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डिस्लेक्सिया से जंग और करियर में मिला धोखा, पढ़िए 'धुरंधर' के मास्टरमाइंड आदित्य धर की कहानी
Sat, 21 Mar 2026 04:17 PM IST
गोधूलि श्रीवास्तव
एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला
Published by: गोधूलि श्रीवास्तव
Updated Sat, 21 Mar 2026 04:17 PM IST
सार
Aditya Dhar Struggle story: निर्देशक आदित्य धर के जीवन के हर अहम मोड़ से आज भी उनके फैंस अंजान हैं। एक पुरानी बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी हर असफलता को सफलता में बदलने के पीछे की अपनी कहानी साझा की थी। पढ़िए...
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धुरंधर के निर्देशक आदित्य धर
- फोटो : X
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विस्तार
निर्देशक आदित्य धर के नाम की चर्चा सिर्फ भारत में ही नहीं, सीमा पार भी हो रही है। उनकी फिल्म 'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। हालांकि, उनके जीवन के बारे में करीब से कम ही लोग जानते हैं। इस खबर में जानें कि मेंटल हेल्थ और फिल्म इंडस्ट्री से मिले धोखे से लड़ते हुए कैसे बने वो फिल्मों के 'धुरंधर'?
पढ़ने-लिखने में होती थी मुश्किल
12 मार्च 1983 को एक कश्मीरी पंडित के घर जन्मे आदित्य एक पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखते थे। आदित्य की मां दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व डीन थीं। बचपन से सीवियर डिस्लेक्सिया से पीड़ित रहे आदित्य को पढ़ने-लिखने में काफी मुश्किल होती थी।
रोहित भट्ट को दिए एक पुराने इंटरव्यू में आदित्य ने अपने बारे में काफी कुछ बताया था। आदित्य ने बताया था कि एक वक्त था जब उन्हें दो से तीन पेज पढ़ने में पूरा दिन लग जाता था। मगर एक चीज थी जो गॉड गिफ्टिड थी। वो थी उनकी कहानी कहने और महसूस करने की क्षमता।
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पढ़ने-लिखने में होती थी मुश्किल
12 मार्च 1983 को एक कश्मीरी पंडित के घर जन्मे आदित्य एक पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखते थे। आदित्य की मां दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व डीन थीं। बचपन से सीवियर डिस्लेक्सिया से पीड़ित रहे आदित्य को पढ़ने-लिखने में काफी मुश्किल होती थी।
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रोहित भट्ट को दिए एक पुराने इंटरव्यू में आदित्य ने अपने बारे में काफी कुछ बताया था। आदित्य ने बताया था कि एक वक्त था जब उन्हें दो से तीन पेज पढ़ने में पूरा दिन लग जाता था। मगर एक चीज थी जो गॉड गिफ्टिड थी। वो थी उनकी कहानी कहने और महसूस करने की क्षमता।
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परिवार के साथ आदित्य धर
- फोटो : सोशल मीडिया
डिस्लेक्सिया को जला कर आ गए मुबंई
अपनी इसी कहानी लिखने और कल्पना करने की क्षमता को देखते हुए एक दिन उन्हें अपनी मंजिल समझ आ गई। बचपन से ही उनके परिवार में संगीत और आर्ट का विशेष स्थान था। इसके चलते वो पहले थिएटर से जुड़े और फिर साल 2006 में वो मुबंई आ गए।
मुंबई पहुंचे आदित्य का असली सफर तो अब शुरू हुआ था। निर्देशक बनना उनके लिए इतना आसान भी नहीं था। पहली फिल्म मिली जाॅन अब्राहम स्टारर 'काबुल एक्सप्रेस'। आदित्य ने इसके गाने लिखे। फिल्म इंडस्ट्री का यह उनका पहला बड़ा प्रोजेक्ट था। आगे उन्होंने बतौर सह-निर्देशक और स्टोरी राइटर काम शुरू किया।
