भूपेन हजारिका के भाई समर हजारिका का निधन, 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; मुख्यमंत्री ने जताया दुख
Samar Hazarika Death: मशहूर असमिया गायक और भूपेन हजारिका के भाई समर हजारिका का निधन हो गया है। जानिए क्या थी उनकी मौत की वजह...
विस्तार
दिग्गज गायक भूपेन हजारिका के भाई और मशहूर असमिया संगीतकार समर हजारिका का आज निधन हो गया। समर हजारिका कुछ समय से बीमार थे और हाल ही में अस्पताल से छुट्टी पाकर घर लौटे थे। उनके निधन की जानकारी परिवार की ओर से दी गई। गायक का निधन निजारापार स्थित उनके आवास पर हुआ। जहां पूरा हजारिका परिवार एक पहाड़ी की चोटी पर बने अलग-अलग घरों में रहता था।
भाई की विरासत को बढ़ाया आगे
समर हजारिका भूपेन हजारिका के सबसे छोटे भाई थे। वो अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उन्होंने रेडियो, एल्बम और फिल्मों के लिए संगीत दिया और कई गाने भी गाए। उन्होंने भूपेन हजारिका की विरासत को आगे बढ़ाया और उनकी ही तरह मानवता और बंधुत्व के गीतों को अपने करियर में प्राथमिकता दी।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जताया दुख
समर हजारिका के निधन पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दुख जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि, ‘उनकी मधुर आवाज हर अवसर को रोशन कर देती थी। उन्होंने असम के सांस्कृतिक परिदृश्य में अमिट योगदान दिया। उन्होंने सुधाकांत डॉ. भूपेन हजारिका की समृद्ध विरासत को भी आगे बढ़ाया और उनकी जन्म शताब्दी मनाने के हमारे प्रयासों में व्यापक योगदान दिया। उनके निधन से असम ने एक और स्वर्णिम आवाज खो दी है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार और फैंस के साथ हैं।’
Anguished by the passing away of veteran singer Shri Samar Hazarika.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 13, 2026
His soulful voice lighted up every occasion and he made indelible contributions to Assam's cultural scenario.
He also carried forward the rich legacy of Sudhakantha Dr. Bhupen Hazarika and extensively… pic.twitter.com/GlMbogWgNr
असमिया संगीत में अमर रहेगा उनका योगदान
केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने भी समर हजारिका के निधन पर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कहा, ‘माघ बिहू पर्व के दिन प्रख्यात गायक के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने अपनी मधुर आवाज से लोगों के दिलों को मोह लिया था। असमिया संगीत में उनका योगदान अमर रहेगा और हमेशा याद किया जाएगा।’