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गुरु दत्त: हादसे से बदला असली नाम, टेलीफोन ऑपरेटर से कैसे बने अभिनेता? पढ़ें निजी जिंदगी के किस्से
Sat, 10 Oct 2026 07:30 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sat, 10 Oct 2026 07:30 AM IST
सार
Guru Dutt Death Anniversary: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार गुरु दत्त की आज पुण्यतिथि है। फिल्मों के अलावा वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहे। ऐसे में हम आपको उनसे जुड़े कुछ किस्से बता रहे हैं।
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गुरु दत्त की पुण्यतिथि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
50 से 60 के दशक में भारतीय सिनेमा को बेहतरीन फिल्में देने वाले गुरु दत्त की आज पुण्यतिथि है। उन्होंने अपने छोटे से करियर में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। एक अभिनेता होने के साथ वह फिल्ममेकर और निर्माता भी थे। शुरुआत में संघर्ष करके वह अपने करियर के पीक पर पहुंचे। करियर के अलावा वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहे। इस खबर में हम उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मशहूर किस्सों के बारे में जानेंगे।
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गुरु दत्त
- फोटो : एक्स
क्यों बदला असली नाम?
9 जुलाई 1925 को बेंगलुरु में जन्मे गुरु दत्त का असली नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। बचपन में उनके साथ एक हादसा हुआ। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोट लगी। कई हफ्तों तक उन्हें बुखार रहा। एक संत ने इसे अशुभ माना। इसके बाद परिवार को उनका नाम बदलने की सलाह दी। बताया जाता है कि उनका नाम गुरुवार को हुआ था इसलिए उनका नाम गुरु दत्त पादुकोण रखा गया।
9 जुलाई 1925 को बेंगलुरु में जन्मे गुरु दत्त का असली नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। बचपन में उनके साथ एक हादसा हुआ। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोट लगी। कई हफ्तों तक उन्हें बुखार रहा। एक संत ने इसे अशुभ माना। इसके बाद परिवार को उनका नाम बदलने की सलाह दी। बताया जाता है कि उनका नाम गुरुवार को हुआ था इसलिए उनका नाम गुरु दत्त पादुकोण रखा गया।
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गुरु दत्त
- फोटो : एक्स
अभिनेता ने किया टेलीफोन ऑपरेटर का काम
गुरु दत्त की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। यही वजह थी कि वह कभी कॉलेज नहीं जा सके। फिल्मी दुनिया में आने से पहले अभिनेता ने कलकत्ता में टेलीफोन ऑपरेटर के तौर पर काम किया। बाद में इस काम से उनका मन भर गया और उन्होंने इसको अलविदा कह दिया।
गुरु दत्त की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। यही वजह थी कि वह कभी कॉलेज नहीं जा सके। फिल्मी दुनिया में आने से पहले अभिनेता ने कलकत्ता में टेलीफोन ऑपरेटर के तौर पर काम किया। बाद में इस काम से उनका मन भर गया और उन्होंने इसको अलविदा कह दिया।
गुरु दत्त
- फोटो : सोशल मीडिया
असिस्टेंट डांस निर्देशक की नौकरी की
इसके बाद गुरु दत्त पुणे गए और उनके अंकल ने उन्हें प्रभात स्टूडियो में असिस्टेंट डांस निर्देशक की नौकरी दिलवा दी। उन्होंने उदय शंकर के स्कूल ऑफ डांसिंग एंड कोरियोग्राफी से डांस सीखा था। इसी दौरान गुरु दत्त ने डांस की कई बारीकियों को सीखा। यहीं उन्होंने फिल्म मेकिंग सीखी। यहां वह डांस डायरेक्टर के अलावा बाकी काम भी करते थे। स्टूडियों में काम करते वक्त गुरु दत्त की देवानंद के साथ अच्छी दोस्ती हो गई।
इसके बाद गुरु दत्त पुणे गए और उनके अंकल ने उन्हें प्रभात स्टूडियो में असिस्टेंट डांस निर्देशक की नौकरी दिलवा दी। उन्होंने उदय शंकर के स्कूल ऑफ डांसिंग एंड कोरियोग्राफी से डांस सीखा था। इसी दौरान गुरु दत्त ने डांस की कई बारीकियों को सीखा। यहीं उन्होंने फिल्म मेकिंग सीखी। यहां वह डांस डायरेक्टर के अलावा बाकी काम भी करते थे। स्टूडियों में काम करते वक्त गुरु दत्त की देवानंद के साथ अच्छी दोस्ती हो गई।
गुरु दत्त
- फोटो : सोशल मीडिया
कोरियोग्राफर से अभिनेता बने गुरु दत्त
गुरु दत्त को अभिनेता देव आनंद की दोस्ती का फायदा मिला। उन्होंने साल 1946 में प्रभात स्टूडियो की फिल्म 'हम एक हैं' से बतौर कोरियोग्राफर बॉलीवुड में अपना करियर शुरू किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में अभिनय करने का भी मौका मिला था। गुरु दत्त की मशहूर फिल्मों में 'जाल', 'सैलाब', 'बहरानी' और 'भरोसा' जैसी फिल्मों में अभिनय किया।
गुरु दत्त को अभिनेता देव आनंद की दोस्ती का फायदा मिला। उन्होंने साल 1946 में प्रभात स्टूडियो की फिल्म 'हम एक हैं' से बतौर कोरियोग्राफर बॉलीवुड में अपना करियर शुरू किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में अभिनय करने का भी मौका मिला था। गुरु दत्त की मशहूर फिल्मों में 'जाल', 'सैलाब', 'बहरानी' और 'भरोसा' जैसी फिल्मों में अभिनय किया।
गुरु दत्त, वहीदा रहमान और मीना कुमारी
- फोटो : सोशल मीडिया
कब हुई गुरु दत्त की शादी?
