Emergency: 'इमरजेंसी' के खिलाफ प्रदर्शनों पर कंगना ने भारतीय राजनेताओं-फेमिनिस्ट से किया सवाल, लिखा- मेरे लिए
Protests Against Emergency: कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' का कई जगह विरोध हो रहा है। भारत ही नहीं, ब्रिटेन में भी फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मामले में कंगना ने भारतीय राजनेताओं और फेमिनिस्ट से सवाल किया है।
विस्तार
अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' का भारत के कई हिस्सों में विरोध हो रहा है। पंजाब में फिल्म रिलीज ही नहीं हुई है। भारत ही नहीं, ब्रिटेन तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहां फिल्म देखने पहुंच रहे दर्शकों को खालिस्तानी आतंकियों ने डराया धमकाया है। विरोध-प्रदर्शनों के चलते ब्रिटेन के कई सिनेमाघरों से फिल्म को उतार लिया गया। फिल्म के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर ब्रिटेन में विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने प्रतिक्रिया देते हुए कंगना की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के लिए आवाज उठाई है। इस बीच कंगना ने भारतीय राजनेताओं और नारीवादियों से सवाल किया है।
ब्रिटिश सांसद ने प्रदर्शनों पर जताई चिंता
दरअसल, ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने खालिस्तानी समर्थकों द्वारा ब्रिटेन में 'इमरजेंसी' की स्क्रीनिंग में बाधा डालने पर चिंता जताई है। उन्होंने संसद में कहा कि किसी की भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी यह बात लिखी है। कंगना ने बॉब की इस बात पर प्रतिक्रिया दी है। साथ ही अपनी फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों पर भारतीय राजनेताओं और नारीवादियों की चुप्पी पर सवाल उठाया है।
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अभिनेत्री ने क्या कहा?
कंगना रनौत ने बॉब ब्लैकमैन का एक्स पोस्ट (पूर्व में ट्विटर) रिपोस्ट करते हुए लिखा है, 'ब्रिटिश सांसद ने मेरी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के लिए आवाज उठाई। वहीं भारतीय राजनेताओं और नारीवादियों ने अब तक चुप्पी साधी है'। बता दें कि कंगना की फिल्म 'इमरजेंसी' 17 जनवरी को रिलीज हुई। यह 1975 में लगे आपातकाल की घटना पर आधारित है। इसमें कंगना ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का किरदार अदा किया है।
British MP raises his voice for my fundamental right of free speech meanwhile pin drop silence from Indian politicians and feminists #Emergency https://t.co/rlYbUckJm0
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) January 24, 2025
फिल्म को बताया जा रहा है सिख विरोधी
दरअसल, कंगना रनौत की इस फिल्म को कथित तौर पर सिख विरोधी फिल्म बताया जा रहा है। ब्रिटेन में भी कुछ ब्रिटिश सिख समूहों ने 'इमरजेंसी' के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं। पिछले शुक्रवार को रिलीज होने के बाद से ब्रिटेन के कुछ सिनेमाघरों में इसकी स्क्रीनिंग में खलल डाली गई। सिख प्रेस एसोसिएशन समूह ने सोशल मीडिया पर कहा था कि फिल्म को सिख विरोधी बताया जा रहा है। इन विरोधों के कारण इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र में बर्मिंघम और वॉल्वरहैम्प्टन में स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई।
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कंगना की फिल्म पर कॉपी राइट उल्लंघन का आरोप
इसके अलावा 'इमरजेंसी' को लेकर कंगना पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप भी लगा है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की बहू कल्पना सिंह ने पटना हाईकोर्ट में केस दायर किया है। उन्होंने फिल्म में कवि की प्रसिद्ध पंक्ति 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है' के बिना अनुमति इस्तेमाल का आरोप लगाया है। हाईकोर्ट ने कंगना सहित फिल्म के निर्माताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।