{"_id":"9efd342e-240d-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"good-script-made-me-sign-film-kunal-kapoor","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब अच्छी स्किप्ट मिली तब फिल्म कीः कुणाल कपूर","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
जब अच्छी स्किप्ट मिली तब फिल्म कीः कुणाल कपूर
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 01 Nov 2012 03:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन दिनों कुणाल कपूर चिकन खुराना की रेसिपी तलाशने में जुटे हैं। अनुराग कश्यप की फिल्म 'लव शव ते चिकन खुराना' में क्या क्या हथकंडे अपनायेंगे कुणाल खुद शेयर कर रहे हैं
विज्ञापन
लंबे समय के बाद आप स्क्रीन पर नजर आ रहे हैं?
जब तक मुझे स्क्रिप्ट प्रभावित नहीं करती तब तक मैं अपने लिए किरदार का चयन नहीं करता। इस बीच मुझे जो भी फिल्मी स्क्रिप्ट मिली उन्होंने मुझे प्रभावित नहीं किया। यही वजह रही कि मैं लंबे समय बाद वापसी कर रहा हूं।
विज्ञापन
लव शव...का हिस्सा कैसे बने। कैसे जुड़ना हुआ अनुराग से?
अनुराग ने ही मुझे इस फिल्म की कहानी सुनाई थी। मुझे कांसेप्ट अच्छा लगा कि एक पंजाबी परिवार है और वह रेसिपी की तलाश में है। बॉलीवुड में ऐसे कांसेप्ट वाली फिल्में कम बनती हैं। दूसरी वजह है कि मुझे पंजाबी फिल्में खासतौर पर रास आती हैं।
विज्ञापन
फिल्म की कहानी के बारे में थोड़ा बताएं?
यह एक ऐसे पंजाबी परिवार की कहानी है जो एक रेसिपी को ढूंढने में लगा हुआ है। लेकिन समस्या यह है कि वह रेसिपी सिर्फ उसके दादाजी जानते थे। लेकिन वह बोल या सुन नहीं पाते हैं। उस रेसिपी के बारे में जानने के लिए मैं जुट जाता हूं। यह फिल्म कॉमेडी के ताने बाने में बनी एक फैमिली ड्रामा है।
विषय के रूप में यह एक अलग फिल्म है
मुझे लगता है कि मैं एक्टर हूं तो मुझे ऐसे किरदार भी निभाने चाहिए। रोमांटिक, थ्रिलर, कॉमेडी इन सभी जॉनर के बारे में हमने कई बार सुना है। लेकिन लव शव ते चिकन खुराना भारत की पहली फूडी फिल्म है। हां, यह सही है कि इससे पहले कई बार खाने के नाम पर फिल्में बनी हैं लेकिन फूड को ही ध्यान में रख कर फिल्म नहीं बनाई गयी है। मुझे तो लगता है कि भारत इतने अलग अलग तरीके के व्यंजनोंवाला देश है। यहां सबसे अधिक फूडी फिल्में बननी चाहिए।
लेकिन इस तरह फिल्में करना करियर के लिए रिस्क नहीं हो सकता।
मुझे तो लगता है कि हर जॉनर की फिल्मों में रिस्क है। हिट होने का कोई एक पैमाना नहीं है। आज आप सोच ही नहीं सकते कि कौन सी फिल्म हिट हो जायेगी और कौन सी फ्लॉप। मुझे लगता है कि यह सबसे बेहतरीन समय है।
अब छोटे बजट की फिल्में भी देखी जा रही हैं और दर्शकों को फिल्म पसंद आती है। नये लोगों को मौके मिल रहे हैं और मैं मानता हूं कि अगर आप रिस्क ले ही नहीं सकते तो फिल्मी दुनिया में आने का क्या फायदा।
कॉमेडी किरदार निभाने के लिए किसी से प्रेरणा ली. पुराने दौर की किसी फिल्मों से?
हां, मैंने ऋषिकेश दा की फिल्में देखी हैं और मुझे उनकी कॉमेडी का अंदाज बेहद पसंद है तो आपको इस फिल्म में भी वह टच नजर आयेगा।
जब अनुराग आपके पास फिल्म इस फिल्म का कांसेप्ट लेकर आये तो आपके जेहन में यह बात नहीं आयी कि यह जरूर डार्क फिल्म होगी
बिल्कुल आयी थी। लेकिन अनुराग ने आने के साथ बात क्लीयर कर दिया कि वह इस बार डार्क फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर नहीं आये हैं। अनुराग ने कहा कि वह उनकी पहली फैमिली इंटरटेनिंग फिल्म होगी.
हूमा के साथ केमेस्ट्री कैसी रही
लाजवाब. मैं तो उन्हें उनके गैंग्स ऑफ वासेपुर के किरदार को लेकर काफी छेड़ता था। मुझे उनके साथ मस्ती करने में बहुत मजा आया। खासतौर से हम दोनों खाने के शौकीन हैं तो हम शूटिंग में साथ साथ खूब खाते थे।
आपकी आनेवाली फिल्मों के बारे में बताएं?
अनुराग के साथ ही सुपरहीरोवाली एक फिल्म में हूं। ढोंगा नाम है उसका और जल्द ही आप मुझे एक फिल्म में बिल्कुल नये अवतार में देखेंगे