चुनावी मौसम में बप्पी लाहिरी ने छोड़ी बायोपिक की सुरसुरी, रणवीर को बताया खास पसंद
हिंदी सिनेमा की संगीत लहरियों से कब के दूर हो चुके गायक और संगीतकार बप्पी लाहिरी ने अब अपनी ही बायोपिक का नया शिगूफा छेड़ दिया है। भारतीय फिल्मों में डिस्को लाने वाले बप्पी लाहिरी पिछले कुछ साल से फिल्मों में पार्श्वगायन के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहे हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में उनका करियर करीब-करीब खत्म हो चुका है।
अपने गहनों के लिए मशहूर रहे बप्पी लाहिरी पिछले आम चुनाव के वक्त भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और पश्चिम बंगाल की श्रीरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़े। चुनाव में हारने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता कम ही रही। अब वह फिर से चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं और सुर्खियों में बने रहने के लिए तमाम तरह के जतन भी कर रहे हैं।
66 साल के हो चुके बप्पी लााहिरी मशहूर गायक किशोर कुमार के भांजे हैं और तीन साल की उम्र में ही उन्होंने तबला बजाना सीख लिया था। बतौर संगीतकार उन्हें पहला ब्रेक 19 साल की उम्र में बांग्ला फिल्म दद्दू में मिला। नन्हा शिकारी बतौर संगीतकार उनकी पहली हिंदी फिल्म रही।
अपनी बायोपिक की खबर बप्पी लाहिरी खुद ही बना रहे
अपनी बायोपिक की खबर बप्पी लाहिरी खुद ही बना रहे हैं। हालांकि किसी बड़े प्रोडक्शन हाउस ने अब तक उनकी बायोपिक बनाने की पहल नहीं की है। लेकिन बप्पी लाहिरी का दावा है कि उन्हें कई लोग बायोपिक के लिए संपर्क कर चुके हैं। वह ये भी कहते हैं कि इसी साल उनकी बायोपिक पर काम शुरू हो जाएगा।
बीजेपी के सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल के लिए इस बार उनका नाम टिकट की लिस्ट में नहीं है। लेकिन, बप्पी लाहिरी लगातार बीजेपी के बड़े नेताओं से संपर्क बनाए हुए। उन्हें लगता है कि पश्चिम बंगाल में इस बार बीजेपी की हवा ठीक है और उन्हें टिकट मिला तो वह संसद पहुंच सकते हैं।
अपनी बायोपिक की सरगर्मी में बप्पी लाहिरी ने हिंदी सिनेमा के नंबर टू हीरो रणवीर सिंह का नाम भी जोड़ लिया है। वह कहते हैं, 'मेरा किरदार परदे पर रणवीर सिंह से बेहतर कोई नहीं कर सकता।' रणवीर ने एक फिल्म समारोह मेें उनके गानों पर खास प्रस्तुति भी दी थी।