निर्देशक प्रियदर्शन के साथ बतौर असिस्टेंट काम करते आदित्य (दाएं से पहले)
आदित्य का भरोसा और इंडस्ट्री का धोखा
आगे जाकर आदित्य को काम के दौरान कई लोगों ने धोखा दिया। उन्होंने कई अच्छी स्क्रिप्ट लिखीं जिन पर बड़ी-बड़ी फिल्में बनी। उन फिल्मों ने 100 करोड़ रुपये भी कमाए पर आदित्य को कोई क्रेडिट नहीं मिला।
कई बार तो फिल्में बनते-बनते रह गई। धर्मा प्रोड्क्शन की फिल्म 'रात अकेली है' की शूटिंग शुरू होने वाली थी। मगर उसके पहले ही भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण फिल्म के लीड एक्टर फवाद खान को रिप्लेस करना पड़ा। इसके बाद यह फिल्म बन ही नहीं पाए।
2013 और फिर 2016 में भी उनकी एक फिल्म शुरू होने वाली थी पर किन्ही कारणों से ऐसा हुआ नहीं।
अपनी इसी कहानी लिखने और कल्पना करने की क्षमता को देखते हुए एक दिन उन्हें अपनी मंजिल समझ आ गई। बचपन से ही उनके परिवार में संगीत और आर्ट का विशेष स्थान था। इसके चलते वो पहले थिएटर से जुड़े और फिर साल 2006 में वो मुबंई आ गए।
मुंबई पहुंचे आदित्य का असली सफर तो अब शुरू हुआ था। निर्देशक बनना उनके लिए इतना आसान भी नहीं था। पहली फिल्म मिली जाॅन अब्राहम स्टारर 'काबुल एक्सप्रेस'। आदित्य ने इसके गाने लिखे। फिल्म इंडस्ट्री का यह उनका पहला बड़ा प्रोजेक्ट था। आगे उन्होंने बतौर सह-निर्देशक और स्टोरी राइटर काम शुरू किया।
निर्देशक प्रियदर्शन के साथ बतौर असिस्टेंट काम करते आदित्य (दाएं से पहले)
आदित्य का भरोसा और इंडस्ट्री का धोखा
आगे जाकर आदित्य को काम के दौरान कई लोगों ने धोखा दिया। उन्होंने कई अच्छी स्क्रिप्ट लिखीं जिन पर बड़ी-बड़ी फिल्में बनी। उन फिल्मों ने 100 करोड़ रुपये भी कमाए पर आदित्य को कोई क्रेडिट नहीं मिला।
कई बार तो फिल्में बनते-बनते रह गई। धर्मा प्रोड्क्शन की फिल्म 'रात अकेली है' की शूटिंग शुरू होने वाली थी। मगर उसके पहले ही भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण फिल्म के लीड एक्टर फवाद खान को रिप्लेस करना पड़ा। इसके बाद यह फिल्म बन ही नहीं पाए।
2013 और फिर 2016 में भी उनकी एक फिल्म शुरू होने वाली थी पर किन्ही कारणों से ऐसा हुआ नहीं।
फिल्म 'उरी' के सेट पर आदित्य धर
- फोटो : सोशल मीडिया
'उरी' से बनाई अपनी पहचान
फिल्म 'रात अकेली है' बंद पड़ जाने के कुछ वक्त बाद ही भारत के उरी में आतंकवादी हमला हुआ, जिसका जवाब हिंदुस्तान ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करके दिया। आदित्य ने उसी वक्त तय किया कि वो इस पर फिल्म बनएंगे।
यहीं से फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' बनाने का ख्याल उनके दिमाग में आया। इसके बाद आदित्य ने पत्रकारों और आर्मी अफसरों से मिलकर रिसर्च करना शुरू की। छह महीनों की कड़ी मेहनत के बाद वो 12 दिनों के लिए एक कमरे में बंद हो गए जहां उन्होंने फिल्म की पूरी स्क्रि्प्ट लिखी।
फिल्म प्रोड्यूस करने के लिए आदित्य ने रॉनी स्क्रूवाला को अप्रोच किया और उन्होंने इसे एक ही बार में फाइनल कर दिया। इस तरह 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' पर्दे पर आई। इसी फिल्म ने आदित्य को इंडस्ट्री में पहचान दिलाई।
गहरा हुआ यामी गौतम से प्यार
