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Karan Johar: 'हर फैन पेज ब्लॉक नहीं किया जा सकता', करण जौहर की व्यक्तित्व अधिकार संबंधी याचिका पर HC का जवाब

Mon, 15 Sep 2025 06:50 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Mon, 15 Sep 2025 06:50 PM IST
सार

Karan Johar Personality Rights Protection: अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन के बाद आज सोमवार को करण जौहर ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने एक याचिका दायर की है, जिस पर आज सुनवाई हुई।

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Hearing On Karan Johar petition seeking protection of his personality rights In Delhi High Court Know Details
करण जौहर  - फोटो : इंस्टाग्राम @karanjohar

विस्तार

फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए आज सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। उन्होंने विभिन्न वेबसाइट्स द्वारा अपनी तस्वीरें, आवाज और नाम का इस्तेमाल कर मुनाफा कमाने का आरोप लगाया और इन पर रोक की मांग की। कोर्ट में आज सोमवार को करण जौहर की याचिका पर कुछ देर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति मनमीत प्रीत सिंह अरोड़ा ने उचित आदेश पारित करने को अगली सुनवाई के लिए बुधवार 17 सितंबर के लिए यह मामला सूचीबद्ध किया है। 

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करण जौहर ने किस बात पर आपत्ति जताई?
आज सुनवाई के दौरान करण जौहर की तरफ से विभिन्न विवादित लिंक और यूआरएल (कथित उल्लंघनकारी सामग्री) भी पेश किए गए। अदालत ने इनका अवलोकन किया। आज हुई मामले की सुनवाई में करण जौहर की तरफ से सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव पेश हुए और उन्होंने आरोप लगाया कि धन जुटाने के लिए निर्माता के नाम दुरुपयोग किया जा रहा है। करण जौहर की तरफ से उन्होंने कहा, 'ये वे वेबसाइट हैं, जहां से मेरी तस्वीरें डाउनलोड की जाती हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पेज मेरे नाम से हैं'।

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करण जौहर - फोटो : इंस्टाग्राम

मेटा की तरफ से दी गई ये दलील
मामले में मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के मालिक) की तरफ से अधिवक्ता वरुण पाठक पेश हुए। मेटा की तरफ से अदालत को बताया गया कि करण जौहर के मुकदमे में दिए गए कई कमेंट्स मानहानिकारक नहीं हैं। अधिवक्ता वरुण पाठक ने जोर देते हुए कहा कि एक व्यापक निषेधाज्ञा पारित करने से मुकदमेबाजी के द्वार खुल जाएंगे। कथित आपत्तिजनक कमेंट्स को लेकर मेटा की तरफ से अधिवक्ता ने दलील दी, 'ये सामान्य लोग हैं, जो टिप्पणियां और चर्चा कर रहे हैं। अब एक सामान्य मजाक के लिए उन्हें अदालत में घसीटा जा रहा है'।

हर फैन पेज ब्लॉक नहीं हो सकता: हाईकोर्ट
मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने मेटा की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि हर फैन पेज को ब्लॉक करने या हटाने का आदेश नहीं दिया जा सकता। न्यायमूर्ति अरोड़ा ने कहा, 'मिस्टर राव आपको दो बातों पर ध्यान देना होगा, एक है अपमानजनक, जो मीम्स से अलग है। मीम्स जरूरी नहीं कि अपमानजनक ही हों। फिर कोई व्यक्ति सामान बेच रहा है। तीसरा है आपका डोमेन नाम। कृपया उसे स्पष्ट रूप से बताएं। न्यायालय इस पर विचार करेगा। मुझे लगता है कि मिस्टर पाठक सही हैं, यह हर फैन पेज नहीं हो सकता। हम कोई खुला निषेधाज्ञा नहीं दे सकते'। 

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करण जौहर - फोटो : इंस्टाग्राम @ karanjohar

करण जौहर के वकील ने दिया यह तर्क
वहीं, करण जौर के एडवोकेट राव ने तर्क दिया कि करण जौहर को यह निर्णय लेने का अधिकार है कि उनका केवल एक ही फैन पेज हो सकता है या नहीं। उन्होंने कहा, 'मजाक उड़ाने और वीडियो बनाने के बीच एक सीमा रेखा होती है। प्लेटफॉर्म जिम्मेदार हो जाता है। जितने ज्यादा मीम्स होंगे, वे उतने ही ज्यादा वायरल होंगे, आप उतना ही ज्यादा पैसा कमाएंगे। मुझे यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि कोई भी मेरी सहमति के बिना मेरे व्यक्तित्व, मेरे चेहरे या व्यक्तित्व संबंधी अन्य विशेषताओं का इस्तेमाल न करे। मैंने दूसरी तरफ देखने का फैसला किया है, इसका मतलब यह नहीं कि दूसरों को कोई छूट मिल गई है'।

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करण जौहर - फोटो : सोशल मीडिया

बुधवार को पारित होगा आदेश
कुछ देर तक मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने संकेत दिया कि वह कुछ खास पेजों को हटाने के आदेश दे सकती है और अगर बाद में ऐसे ही पेज दिखाई देते हैं, तो करण जौहर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ध्यान में ला सकते हैं, जो उस पर कार्रवाई कर सकता है। न्यायमूर्ति अरोड़ा ने कहा, 'अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो आप अदालत आएं'। इसके बाद न्यायमूर्ति अरोड़ा ने कहा कि वह 17 सितंबर को अंतरिम राहत आवेदन पर आदेश पारित करेंगी।

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