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Exclusive: 'बग्स बनी' कहने पर जानें क्या कहा इलियाना डी क्रूज ने

Mon, 28 Aug 2017 08:46 AM IST
पंकज शुक्ल
पंकज शुक्ल Updated Mon, 28 Aug 2017 08:46 AM IST
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Exclusive Interview Of Ileana D'cruz For Movie Baadshaho
बादशाहो
हिंदी सिनेमा में हीरोइन या तो खूबसूरत होती है या फिर मादक। लेकिन, हंसमुख हीरोइनों की बात चलती है तो जिस हीरोइन को अपनी खास मुस्कान के लिए पहचाना जाने लगा है, वो हैं इलियाना डी क्रूज। 'बर्फी', 'रुस्तम' और 'मुबारकां' जैसी फिल्मों की कामयाबी पर सवार इलियाना का अगला कदम है, 'बादशाहो'। अमर उजाला के निमंत्रण पर लखनऊ आईं इलियाना ने अपने करियर, अपनी शख्सियत और अपनी अब तक की सीखों के बारे में ये एक्सक्लूसिव बातचीत की पंकज शुक्ल से।
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सवाल: इलियाना के नाम के साथ जब डी-क्रूज सरनेम लेते हैं, तो लोगों को लगता है कि एक लड़की होगी जो अंग्रेजी बोलती होगी, फर्राटेदार एक्सेंट के साथ। लेकिन, आपकी तो हिंदी बहुत अच्छी है। हिंदी से आपको प्रेम कैसे हुआ?
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जवाब: ये सारा असर हिंदी की पुरानी फिल्मों का है।  जब मैं छोटी थी तो मैंने 'अमर अकबर एंथनी',  'सत्ते पे सत्ता', 'सीता और गीता',  'मिस्टर इंडिया' जैसी फिल्में देखी। ये मेरी पसंदीदा फिल्में रही हैं। इन चारों फिल्मों के संवादों में हिंदी पर खासा ध्यान दिया गया है। मुझे भी इस तरह की हिंदी पसंद है। हालांकि, मुझे लगता कि आजकल की हिंदी बहुत हद तक हिंग्लिश बन गई है।
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सवाल: तो आपकी टीचर हिंदी सिनेमा है?
जवाब: मेरे जो हिंदी के प्रोफेसर थे वो मुझसे चिढ़ते थे क्योंकि स्कूल के समय मेरी हिंदी खराब थी। लेकिन आज अगर वो होते तो मुझ पर गर्व करते लेकिन अब वो इस दुनिया में नहीं हैं।

सवाल: फिल्म 'बादशाहो' में ये खूबसूरत सी लड़की क्या कर रही है, क्योंकि फिल्म के डायरेक्टर मिलन लूथरिया तो इसे ट्रेलर में छह बदमाशों की कहानी बता रहे हैं।
जवाब: मिलन ने जब इस फिल्म के बारे में बात की तो बताया कि इसके जो छह मुख्य किरदार हैं, उनमें हर किसी का एक गेम चल रहा है,  हरेक की अलग सोच है, अपने अगल प्लान्स हैं। मेरे किरदार गीतांजली के साथ भी कुछ ऐसा ही। थोड़ा ग्रे तो हम सब होते हैं। परफेक्ट कोई नहीं होता, ऐसा ही मिलन की फिल्मों में होता है।

Exclusive Interview Of Ileana D'cruz For Movie Baadshaho
बादशाहो
सवाल: 'बर्फी' से लेकर अब तक आपने जो भी फिल्में की, उनमें हरेक का किरदार पिछले से अलहदा है। तो ये आपकी प्लानिंग का हिस्सा है, या फिर जो फिल्में हाथ आती गईं, आप करती गईं।
जवाब: मैं बहुत ही चूजी हूं। इसी वजह से मैं ज्यादा फिल्मे नहीं कर पाई हूं। 'बर्फी' के बाद से मुझे पांच साल हो गए और ये मेरी सातवीं फिल्म है। सब कुछ मेरी पसंद के हिसाब से चल रहा है। मुझे खुशी ये है कि आपने ये नोटिस किया। साउथ में इतनी सारी फिल्में करने के बाद मुझे यहां अच्छा लगा काम करके। अब मैं अपनी पसंद के बारे में सोचने लगी हूं। मैं खुशनसीब हूं कि अच्छे डायरेक्टर्स मिले मुझे अभी तक।

