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राजद्रोह मामला: लक्षद्वीप पुलिस ने पूछताछ के बाद आयशा सुल्ताना को छोड़ा, बोलीं- अब सब खत्म
Thu, 24 Jun 2021 11:17 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीपाली श्रीवास्तव
Updated Thu, 24 Jun 2021 11:17 PM IST
सार
- आयशा सुल्ताना से तीन घंटे तक लक्षद्वीप पुलिस ने की पूछताछ।
- पूछताछ के बाद बाहर आकर आयशा बोलीं- अब मैं कोच्चि जा सकती हूं।
- बीजेपी प्रमुख सी अब्दुल कादर हाजी ने आयशा के खिलाफ दर्ज करवाई थी शिकायत।
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आयशा सुल्ताना
- फोटो : Instagram
विस्तार
लक्षद्वीप की पहली फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना पिछले कुछ दिनों से विवादों में घिरी हुई हैं। उनपर राजद्रोह का आरोप लगा है, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। आयशा से रविवार, बुधवार और गुरुवार को इस मामले में पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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लक्षद्वीप के कावारत्ती पुलिस स्टेशन में तीन घंटे पूछताछ के बाद बाहर आते वक्त आयशा ने कहा कि अब सब खत्म हो गया है। मुझसे पुलिस ने कहा है कि मैं कोच्चि जा सकती हूं। अब मैं वहां के लिए रवाना हो जाऊंगी। मैं शायद कल या परसो तक वहां पहुंचूंगी। बता दें, इससे पहले बुधवार को उनसे करीब आठ घंटे पूछताछ की गई थी। तब आयशा ने कहा था कि पुलिस ने मेरे फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप अकाउंट की जांच की। वह ये जांच कर रहे थे कि क्या मेरे विदेश में भी कोई लिंक हैं।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले दिनों एक टीवी चैनल डिबेट के दौरान फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना ने कहा कि लक्षद्वीप में अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं था, लेकिन अब हर रोज 100 मामले सामने आ रहे हैं। मैं स्पष्ट तौर पर कह सकती हूं कि केंद्र सरकार ने बायो वेपन के तौर पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल की तैनाती की है। वह यहां पर अलोकतांत्रिक, जनविरोधी नीतियों को लागू कर रहे हैं, जिससे कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आयशा सुल्ताना के बयान के बाद भाजपा ने इसकी कड़ी आलोचना की और उसके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाया। वहीं केंद्रशासित प्रदेश की भाजपा इकाई के कई नेता इस कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। यहां तक कि एक दर्जन से ज्यादा नेताओं ने पार्टी भी छोड़ दी है।
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भाजपा की लक्षद्वीप इकाई के अध्यक्ष अब्दुल खादर ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अब्दुल खादर का आरोप है कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 के प्रसार के बारे में झूठी खबर फैलाई थी। साथ ही यह भी कहा कि यह सुल्ताना का राष्ट्रविरोधी कृत्य था, जिसने केंद्र सरकार की 'देशभक्ति की छवि' को धूमिल किया। साथ ही उन्होंने इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। बता दें कि इससे पहले भाजपा ने फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए द्वीप में विरोध प्रदर्शन किया था।