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Exclusive: परदे पर उतरेगी अमीश त्रिपाठी की शिवत्रयी, मेकर्स को बेचे 3 किताबों के कॉपीराइट्स
Wed, 12 Jun 2019 06:39 AM IST
anand anand
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Wed, 12 Jun 2019 06:39 AM IST
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मशहूर लेखक अमीश त्रिपाठी
- फोटो : amar ujala
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किताबों और उपन्यासों के आधार पर फिल्में और सीरियल बनाना कोई नई बात नहीं। हिंदी सिनेमा के शुरुआती दिनों से ही किताबों और उपन्यासों पर फिल्में बनती आई हैं। खास बात यह है कि दशकों पहले शुरू हुआ यह ट्रेंड आज भी उतनी ही नही बल्कि उससे कही ज्यादा तेजी से चल रहा है। देवदास से लेकर चंद्रकांता तक या फिर 3 इडियट से लेकर 2 स्टेट्स तक ऐसी बहुत सारी फिल्में और धारावाहिक किताबों पर बन चुके हैं। अब बारी है देश की सबसे तेज और सबसे ज्यादा प्रतियां बिकने वाली किताब मेल्हुआ की।
मौजूदा समय मे देश के सबसे नामी लेखकों में से एक अमीश त्रिपाठी की भगवान शिव की कहानियों पर आधारित किताब मेल्हुआ और इस कड़ी की बाकी की दोनों किताबों द सीक्रेट ऑफ नागाज और द ओथ ऑफ वायुपुत्राज पर भी इसी दिशा में काम शुरू हो चुका है। अमीश त्रिपाठी की शिवत्रयी की पहली किताब द इम्मोर्टल्स ऑफ मेल्हुआ की कहानी खूबसूरत कल्पनाओं के सहारे से देवों के देव महादेव को वास्तविक रूप में दर्शाने का प्रयत्न है। कहानी एक प्राचीन देश मेल्हुआ की है, जो कई शताब्दी पहले भगवान राम द्वारा स्थापित किया गया था। इस कड़ी की दूसरी किताब द सीक्रेट ऑफ नागाज को भी लोगो ने खूब पसंद किया। यह किताब एक ऐसे रहस्यमय साम्राज्य से परिचय कराती है जहां सबने मुखौटे पहने हैं और हर जगह कोई गहरा राज छिपा है।
मेल्हुआ के अंत से द सीक्रेट ऑफ नागाज का आगाज होता है। नागाज सती पर हमला बोल देते हैं और मेल्हुआ के रक्षक शिव अपनी पत्नी को बचाने में कामयाब होते हैं। नागाज जाते-जाते एक सिक्का छोड़ जाते हैं और उस सिक्के के दम पर शिव नागाज का रहस्य पता करने के लिए निकल पड़ते हैं। कड़ी की तीसरी और अंतिम किताब द ओथ ऑफ द वायुपुत्राज को भी पहले की दो क़िताबों की तरह पाठकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यह किताब द सीक्रेट ऑफ द नागाज के अंत से कहानी शुरु होती है। इसमें शिव को पता चलता है कि वास्तव में सोमरस ही सारी मुश्किलों की जड़ है।
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अमीश त्रिपाठी अपनी शिवत्रयी कड़ी की तीनों किताबों को फिल्म, वेब सीरीज या टीवी सीरीज में बनाने के सारे कॉपीराइट संबधी अधिकार बेच चुके हैं। इसके निर्माताओं ने इस बारे में सार्वजनिक सूचना भी जारी कर दी है।
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मौजूदा समय मे देश के सबसे नामी लेखकों में से एक अमीश त्रिपाठी की भगवान शिव की कहानियों पर आधारित किताब मेल्हुआ और इस कड़ी की बाकी की दोनों किताबों द सीक्रेट ऑफ नागाज और द ओथ ऑफ वायुपुत्राज पर भी इसी दिशा में काम शुरू हो चुका है। अमीश त्रिपाठी की शिवत्रयी की पहली किताब द इम्मोर्टल्स ऑफ मेल्हुआ की कहानी खूबसूरत कल्पनाओं के सहारे से देवों के देव महादेव को वास्तविक रूप में दर्शाने का प्रयत्न है। कहानी एक प्राचीन देश मेल्हुआ की है, जो कई शताब्दी पहले भगवान राम द्वारा स्थापित किया गया था। इस कड़ी की दूसरी किताब द सीक्रेट ऑफ नागाज को भी लोगो ने खूब पसंद किया। यह किताब एक ऐसे रहस्यमय साम्राज्य से परिचय कराती है जहां सबने मुखौटे पहने हैं और हर जगह कोई गहरा राज छिपा है।
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मेल्हुआ के अंत से द सीक्रेट ऑफ नागाज का आगाज होता है। नागाज सती पर हमला बोल देते हैं और मेल्हुआ के रक्षक शिव अपनी पत्नी को बचाने में कामयाब होते हैं। नागाज जाते-जाते एक सिक्का छोड़ जाते हैं और उस सिक्के के दम पर शिव नागाज का रहस्य पता करने के लिए निकल पड़ते हैं। कड़ी की तीसरी और अंतिम किताब द ओथ ऑफ द वायुपुत्राज को भी पहले की दो क़िताबों की तरह पाठकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यह किताब द सीक्रेट ऑफ द नागाज के अंत से कहानी शुरु होती है। इसमें शिव को पता चलता है कि वास्तव में सोमरस ही सारी मुश्किलों की जड़ है।
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अमीश त्रिपाठी अपनी शिवत्रयी कड़ी की तीनों किताबों को फिल्म, वेब सीरीज या टीवी सीरीज में बनाने के सारे कॉपीराइट संबधी अधिकार बेच चुके हैं। इसके निर्माताओं ने इस बारे में सार्वजनिक सूचना भी जारी कर दी है।