'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' सिर्फ आदित्य के जीवन में प्रोफेशनल सफलता लेकर नहीं आई। बल्कि पर्सनल लाइफ में भी एक नया मुकाम जुड़ गया। वो फिल्म की शूटिंग के दौरान एक्ट्रेस यामी गौतम से मिले और फिर उन्हीं के होकर रह गए। कपल ने 4 जून 2021 को हिमाचल प्रदेश में परिवार की मौजूदगी में साधारण तरीके से शादी की।
फिल्म 'रात अकेली है' बंद पड़ जाने के कुछ वक्त बाद ही भारत के उरी में आतंकवादी हमला हुआ, जिसका जवाब हिंदुस्तान ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करके दिया। आदित्य ने उसी वक्त तय किया कि वो इस पर फिल्म बनएंगे।
यहीं से फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' बनाने का ख्याल उनके दिमाग में आया। इसके बाद आदित्य ने पत्रकारों और आर्मी अफसरों से मिलकर रिसर्च करना शुरू की। छह महीनों की कड़ी मेहनत के बाद वो 12 दिनों के लिए एक कमरे में बंद हो गए जहां उन्होंने फिल्म की पूरी स्क्रि्प्ट लिखी।
फिल्म प्रोड्यूस करने के लिए आदित्य ने रॉनी स्क्रूवाला को अप्रोच किया और उन्होंने इसे एक ही बार में फाइनल कर दिया। इस तरह 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' पर्दे पर आई। इसी फिल्म ने आदित्य को इंडस्ट्री में पहचान दिलाई।
गहरा हुआ यामी गौतम से प्यार
'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' सिर्फ आदित्य के जीवन में प्रोफेशनल सफलता लेकर नहीं आई। बल्कि पर्सनल लाइफ में भी एक नया मुकाम जुड़ गया। वो फिल्म की शूटिंग के दौरान एक्ट्रेस यामी गौतम से मिले और फिर उन्हीं के होकर रह गए। कपल ने 4 जून 2021 को हिमाचल प्रदेश में परिवार की मौजूदगी में साधारण तरीके से शादी की।
'धुरंधर' की टीम के साथ आदित्य धर
- फोटो : सोशल मीडिया
बी62 स्टूडियो बनाकर किया 'धुरंधर' डेब्यू
'उरी' की सफलता के बाद आदित्य ने अपने भाई लोकेश धर के साथ मिलकर बी62 स्टूडियो की स्थापना की। यहां से शुरुआत हुई फिल्म 'धुरंधर' की। इसके अलावा उन्होंने 'आर्टिकल 370' और 'बारामूला' जैसी फिल्में बनाई जिनमें सामाजिक मुद्दों को दिखाया।
'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' में लगाया अनुभव का ईधन
आदित्य धर के लिए 'धुरंधर' रॉकेट प्रोजेक्ट था। इसे बनाने में मेहनत तो लगी ही थी पर इसका सही तरह से लॉन्च होने भी बेहद जरूरी था। इंटरव्यू में आदित्य ने बताया, 'इस बार मेरे पास अनुभव, टैलेंट, मां का आशीर्वाद और पत्नी का प्यार सबकुछ था। यही वजह रही कि यह फिल्म इतनी सफल हुई।'
आदित्य ने इस फिल्म में अपना पूरा अनुभव लगा दिया और आज दर्शक फिल्म की किसी भी और चीज से ज्यादा आदित्य की पीक डिटेलिंग की ही तारीफ करते हैं।
'उरी' की सफलता के बाद आदित्य ने अपने भाई लोकेश धर के साथ मिलकर बी62 स्टूडियो की स्थापना की। यहां से शुरुआत हुई फिल्म 'धुरंधर' की। इसके अलावा उन्होंने 'आर्टिकल 370' और 'बारामूला' जैसी फिल्में बनाई जिनमें सामाजिक मुद्दों को दिखाया।
'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' में लगाया अनुभव का ईधन
आदित्य धर के लिए 'धुरंधर' रॉकेट प्रोजेक्ट था। इसे बनाने में मेहनत तो लगी ही थी पर इसका सही तरह से लॉन्च होने भी बेहद जरूरी था। इंटरव्यू में आदित्य ने बताया, 'इस बार मेरे पास अनुभव, टैलेंट, मां का आशीर्वाद और पत्नी का प्यार सबकुछ था। यही वजह रही कि यह फिल्म इतनी सफल हुई।'
आदित्य ने इस फिल्म में अपना पूरा अनुभव लगा दिया और आज दर्शक फिल्म की किसी भी और चीज से ज्यादा आदित्य की पीक डिटेलिंग की ही तारीफ करते हैं।