अभिनेता जब करियर के अपने अच्छे दौर में थे, तब उनकी मुलाकात गीता दत्त से हुई। दोनों में प्यार हुआ और उन्होंने साल 1953 में शादी कर ली। उनकी शादीशुदा जिंदगी अच्छी चल रही थी। करियर भी अच्छा चल रहा था। तभी उनकी जिंदगी में एक मोड़ आया।
अभिनेता जब करियर के अपने अच्छे दौर में थे, तब उनकी मुलाकात गीता दत्त से हुई। दोनों में प्यार हुआ और उन्होंने साल 1953 में शादी कर ली। उनकी शादीशुदा जिंदगी अच्छी चल रही थी। करियर भी अच्छा चल रहा था। तभी उनकी जिंदगी में एक मोड़ आया।
गुरु दत्त और वहीदा रहमान
- फोटो : सोशल मीडिया
वहीदा रहमान से हुई मुलाकात
गुरु दत्त की मुलाकात वहीदा रहमान से हुई। ऐसा कहा जाता है कि वहीदा रहमान और गुरुदत्त एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। मगर गुरु दत्त पहले से ही शादीशुदा थे। खबरों के मुताबिक वहीदा रहमान को लेकर गुरुदत्त और गीता दत्त में अक्सर झगड़े होते रहते थे। साल 1957 में दोनों की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई। आखिरकार दोनों अलग हो गए।
गुरु दत्त की मुलाकात वहीदा रहमान से हुई। ऐसा कहा जाता है कि वहीदा रहमान और गुरुदत्त एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। मगर गुरु दत्त पहले से ही शादीशुदा थे। खबरों के मुताबिक वहीदा रहमान को लेकर गुरुदत्त और गीता दत्त में अक्सर झगड़े होते रहते थे। साल 1957 में दोनों की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई। आखिरकार दोनों अलग हो गए।
गुरु दत्त
- फोटो : X
दिवालिया हुए गुरुदत्त
साल 1959 में गुरु दत्त की फिल्म 'कागज के फूल' रिलीज हुई। यह फिल्म फ्लॉप हो गई। इसका असर ये हुआ कि गुरु दत्त दिवालिया हो गए। एक तरफ जहां अभिनेता वहीदा रहमान को नहीं अपना पाए, तो वहीं दूसरी ओर फिल्म में नुकसान की वजह से गुरुदत्त बिल्कुल टूट चुके थे। उन्होंने दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी। जब तीसरी बार उन्होंने खुदकुशी करने की कोशिश की तो उनकी जान चली गई। 39 साल की उम्र में गुरु दत्त अपने बेडरूम में मृत पाए गए। बताया जाता है कि उन्होंने पहले खूब शराब पी और उसके बाद कई नींद की गोलियां खा ली थीं।
साल 1959 में गुरु दत्त की फिल्म 'कागज के फूल' रिलीज हुई। यह फिल्म फ्लॉप हो गई। इसका असर ये हुआ कि गुरु दत्त दिवालिया हो गए। एक तरफ जहां अभिनेता वहीदा रहमान को नहीं अपना पाए, तो वहीं दूसरी ओर फिल्म में नुकसान की वजह से गुरुदत्त बिल्कुल टूट चुके थे। उन्होंने दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी। जब तीसरी बार उन्होंने खुदकुशी करने की कोशिश की तो उनकी जान चली गई। 39 साल की उम्र में गुरु दत्त अपने बेडरूम में मृत पाए गए। बताया जाता है कि उन्होंने पहले खूब शराब पी और उसके बाद कई नींद की गोलियां खा ली थीं।