‘आप पर्दे पर मुख्यमंत्री बन सकते हैं, असल में नहीं’; प्रकाश राज ने ‘जन नायकन’ को-एक्टर थलापति विजय पर कसा तंज
Prakash Raj Jabs On Thalapathy Vijay: अभिनेता प्रकाश राज ने ‘जन नायकन’ के सह-कलाकार थलापति विजय के राजनीति में आने पर तंज कसा है। जानिए अभिनेता ने क्या कुछ कहा…
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अभिनेता प्रकाश राज अपने बेबाक बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। वो अक्सर ही केंद्र सरकार पर निशाना भी साधते रहते हैं। अब प्रकाश राज ने ‘जन नायकन’ के अपने को-एक्टर थलापति विजय के राजनीति में प्रवेश करने पर कटाक्ष किया है। विजय अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के साथ आगामी तमिलनाडु चुनावों के प्रचार में व्यस्त हैं। ऐसे में प्रकाश राज ने राजनीति के सिनेमा मॉडल पर निशाना साधा है।
प्रकाश राज ने राजनीति में फिल्मी सितारों के आने पर कसा तंज
पलानी में सीपीआई (एम) उम्मीदवार एन पांडी के लिए आयोजित एक प्रचार कार्यक्रम में बोलते हुए प्रकाश राज ने राज्य में प्रचलित तीन राजनीतिक दृष्टिकोणों का उल्लेख किया - द्रविड़ मॉडल, दास मॉडल और सिनेमा मॉडल। सभा को संबोधित करते हुए प्रकाश राज ने फिल्म सितारों के राजनीति में आने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल उठाया, जो स्पष्ट रूप से विजय की ओर इशारा था। उन्होंने कहा कि अभिनेता भले ही पर्दे पर विभिन्न भूमिकाओं को बखूबी निभा सकते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में राजनीतिक जुड़ाव के लिए एक अलग तरह की जवाबदेही और प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है।
लोगों का प्यार आपकी प्रतिभा के लिए है
प्रकाश राज ने कहा कि फिल्मों में आप डॉक्टर, इंजीनियर या मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं। लेकिन राजनीति में आप सीधे मुख्यमंत्री कैसे बन सकते हैं? क्या आपने मेरी तरह राजनीति पर बात की है? क्या आपने तमिलनाडु के लोगों और उनके सामने खड़ी उनकी समस्याओं का समाधान किया है या भाषा या उसके आत्मसम्मान के लिए आवाज उठाई है? लोगों का आपके प्रति प्रेम आपकी प्रतिभा के लिए है, न कि आपकी राजनीति के लिए। आप इसी प्यार का उपयोग अपनी राजनीति के लिए कर सकते हैं।
जनता द्वारा संचालित होनी चाहिए राजनीति
प्रकाश राज ने कहा कि राजनीति में जमीनी स्तर पर लोगों से सीधा जुड़ाव जरूरी है। अभिनेता-राजनेता सीमान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सीमान एक दशक से अधिक समय से लगातार राजनीति में सक्रिय हैं, जबकि कई अभिनेता बिना लंबे समय तक राजनीति में शामिल हुए ही राजनीति में आ जाते हैं। उन्होंने मतदाताओं से पूछा कि वे किस तरह की शासन व्यवस्था पसंद करते हैं – द्रविड़ मॉडल, गुलाम मॉडल या सिनेमा मॉडल? अभिनेता ने कहा कि राजनीति जनता द्वारा संचालित होनी चाहिए, जिसमें चुने हुए प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करें। इसके बजाय, उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान व्यवस्था में अक्सर सत्ता में बैठे लोग राजनीति करते हैं जबकि आम नागरिकों को वास्तविक काम का बोझ उठाना पड़ता है।
दर्शकों के प्यार का राजनीति में कर रहे इस्तेमाल
विजय पर कटाक्ष करते हुए प्रकाश राज ने कहा कि लोगों ने गर्मी में कतारों में खड़े होकर, कट-आउट लगाकर, टिकट खरीदकर और अपने घर-काम को नजरअंदाज करके आपको अपना प्यार दिखाया, और अब आप इसका इस्तेमाल राजनीति में आने के लिए कर रहे हैं? देखिए अगर मुझे कोई अभिनेता पसंद है, तो मैं चाहे जितना भी सीटी बजाऊं, मेरा गला बैठ जाए। लेकिन मैं उन्हें देश नहीं दे सकता। राजनीति अलग है; सिनेमा अलग है। वह प्यार अलग है; यह जिम्मेदारी अलग है। जमीनी स्तर पर उतरकर लोगों से बात करनी होगी।
प्रकाश राज और विजय का पेशेवर सहयोग
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रकाश राज और विजय ने साथ में कई फिल्मों में काम किया है। दोनों ने ‘घिल्ली’, ‘शिवकाशी’, ‘विल्लू’ और ‘आथी’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। उन्हें आखिरी बार वारिसु में साथ देखा गया था। दोनों अभिनेताओं की आगामी फिल्म ‘जन नायकन’ है, जो इस साल की शुरुआत में ही रिलीज होनी थी। लेकिन सेंसर बोर्ड से विवाद के चलते फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो पाई है।