सवाल: इन डायरेक्टर्स का कितना रोल रहा आपको बतौर एक कलाकार आगे बढ़ाने में? क्या क्या सीखा इनसे आपने?
जवाब:  बहुत कुछ,  हर सेट पर हम बहुत कुछ नया सीखते हैं। 'बर्फी' में जब मैंने काम करना शुरू किया, अनुराग के साथ तो पहले तो स्क्रिप्ट नहीं थी तो मुझे पता नहीं था कि क्या करना होगा, कैसे करना होगा? सच में मुझे ऐसा लगा कि मैं कुछ नहीं कर रही हूं क्योंकि जो भी रिएक्शन्स होते थे मेरे या जो भी मेरे सवाल होते थे तो अनुराग सिर्फ एक ही बात बोलते थे कि थोड़ा आराम से करो। मैंने कई तरह की एक्टिंग सीखी 'बर्फी' में काम करके क्योंकि वो मेरी पहली फिल्म थी हिंदी में। मैने सिर्फ साउथ की फिल्मों में ही काम किया था तो सच में मुझे ऐसा लगा कि मुझे कोई देखेगा नहीं क्योंकि मैंने कुछ किया ही नहीं था फिल्म में। लेकिन, मैं खुशनसीब थी कि लोगों ने मुझे पसंद किया।

सवाल: मैं 'रुस्तम' की भी बात करना चाहता हूं। 'रुस्तम' में जो कैरेक्टर था आपका बहुत सारे लोग वही देखने गए थे।
जवाब: 'रुस्तम' की कहानी अच्छी थी। उसमें दिखाया गया था कि गलती हो जाती है कभी-कभी और फिर उसके बाद जो पति-पत्नी मैनेज करते हैं, ये बहुत अच्छा था फिल्म में। अक्षय की वजह से मुझे बहुत मदद मिली। वह सच में बहुत बढ़िया कलाकार हैं। लोग बोलते हैं कि वह सुपर स्टार है लेकिन वह सच में बहुत बढ़िया कलाकार है और हमारे जो भी रोमान्टिक सीन्स थे वो बहुत सुन्दर थे। मेरे लिए 'रुस्तम' बहुत बड़ा अनुभव था।  

सवाल: उस दौरान आपने मिलन लुथरिया की फिल्में देखी?
जवाब: नहीं, आज तक मैने मिलन की कोई फिल्म नहीं देखी है। पर, मुझे पता था कि मिलन की फिल्में अलग होती हैं, वह बहुत अच्छी फिल्में बनाते हैं,  इंटेन्स बनाते हैं। उनसे जब मेरी मुलाकात हुई और मुझे गीतांजली का रोल ऑफर किया गया तो मैंने एकदम से इसे साइन कर लिया। उनके साथ काम करके अच्छा भी लगा।

 

Exclusive Interview Of Ileana D'cruz For Movie Baadshaho
बादशाहो
सवाल: 'बादशाहो' इमरजेंसी के दौर की कहानी है। और, आपका तो जन्म ही 1986 में हुआ, ऐसे में उस दौर के बारे में जानकारी जुटाने के लिए आपने क्या क्या किया?
जवाब: ये फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है। हमने इसमें काल्पनिक भी बहुत कुछ जोड़ा किया है लेकिन वो जो घटना है सच में हुई थी। जहां एक राजसी परिवार का खजाना पीएम के आदेशों के बाद जब्त कर लिया गया। मेरा किरदार जो है फिल्म में वह असली किरदार जैसा ही है। मैने कुछ रिसर्च पर काम करना नहीं चाहा कैरेक्टर को लेकर क्योंकि स्क्रिप्ट बहुत अच्छे तरीके से लिखी हुई थी। मुझे लगा कि अगर मैं रैफ्रेंस पर काम कर भी लूं तो वो मेरे काम में अड़चन ही बनेगा। मेरे ख्याल से मिलन काम करने के लिए बहुत ही अच्छे डायरेक्टर हैं जितना उन्होंने मुझे उत्साहित किया एक एक्ट्रेस के तौर पर उससे मैं बहुत खुश हूं।

सवाल: जब भी हिंदी सिनेमा की हीरोइनों की बात होती है तो कोई सेक्स सिंबल होती है या बहुत सुंदर होती है। लेकिन आप हर पोस्टर में हैप्पी गर्ल जैसी दिखती है जो पूरी तरह से अलग है,  मैंने एक नाम रखा हुआ है आपका बग्स बनी।
जवाब: मेरे दांतों की वजह से?

