फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Court bars filmmaker Abhinav Kashyap from making derogatory comments against Salman Khan and family

सलमान खान के खिलाफ अपमानजनक कमेंट पर कोर्ट ने अभिनव कश्यप को दी चेतावनी, कहा- 'बोलने की आजादी का यह मतलब नही'

Fri, 30 Jan 2026 11:09 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Fri, 30 Jan 2026 11:09 PM IST
सार

Abhinav Kashyap: कुछ महीनों पहले फिल्ममेकर और डायरेक्टर अभिनव कश्यप ने सलमान खान और उनके परिवार को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थीं। इसके बाद सलमान ने अभिनव के खिलाफ मानहानि केस दायर किया था। इस पर कोर्ट ने क्या कहा? जानिए

विज्ञापन
Court bars filmmaker Abhinav Kashyap from making derogatory comments against  Salman Khan and family
सलमान खान और अभिनव कश्यप - फोटो : इंस्टाग्राम

विस्तार

बॉलीवुड के भाईजान यानी एक्टर सलमान खान के खिलाफ कुछ महीनों पहले निर्माता-निर्देशक अभिनव कश्यप ने कई इंटरव्यू में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थीं। उन्होंने न सिर्फ सलमान, बल्कि उनके परिवार पर भी कमेंट किए। इसके बाद सलमान खान ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया। इसे लेकर मुंबई की एक अदालत ने अभिनव कश्यप को चेतावनी दी है। साथ ही सलमान व उनके खिलाफ कोई भी टिप्पणी करने पर अस्थायी रोक लगाई है। 

विज्ञापन


कोर्ट ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक,  मुंबई की एक कोर्ट ने शुक्रवार को फिल्ममेकर अभिनव कश्यप को सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक कमेंट करने या पब्लिश करने से अस्थायी रूप से रोक दिया। कोर्ट ने कहा कि बोलने की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गाली-गलौज और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर सकता है।
विज्ञापन


सलमान खान ने लिया था एक्शन
जज पी जी भोसले ने एक्टर द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई करते हुए कश्यप और दो अन्य लोगों के खिलाफ एड-अंतरिम एकतरफा रोक का आदेश पारित किया। अभिनव कश्यप और कई अन्य लोगों के खिलाफ सिविल कोर्ट में दायर इस मुकदमे में स्थायी रोक और 9 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है। यह कानूनी कार्रवाई सलमान खान ने सितंबर और दिसंबर 2025 के बीच जारी किए गए 26 वीडियो इंटरव्यू और पॉडकास्ट की एक सीरीज के बाद शुरू की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

Court bars filmmaker Abhinav Kashyap from making derogatory comments against  Salman Khan and family
सलमान खान - फोटो : X

अभिनव कश्यप ने प्रतिष्ठा को पहुंचाई ठेस
दायर किए गए मुकदमे में दावा किया गया है कि अभिनव कश्यप ने सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक, झूठे और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां कीं। अभिनव कश्यप के अलावा कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी मुकदमे में नामजद किया गया है। मुकदमे के अनुसार, 'कई पॉडकास्ट और सोशल मीडिया चैनल पर प्रसारित इन वीडियो में अपमानजनक टिप्पणियां हैं, जो सलमान खान की प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल कैरेक्टर के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी टारगेट करती हैं। इसके अलावा कहा गया है कि एक्टर के पिता सलीम खान और भाई अरबाज खान और सोहेल खान के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।

Court bars filmmaker Abhinav Kashyap from making derogatory comments against  Salman Khan and family
सलमान खान, अभिनव कश्यप - फोटो : सोशल मीडिया

कोर्ट से की मांफी मांगने का निर्देश देने की अपील 
एडवोकेट प्रदीप गांधी के जरिए दायर इस मुकदमे में प्रतिवादियों को भविष्य में कोई भी मानहानिकारक कंटेंट या इंटरव्यू पब्लिश करने से स्थायी रूप से रोकने की मांग की गई है। इसमें प्रतिवादियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सभी विवादित कंटेंट को तुरंत हटाने और बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश देने की भी अपील की गई है। सलमान खान ने फौरी अंतरिम राहत के लिए कोर्ट में अर्जी भी दी। पॉडकास्ट पर दिए गए इंटरव्यू में अभिनव कश्यप के बयानों को देखने के बाद कोर्ट ने पाया कि वे पहली नजर में प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले, अपमानजनक, गाली-गलौज वाले व बेइज्जत करने वाले हैं। कोर्ट ने कहा कि ये बयान आम जनता की नजर में एक्टर की छवि को खराब करते हैं।

कोर्ट ने कहा- 'हर व्यक्ति की निजता होती है'
इसके अलावा कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी किसी के परिवार के खिलाफ कोई अपमानजनक बयान नहीं दे सकता और न ही देना चाहिए। हर व्यक्ति की अपनी प्राइवेसी होती है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए और उसकी इमेज की भी रक्षा की जानी चाहिए। बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के तर्क पर, कोर्ट ने साफ किया कि बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का मतलब यह नहीं है कि कोई किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर सकता है।
कोर्ट ने अभिनव कश्यप और अन्य लोगों को किसी भी तरह का अपमानजनक कंटेंट बनाने, वीडियो अपलोड करने, पोस्ट करने, री-पोस्ट करने, इंटरव्यू देने, बातचीत करने, अपलोड करने, प्रिंट करने, पब्लिश करने, री-पब्लिश करने, होस्ट करने, सर्कुलेट करने या री-सर्कुलेट करने से अस्थायी रूप से रोक दिया। साथ ही कोर्ट ने उन्हें एक्टर व उसके परिवार के संबंध में कोई भी टिप्पणी, पोस्ट, मैसेज, ट्वीट, वीडियो, इंटरव्यू, बातचीत करने से भी रोक दिया, जब तक वे पेश नहीं होते और अपना जवाब दाखिल नहीं करते।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed