राहत: केरल हाईकोर्ट ने आयशा सुल्ताना को दी अग्रिम जमानत, राजद्रोह का है आरोप
- फिल्म मेकर आयशा सुल्ताना को मिली अग्रिम जमानत।
- केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को की थी सुनवाई।
- गुरुवार को आयशा सुल्ताना से तीन घंटे चली थी पूछताछ।
विस्तार
राजद्रोह के मामले में केरल हाईकोर्ट ने फिल्म मेकर आयशा सुल्ताना को अग्रिम जमानत दे दी है। बता दें कि गुरुवार को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके साथ ही आयशा से गुरुवार को तीन घंटे लंबी पूछताछ भी चली थी।
Kerala High Court grants anticipatory bail to filmmaker Aisha Sultana in the sedition case registered against her by Kavaratti Police of Lakshadweep, for her 'bio-weapon' remark pic.twitter.com/QRjYpLe659
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— ANI (@ANI) June 25, 2021
बता दें, आयशा से रविवार, बुधवार और गुरुवार को इस मामले में पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। लक्षद्वीप के कावारत्ती पुलिस स्टेशन में तीन घंटे पूछताछ के बाद बाहर आते वक्त आयशा ने कहा था कि अब सब खत्म हो गया है। मुझसे पुलिस ने कहा है कि मैं कोच्चि जा सकती हूं। अब मैं वहां के लिए रवाना हो जाऊंगी। मैं शायद कल या परसो तक वहां पहुंचूंगी।
क्या है मामला?
दरअसल, पिछले दिनों एक टीवी चैनल डिबेट के दौरान फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना ने कहा कि लक्षद्वीप में अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं था, लेकिन अब हर रोज 100 मामले सामने आ रहे हैं। मैं स्पष्ट तौर पर कह सकती हूं कि केंद्र सरकार ने बायो वेपन के तौर पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल की तैनाती की है। वह यहां पर अलोकतांत्रिक, जनविरोधी नीतियों को लागू कर रहे हैं, जिससे कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आयशा सुल्ताना के बयान के बाद भाजपा ने इसकी कड़ी आलोचना की और उसके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाया। वहीं केंद्रशासित प्रदेश की भाजपा इकाई के कई नेता इस कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। यहां तक कि एक दर्जन से ज्यादा नेताओं ने पार्टी भी छोड़ दी है।
भाजपा की लक्षद्वीप इकाई के अध्यक्ष अब्दुल खादर ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अब्दुल खादर का आरोप है कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 के प्रसार के बारे में झूठी खबर फैलाई थी। साथ ही यह भी कहा कि यह सुल्ताना का राष्ट्रविरोधी कृत्य था, जिसने केंद्र सरकार की 'देशभक्ति की छवि' को धूमिल किया। साथ ही उन्होंने इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। बता दें कि इससे पहले भाजपा ने फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए द्वीप में विरोध प्रदर्शन किया था।