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डिजिटल रिव्यू: 'वीरे दे वेडिंग' से शादी निकाल दें तो समझ लें 'फोर मोर शॉट्स प्लीज़'
Tue, 29 Jan 2019 09:00 PM IST
anand anand
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Tue, 29 Jan 2019 09:00 PM IST
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More Shots Please
- फोटो : social media
कलाकारः मानवी गगरू, सयानी गुप्ता, बानी जे, कीर्ति कुल्हारी, प्रतीक बब्बर, लीजा रे, नील भूपलम, मिलिंद सोमण, अमृता पुरी, सपना पब्बी।
निर्देशकः अनु मेनन
ओटीटीः अमेजॉन प्राइम वीडियो
पता नहीं वीरे दे वेडिंग की कहानी पहले सोची गई या फिर फोर मोर शॉट्स प्लीज की लेकिन शादी को बीच से निकाल दें तो फिर दोनों में ज्यादा फर्क नहीं दिखता। भारत में ओटीटी का कारोबार बड़े शहरों में ठीक ठाक फैल चुका है। बारी अब टियर 2 और टियर 3 शहरों की है और वहां तक पहुंचने का कोई प्लान न नेटफ्लिक्स के पास दिखता है और न प्राइम वीडियो का। दोनों बस सेक्रेड गेम्स को इसके अश्लील दृश्यों के चलते मिले हिट्स को ही सच मान बैठे हैं और जो कुछ कर रहे हैं, उसी के आसपास कर रहे हैं।
चार किरदार हैं, सिद्धि, दामिनी, उमंग और अंजना। चारों की जिंदगी दो लाइनों पर चल रही है। एक तरफ इन्हें अपने कामकाजी जीवन की मुसीबतों का सामना करना पड़ा रहा है, दूसरी तरफ है इनकी अपनी निजी जिंदगी, जिसकी दिक्कतें इनका असली मनोविज्ञान, इनकी असली सोच और इनकी असली दमदारी दर्शकों को सामने लाती है। एक बार है ट्रक नाम का, जहां चारों मिलती हैं। चारों के जीवन में जोश बहुत है। बीच में एक कहानी समलैंगिक रिश्तों की भी है। फिल्म 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' की रिलीज से पहले पंजाब की इस कहानी में झांकने के बाद ये भी लगता है कि शैली धर चोपड़ा की फिल्म की कहानी भी इसके बनने से पहले ही लीक हो चुकी है।
इस सीरीज में एक जगह एक चार साल की बच्ची की मां को उसके सामने ही गाली देते दिखाया गया है और ये भी दिखाया गया है कि गालियां बच्चे कैसे सीखते हैं। असुरक्षित दैहिक संबंधों की सीरीज में अति है और ये इसके बावजूद कि सीरीज की निर्देशक एक महिला है।
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निर्देशकः अनु मेनन
ओटीटीः अमेजॉन प्राइम वीडियो
पता नहीं वीरे दे वेडिंग की कहानी पहले सोची गई या फिर फोर मोर शॉट्स प्लीज की लेकिन शादी को बीच से निकाल दें तो फिर दोनों में ज्यादा फर्क नहीं दिखता। भारत में ओटीटी का कारोबार बड़े शहरों में ठीक ठाक फैल चुका है। बारी अब टियर 2 और टियर 3 शहरों की है और वहां तक पहुंचने का कोई प्लान न नेटफ्लिक्स के पास दिखता है और न प्राइम वीडियो का। दोनों बस सेक्रेड गेम्स को इसके अश्लील दृश्यों के चलते मिले हिट्स को ही सच मान बैठे हैं और जो कुछ कर रहे हैं, उसी के आसपास कर रहे हैं।
चार किरदार हैं, सिद्धि, दामिनी, उमंग और अंजना। चारों की जिंदगी दो लाइनों पर चल रही है। एक तरफ इन्हें अपने कामकाजी जीवन की मुसीबतों का सामना करना पड़ा रहा है, दूसरी तरफ है इनकी अपनी निजी जिंदगी, जिसकी दिक्कतें इनका असली मनोविज्ञान, इनकी असली सोच और इनकी असली दमदारी दर्शकों को सामने लाती है। एक बार है ट्रक नाम का, जहां चारों मिलती हैं। चारों के जीवन में जोश बहुत है। बीच में एक कहानी समलैंगिक रिश्तों की भी है। फिल्म 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' की रिलीज से पहले पंजाब की इस कहानी में झांकने के बाद ये भी लगता है कि शैली धर चोपड़ा की फिल्म की कहानी भी इसके बनने से पहले ही लीक हो चुकी है।
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इस सीरीज में एक जगह एक चार साल की बच्ची की मां को उसके सामने ही गाली देते दिखाया गया है और ये भी दिखाया गया है कि गालियां बच्चे कैसे सीखते हैं। असुरक्षित दैहिक संबंधों की सीरीज में अति है और ये इसके बावजूद कि सीरीज की निर्देशक एक महिला है।
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