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बायोग्राफी में पिता का गलत जिक्र कर फंसे करण जौहर, हो सकता है केस
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Mon, 15 May 2017 02:14 PM IST
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करण जौहर
करण जौहर की बायोग्राफी 'एन अनसुटेबल ब्वॉय' में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के बारे में खुलकर लिखा है। उन्होंने इस किताब में अपने परिवार से लेकर दोस्तों के साथ हुई लड़ाई तक, सभी का जिक्र किया है। अब अपनी इसी किताब को लेकर करण मुसीबत में फंस गए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक करण की बायोग्राफी में कई ऐसी बातें कही गई हैं जो सच्चाई से कोसो दूर हैं। उनकी इस हरकत से उनके परिवार के कुछ लोग खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि किताब में उनके पिता यश जौहर के बारे में जितना लिखा गया है, वह फैक्ट से ज्यादा फिक्शन है।
करण कि बायोग्राफी में लिखा है कि उनके पिता के परिवार वाले हलवाई थे। परिवार में उनके पिता ही इकलौते शख्स थे जो अंग्रेजी बोल सकते थे। इसलिए वह सेल्स काउंटर पर बैठते थे लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने ये काम छोड़ दिया था। वहीं खबर के मुताबिक करण के दादा मिठाई की दुकान खोलने से पहले लाहौर में सरकारी नौकरी करते थे। उनके सबसे बड़े चाचा, वेद प्रकाश जौहर ने लाहौर के सरकारी कॉलेज से पढ़ाई की थी और वह कवि फैज अहमद फैज के करीबी मित्र थे। बाद में उन्होंने न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में डिग्री ले आईएएस ज्वाइन कर लिया था। उनके दूसरे चाचा आर्मी में थे। उनके केवल एक चाचा की दिल्ली में मिठाई की दुकान थी।
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उनकी बायोग्राफी में यश जौहर और उनके परिवार के बारे में ऐसी जानकारी के कारण उनके परिवार वाले उनपर केस करने का विचार कर रहे हैं। करण की कजिन के पति और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील राजीव नायर परिवार का नाम खराब करने के लिए करण के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं।
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इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक करण की बायोग्राफी में कई ऐसी बातें कही गई हैं जो सच्चाई से कोसो दूर हैं। उनकी इस हरकत से उनके परिवार के कुछ लोग खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि किताब में उनके पिता यश जौहर के बारे में जितना लिखा गया है, वह फैक्ट से ज्यादा फिक्शन है।
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करण कि बायोग्राफी में लिखा है कि उनके पिता के परिवार वाले हलवाई थे। परिवार में उनके पिता ही इकलौते शख्स थे जो अंग्रेजी बोल सकते थे। इसलिए वह सेल्स काउंटर पर बैठते थे लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने ये काम छोड़ दिया था। वहीं खबर के मुताबिक करण के दादा मिठाई की दुकान खोलने से पहले लाहौर में सरकारी नौकरी करते थे। उनके सबसे बड़े चाचा, वेद प्रकाश जौहर ने लाहौर के सरकारी कॉलेज से पढ़ाई की थी और वह कवि फैज अहमद फैज के करीबी मित्र थे। बाद में उन्होंने न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में डिग्री ले आईएएस ज्वाइन कर लिया था। उनके दूसरे चाचा आर्मी में थे। उनके केवल एक चाचा की दिल्ली में मिठाई की दुकान थी।
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उनकी बायोग्राफी में यश जौहर और उनके परिवार के बारे में ऐसी जानकारी के कारण उनके परिवार वाले उनपर केस करने का विचार कर रहे हैं। करण की कजिन के पति और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील राजीव नायर परिवार का नाम खराब करने के लिए करण के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं।