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India-Israel Relations: आखिर कौन हैं प्रमिला, सुलोचना और नादिरा, भारत-इजराइल की दोस्ती के 30 साल पूरे होने पर आईं याद

Mon, 25 Apr 2022 08:03 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निधि पाल Updated Mon, 25 Apr 2022 08:03 PM IST
सार

भारत और इजराइल के कूटनीतिक संबंधों के आज 30 साल पूरे होने पर इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने प्रमिला, नादिरा और सुलोचना के स्ट्रीट-आर्ट म्यूरल का अनावरण किया। 
 

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israel embassy honours indian jewish actors nadira pramila sulochana on india israel relations complete 30 years
अभिनेत्री नादिरा और प्रमिला - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत और इजराइल के कूटनीतिक संबंधों के आज 30 साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान इजराइल के दूतावास में जश्न मनाया गया। इजरायली दूतावास के सांस्कृतिक विभाग ने इस दौरान वॉल आर्ट प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली स्ट्रीट आर्ट के साथ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। 30 साल पूरे होने पर दिल्ली के कनॉट प्लेस में भारतीय-यहूदी अभिनेत्रियों प्रमिला, नादिरा और सुलोचना के हिंदी सिनेमा में योगदान को लेकर उन्हें याद किया गया। इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने प्रमिला, नादिरा और सुलोचना के स्ट्रीट-आर्ट म्यूरल का अनावरण किया। स्ट्रीट-आर्ट म्यूरल के जरिए इन अभिनेत्रियों को श्रद्धांजलि दी गई।

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पहली महिला प्रोड्यूसर थीं प्रमिला
एस्तेर विक्टोरिया अब्राहम उर्फ प्रमिला आजाद भारत की पहली मिस इंडिया थीं। प्रमिला ने लगभग 30 हिंदी फिल्मों में काम किया था। वह हिंदी सिनेमा की पहली महिला प्रोडयूसर भी थीं। उन्होंने अपने पति के साथ प्रोडक्शन हाउस सिल्वर फिल्म्स की स्थापना की। प्रमिला ने अन्य महिलाओं को भी फिल्मों में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हुई थीं सुलोचना
सुलोचना अपने जमाने में बेमिसाल खूबसूरती की मल्लिका थीं। ये भी बगदादी-यहूदी परिवार से थीं। सुलोचना के करियर की शुरुआत 1925 में आई फिल्म वीर बाला से हुई। उन्होंने टाइपिस्ट गर्ल, बलिदान, सिनेमा क्वीन और बॉम्बे की वाइल्डकैट सहित कई फिल्मों में अभिनय किया। 1973 में उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा गया था।


शानदार अभिनय के लिए याद की जाती हैं नादिरा
नादिरा बगदाद-यहूदी परिवार में जन्मी थीं। उनका असली नाम फ्लोरेंस एजेकिल था। नादिरा को 50 और 60 के दशक में श्री 420, पाकीजा और जूली जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए याद किया जाता है। 1952 में आई फिल्म 'आन' में साथ नादिरा ने मुख्य किरदार निभाया था। आन फिल्म के लिए उन्हें 1200 रुपये महीना मिले थे। 

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