट की मानसिक स्थिति को समझने में क्या सबसे ज्यादा दिलचस्प लगा?
ये लोग अपनी सफलता का जश्न कभी नहीं मना पाते। न उन्हें मेडल मिलते हैं, न नाम अखबार में आता है। ये लोग बहुत प्रेशर के बीच चुपचाप अपना काम करते हैं। इस बात को एक्सप्लोर करना मेरे लिए कमाल का अनुभव था। 

Pratik Gandhi Shares Reason Behind Failure of Movie Phule And Real Truth of Film Industry
'स्कैम 1992' वेब सीरीज में प्रतीक गांधी - फोटो : एक्स (ट्विटर)

‘स्कैम 1992’ के बाद क्या आपको लगा कि हमेशा एक जैसे रोल मिल रहे हैं?
नहीं, ऐसा कभी नहीं लगा। हर बार नया किरदार मिला है। लोग मुझे अलग-अलग किरदारों के लिए सोचते हैं। मुझे लगता है कि मैं अपने किरदारों में कुछ नया लेकर आता हूं। स्टीरियोटाइप से बचना मुश्किल है, लेकिन मैं कोशिश करता हूं, इस चीज से खुद को दूर रखूं। 

Pratik Gandhi Shares Reason Behind Failure of Movie Phule And Real Truth of Film Industry
फिल्म 'फुले' में प्रतीक गांधी - फोटो : एक्स (ट्विटर)

आपकी कुछ फिल्मों को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। क्या इससे कभी निराशा हुई?
हां, कभी-कभी दुख जरूर होता है। खासकर 'फुले' जैसी फिल्म को लेकर मेरी बहुत सारी उम्मीदें थीं। मैं चाहता था कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और सही तरीके से सराही जाए। लेकिन अफसोस की बात यह रही कि वह उतनी बड़ी ऑडियंस तक नहीं पहुंच पाई जितनी हम उम्मीद करते थे। फिर भी, मैं जब किसी स्क्रिप्ट को पढ़ता हूं, तो सोचता हूं कि यह प्रोजेक्ट मेरे लिए सही है। फिर पूरी मेहनत से अपने किरदार को निभाता हूं। इसलिए मेरा सैटिस्फैक्शन खुद से आता है, न कि बाहरी रिस्पॉन्स से।

क्या आपको लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी कोई व्यवस्था होनी चाहिए जिससे अच्छी फिल्में ज्यादा लोगों तक पहुंचें?
बिलकुल। इंडस्ट्री में काफी इनोवेशन की जरूरत है। टेक्नोलॉजी तो है, बस उस ऑडियंस तक पहुंचने का रास्ता ढूंढना होगा। इंडस्ट्री धीरे-धीरे उस दिशा में बढ़ रही है, लेकिन और सुधार की जरूरत है।

आज के महंगे टिकटों और मल्टीप्लैक्स के बढ़ते प्रभाव पर आपकी क्या राय है?
यह एक बड़ी समस्या है। टिकट के दाम बहुत बढ़ गए हैं, मल्टीप्लैक्स ज्यादा हो रहे हैं और सिंगल स्क्रीन धीरे-धीरे खत्म हो रही है। खासकर छोटे शहरों के लोगों के लिए फिल्म देखना मुश्किल हो गया है। कई बार उन्हें 50-60 किलोमीटर दूर जाकर ही थिएटर मिल पाता है। हमने सिनेमा हॉल में ऑडियंस को अच्छा अनुभव देने की कोशिश की है, जैसे आरामदायक सीटें, लेकिन यह हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। बहुत लोग बस सस्ती आसान जगह पर फिल्म देखना चाहते हैं। अगर हम हर सिंगल स्क्रीन तोड़कर मल्टीप्लैक्स बना देंगे, तो छोटे शहरों के लोग फिल्मों से दूर हो जाएंगे। इसलिए हमें ऐसा संतुलन बनाना होगा जिससे फिल्म ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। 

Pratik Gandhi Shares Reason Behind Failure of Movie Phule And Real Truth of Film Industry
महात्मा गांधी पर बन रही सीरीज में प्रतीक गांधी निभाएंगे मुख्य भूमिका - फोटो : इंस्टाग्राम@pratikgandhiofficial
आप अगले प्रोजेक्ट में महात्मा गांधी का किरदार निभा रहे हैं और आपकी सीरीज टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चुनी गई है?
यह मेरे लिए एक बहुत खास मौका है। महात्मा गांधी जैसा बड़ा किरदार निभाना बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसे निभाने के लिए बहुत तैयारी करनी पड़ती है, क्योंकि गांधीजी की जिंदगी में कई पहलू हैं जो समझने जरूरी हैं। इस रोल को निभाना मेरे लिए गर्व की बात है। साथ ही, सीरीज 'गांधी' का टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सेलेक्ट होना इस सफर की बड़ी सफलता है, जिससे मैं बहुत खुश हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed