बच्चे को लेकर विवादों में आईं ऐश्वर्या राय बच्चन
देश के एक नामी ज्वेलर्स के विज्ञापन को लेकर ऐश्वर्या राय बच्चन गंभीर विवाद में फंसती नजर आ रही हैं। विज्ञापन में ऐश्वर्या पर जातिवाद और रंगभेद करने का आरोप लगा है।
मामले में ऐश्वर्या को एक खुला पत्र भी लिया गया है, जिसमें उनकी मानसिकता को लेकर सवाल खड़ा किया गया है। साथ उन्हें मध्यकालीन युग की राजा-गुलाम मानसिकता को बढ़ावा देने का दोषी भी कहा गया है।
मामले में जबर्दस्त विरोध का सामना कर रही ऐश्वर्या ने मामले में सफाई दी है। उनके मुताबिक विज्ञापन कंपनी ने अपनी तरफ से विज्ञापन में बदलाव कर दिए हैं। विज्ञापन की शूटिंग के वक्त ऐसा कुछ नहीं था।
क्या है वो विज्ञापन, अमिताभ की क्यों हो रही आलोचना
दअसल, पिछले हफ्ते एक प्रमुख हिन्दी दैनिक में कल्याण ज्वेलर्स का नया विज्ञापन प्रकाशित हुआ। जिसमें ऐश्वर्या एक रानी की तरह दिख रही हैं और उनके पीछे एक सांवले रंग का बच्चा उनके सिर पर छाता लेकर खड़ा है।
इसमें बच्चे को गुलाम के तौर पर देखते हुए कई सामाजिक संगठन इस विज्ञापन और ऐश्वर्या का विरोध कर रहे हैं। दरअसल, यह विज्ञापन 17वीं 18वीं सदी की उन युरोपीय पेंटिंग पर आधारित हैं, जिसमें वहां की राजघरानों की महिलाओं को अश्वेत गुलामों के साथ दिखाया जाता था।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक और तस्वीर तेजी से ट्रेंड करने लगी जिसमें अमिताभ कल्याण ज्वेलर्स की ओर से आयोजित एक दाल-बाटी समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। इस तस्वीर पर भी लोग जमकर विरोध जता रहे हैं।