जी हां, मौसमी चटर्जी के बाद कोई तो है जिसके अलग तरह के दांत हैं।

जवाब: (खिलखिलाते हुए) हां। आपको पता है? मुझे बोला गया था कुछ साल पहले कि ब्रेसेस लगा लो या कुछ और। लेकिन, मुझे लगा कि क्या जरूरत है। ये पहचान है मेरी, मतलब कि एक क्वालिटी हो जाती है आपकी शख्सियत में।

सवाल: अभी कुछ दिन पहले मुंबई में कुछ लड़कों ने आपकी कार रोकने की कोशिश की और आपने बजाय इस घटना को दबा देने के, खुलकर इस पर अपनी बात रखी। और, पुलिस को एक्शन लेने पर मजबूर किया। ये हौसला कहां से आता है?
जवाब: मुझे लगता है कि लोगो को बताना चाहिए कि ये सब हो रहा है। पहले तो मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। वे छह आदमी थे और मेरे साथ बस एक ड्राइवर था। मुझे लगा कि मैं अगर नजरअंदाज कर दूं तो ये लोग चले जाएंगे लेकिन मुझे बहुत अफसोस हुआ और गुस्सा भी आया इसीलिए मैं ट्विटर पर गई। मुझे मुंबई पुलिस से भी मैसेज मिला कि मैं इसके लिए रिपोर्ट करूं। मुझे लगता है कि आपकी सेफ्टी ज्यादा जरूरी है ऐसे समय पर, मुझे पता है कि आप गुस्से में हो, कुछ एक्शन लेना चाहती हो, मेरा मन कर रहा था कि मैं चप्पल निकालकर मार दूं उन लोगों को। मुझे लड़कियों को मैसेज ये ही देना है कि सेफ्टी ही आपकी प्रायोरिटी है।

Exclusive Interview Of Ileana D'cruz For Movie Baadshaho
बादशाहो
सवाल: 'बादशाहो' फिल्म में एक सीन है जिसमें आप बैकलैस दिखाई दे रहीं हैं, आप कितनी सहज थी वो सीन करने में?
जवाब: ऐसे सीन्स को लेकर हमारे कॉन्ट्रेक्ट्स होते हैं। मिलन को लेकर जो मेरा भरोसा है, मैं कह सकती हूं कि हम ऐसे सीन्स कर सकते हैं और गीतांजलि का जो किरदार है वो बहुत ही स्ट्रॉंग है और बोल्ड भी। भवानी और गीतांजली के जो शॉट्स हैं, बहुत ही सुंदर हैं। मुझे लगता है कि ये सबसे अच्छी टीम थी इस तरह का शॉट करने के लिए।

सवाल: मिलन की फिल्म में डायलॉगबाजी बहुत होती है। आपकी फिल्म में सबसे अच्छी लाइन क्या है?
जवाब: मुझे बहुत अच्छी-अच्छी लाइन्स मिली हैं। जैसे कि एक है, जो ट्रेलर में भी है। मेरे हाथ में तलवार होती है और मैं बोलती हूं, 'चार इंच ऊपर या नीचे,  कहीं भी चला दी तो तुम्हारे घराने में भी कोई मर्द नहीं बचेगा।'

सवाल: कोई खास बात कहना चाहेंगी इस इंटरव्यू को पढ़ने वाले ‘अमर उजाला’ के पाठकों के लिए? 
जवाब: मैं आप सबको बहुत प्यार करती हूं। लेकिन मैं उन लड़कियों से खासतौर से कहना चाहती हूं जो मुझे अपना रोल मॉडल मानती हैं, कि मैं एक बहुत ही अनगढ़ इंसान हूं आपकी ही तरह। और, अगर मुझमे कुछ अच्छी बातें हैं तो उनसे कुछ सीखने की कोशिश कीजिए। इसके अलावा आपकी अपनी सुरक्षा हमेशा आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। खुद के जैसे बनो किसी और के जैसे बनने की जरूरत नहीं है।
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