Nitin Desai death: एडलवाइस अधिकारियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से कोई अंतरिम राहत नहीं, अब 18 अगस्त को होगी सुनवाई
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को प्रसिद्ध फिल्म कला निर्देशक नितिन देसाई को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एडलवाइस कंपनी के अधिकारियों को तत्काल अंतरिम राहत देने वाला कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है।
विस्तार
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को प्रसिद्ध फिल्म कला निर्देशक नितिन देसाई को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एडलवाइस कंपनी के अधिकारियों को तत्काल अंतरिम राहत देने वाला कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि वह 18 अगस्त को एफआईआर के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति एन डब्ल्यू साम्ब्रे और न्यायमूर्ति आर एन लड्ढा की खंडपीठ ने देसाई की पत्नी को भी नोटिस जारी किया, जो इस मामले में शिकायतकर्ता हैं।
एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन राशेश शाह, एडलवाइस एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी राज कुमार बंसल और कंपनी के दो अन्य अधिकारियों का नाम प्राथमिकी में बतौर आरोपी दर्ज किया गया है। कंपनी के अधिकारियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने अदालत से उन्हें किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा देने और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया।
लोक अभियोजक अरुणा कामत पई ने अदालत को बताया कि मामले में प्राथमिकी पिछले सप्ताह ही दर्ज की गई थी और मामले की जांच अभी भी जारी है। इसके बाद पीठ ने कहा कि वह याचिकाओं पर 18 अगस्त को सुनवाई करेगी। अदालत ने कहा, 'एक सप्ताह तक प्रतीक्षा करें। हम 18 अगस्त को मामले की सुनवाई करेंगे और मांगे गए अंतरिम आदेशों पर विचार करेंगे।'
बता दें कि नितिन देसाई (57) दो अगस्त को रायगढ़ जिले के कर्जत में अपने स्टूडियो में फंदे से लटके पाए गये थे। उन्होंने ‘लगान’ और ‘जोधा अकबर’ जैसी फिल्मों और टीवी कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का भव्य सेट तैयार किया है। देसाई की पत्नी ने चार अगस्त को उनकी मौत के मामले में खालापुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद शाह तथा बंसल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें: 20 साल बाद 'तारा सिंह' ने फिर में मचाया गदर, थिएटर में लगे हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे