{"_id":"5df703368ebc3e88110a3fef","slug":"exclusive-interview-of-bollywood-actress-tabu-regarding-ishaan-khatter-starrer-a-suitable-boy","type":"story","status":"publish","title_hn":"Exclusive: तब्बू को खूब पसंद आए यूपी के सिंघाड़े, ननिहाल के पहले अनुभवों पर अमर उजाला से की बातचीत","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Exclusive: तब्बू को खूब पसंद आए यूपी के सिंघाड़े, ननिहाल के पहले अनुभवों पर अमर उजाला से की बातचीत
Mon, 16 Dec 2019 09:40 AM IST
Avinash Pal
रोहितास कुमार सिंह, अमर उजाला
रोहितास कुमार सिंह, अमर उजाला
Published by: Avinash Pal
Updated Mon, 16 Dec 2019 09:40 AM IST
विज्ञापन
tabu
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने अभिनय और अदाओं से सिनेप्रमियों का दिल जीतने वाली तब्बू ने अपनी जिंदगी में पहली बार मीरा नायर की फिल्म 'ए सूटेबल बॉय' के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भ्रमण किया। शूटिंग से वापस मुंबई लौटने के बाद तब्बू ने लखनऊ शहर की दिल खोलकर तारीफ की।
विज्ञापन
अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में तब्बू ने कहा, 'मेरा जुड़ाव लखनऊ से बहुत पुराना है। हम हैदराबादी हैं। हमारा खाना बहुत तीखा और मसालेदार होता है। हम हैदराबादी बोलते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश से मेरा नाता बहुत पुराना है। मेरी नानी उत्तर प्रदेश की ही थीं। मेरे नाना का तबादला हैदराबाद हुआ और तब से हमारा परिवार वहीं बस गया। शुरुआत से ही मेरे घर की संस्कृति उत्तर प्रदेश की ही रही है। वहीं की भाषा, वहीं का लहजा, वहीं का खानपान आदि। ये बात अलग है कि मैंने अपने घर हैदराबाद में रहकर ही उत्तर प्रदेश को पल-पल जिया है।'
विज्ञापन
तब्बू ने इससे पहले कभी उत्तर प्रदेश न आने को लेकर खुद पर ही हैरानी जताई। वह कहती हैं, 'हिंदी सिनेमा में मेरा इतना लम्बा करियर रहा है। लेकिन हैरानी की बात है कि मैं इससे पहले कभी वहां नहीं गई। मेरी हमेशा से ख्वाहिश तो थी लेकिन पता नहीं कि मैंने अब तक वहां का रुख क्यों नहीं किया? भला हो मीरा नायर की इस फिल्म का, जिसकी वजह से मुझे वहां जाने का मौका मिला।'
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की तारीफ करते हुए तब्बू कहती हैं, 'मेरी फिल्म 'द सूटेबल बॉय' लखनऊ के पास की एक जगह पर आधारित है। इसकी वजह से मुझे वहां काफी दिन बिताने का मौका मिला। हर रोज जब शूटिंग खत्म होती तो मैं खुली सड़कें और खेतों में फैली हरियाली को निहारती। एक चीज मैंने उत्तर प्रदेश में देखी कि वहां पटाखे बहुत छोड़े जाते हैं। पहले दिवाली थी तो खूब पटाखे छूटे। उसके बाद फिर शादियों का सीजन शुरू हो गया। इसी बीच मेरी मां भी वहां आईं। हमने लखनऊ के मशहूर चिकन के कुर्ते और साड़ियां खरीदीं। हमने सिंघाड़ों का भी खूब मजा लिया।'